नरेंद्र मोदी को बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में ना हो देरी : जेटली
नई दिल्ली | राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने नरेन्द्र मोदी का नाम लिए बिना उनके लिए बैटिंग करते हुए आगाह किया कि पार्टी में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर कोई विवाद ‘हिट विकेट’ साबित होगा और अगर बीजेपी अगले लोकसभा चुनाव में हारती है तो उसकी एकमात्र संभावित वजह यही होगी. उन्होंने इशारा किया कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया जाना चाहिए.
यूपीए सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘इस सरकार के सामने समस्याओं में नेतृत्व भी एक मुद्दा है. यूपीए में कोई प्रभावशाली नेतृत्व नहीं है. इसके चलते लोग भाजपा की ओर टकटकी लगाए हैं.’ यहां पार्टी मुख्यालय में बीजेपी के विधि प्रकोष्ठ के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी जितनी जल्दी अपने नेता (प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार) के नाम की घोषणा करेगी, उतना ही पार्टी के लिए बेहतर होगा.
इस संदर्भ में तर्क बढ़ाते हुए जेटली ने कहा, ‘संसदीय चुनाव कई बार राष्ट्रपति चुनाव की तरह हो जाते हैं, खासतौर पर जब नेता बहुत लोकप्रिय होता है. अटल बिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के मामले में ऐसा हुआ है.’ उन्होंने कहा, अगर अगला आम चुनाव नेतृत्व के विषय पर रिफरेंडम (जनमत संग्रह) बन गया तो बीजेपी निश्चित रूप से विजयी होगी. इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने आगाह किया कि नेतृत्व के विषय पर किसी भी तरह का विवाद चुनावों में बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकता है.
जेटली ने कहा, ‘हमें हिट विकेट नहीं होना चाहिए. इस समय जो माहौल है, उसमें कोई आपको अपनी गेंद से आउट नहीं कर सकता बल्कि आप खुद ही अपना विकेट गिरा सकते हैं. सिर्फ इसी स्थिति में हम चुनाव हार सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार दो लोकसभा चुनाव हार चुकी है लेकिन आज माहौल बीजेपी के पक्ष में बन रहा है.
जेटली अकसर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि भाजपा को मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देना चाहिए. हालांकि बताया जाता है कि पार्टी के कुछ नेता इस विचार के पुरजोर विरोधी हैं. ऐसे नेताओं का कहना है कि मोदी का चेहरा ध्रुवीकरण वाला है और चुनाव के बाद प्रधानमंत्री के नाम को तय किया जाए.
उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यूपीए सरकार के खिलाफ व्यापक सत्ता-विरोधी लहर है और ‘सत्ता-विरोधी लहर एक ऐसी चीज है जिसमें विपक्ष जीतता है क्योंकि जनता सरकार को नकार देती है.’ जेटली ने पार्टी के अंदर मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमारी समस्या है कि कई सारे प्रवक्ता हैं. एक व्यक्ति टीवी चैनलों की बहसों में जा रहा है और खुद को बीजेपी की युवा इकाई से जुड़ा होने का दावा करता है. हम इस प्रवक्ता का सुराग नहीं लगा पाए हैं.’
जेटली उस कथित नेता का जिक्र कर रहे थे जिसने युवा मोर्चा का सदस्य होने का दावा करके समाचार चैनलों की चर्चा में हिस्सा लिया और यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे आसाराम का बचाव किया.
यूपीए सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘इस सरकार के सामने समस्याओं में नेतृत्व भी एक मुद्दा है. यूपीए में कोई प्रभावशाली नेतृत्व नहीं है. इसके चलते लोग भाजपा की ओर टकटकी लगाए हैं.’ यहां पार्टी मुख्यालय में बीजेपी के विधि प्रकोष्ठ के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी जितनी जल्दी अपने नेता (प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार) के नाम की घोषणा करेगी, उतना ही पार्टी के लिए बेहतर होगा.
इस संदर्भ में तर्क बढ़ाते हुए जेटली ने कहा, ‘संसदीय चुनाव कई बार राष्ट्रपति चुनाव की तरह हो जाते हैं, खासतौर पर जब नेता बहुत लोकप्रिय होता है. अटल बिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के मामले में ऐसा हुआ है.’ उन्होंने कहा, अगर अगला आम चुनाव नेतृत्व के विषय पर रिफरेंडम (जनमत संग्रह) बन गया तो बीजेपी निश्चित रूप से विजयी होगी. इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने आगाह किया कि नेतृत्व के विषय पर किसी भी तरह का विवाद चुनावों में बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकता है.
जेटली ने कहा, ‘हमें हिट विकेट नहीं होना चाहिए. इस समय जो माहौल है, उसमें कोई आपको अपनी गेंद से आउट नहीं कर सकता बल्कि आप खुद ही अपना विकेट गिरा सकते हैं. सिर्फ इसी स्थिति में हम चुनाव हार सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि बीजेपी लगातार दो लोकसभा चुनाव हार चुकी है लेकिन आज माहौल बीजेपी के पक्ष में बन रहा है.
जेटली अकसर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि भाजपा को मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देना चाहिए. हालांकि बताया जाता है कि पार्टी के कुछ नेता इस विचार के पुरजोर विरोधी हैं. ऐसे नेताओं का कहना है कि मोदी का चेहरा ध्रुवीकरण वाला है और चुनाव के बाद प्रधानमंत्री के नाम को तय किया जाए.
उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यूपीए सरकार के खिलाफ व्यापक सत्ता-विरोधी लहर है और ‘सत्ता-विरोधी लहर एक ऐसी चीज है जिसमें विपक्ष जीतता है क्योंकि जनता सरकार को नकार देती है.’ जेटली ने पार्टी के अंदर मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमारी समस्या है कि कई सारे प्रवक्ता हैं. एक व्यक्ति टीवी चैनलों की बहसों में जा रहा है और खुद को बीजेपी की युवा इकाई से जुड़ा होने का दावा करता है. हम इस प्रवक्ता का सुराग नहीं लगा पाए हैं.’
जेटली उस कथित नेता का जिक्र कर रहे थे जिसने युवा मोर्चा का सदस्य होने का दावा करके समाचार चैनलों की चर्चा में हिस्सा लिया और यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे आसाराम का बचाव किया.

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