हर महीने 40-50 पैसे प्रति लीटर से ज्यादा नहीं बढ़ेंगे डीजल : मोइली
नई दिल्ली । पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने आज कहा कि डीजल के दाम
में एकमुश्त उंची वृद्धि करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने
कहा कि डीजल के दाम प्रति माह 40-50 पैसे प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ाने के
लिए कोई प्रस्ताव कैबिनेट के पास नहीं भेजा गया है। इस साल जनवरी से डीजल
मूल्य में हर महीने 40-50 पैसे प्रति लीटर वृद्धि की नीति लागू है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया, हमें उद्देश्य को लेकर और उपभोक्ता के हित में निर्णय करना है। फिलहाल डीजल के दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और कैबिनेट ने जनवरी में जिसके लिए अधिकृत किया था, उसे छोड़कर डीजल मूल्य वृद्धि का अन्य कोई प्रस्ताव नहीं है। चालू वित्त वर्ष में डालर के मुकाबले रपये में गिरावट के चलते ईंधन की लागत एवं खुदरा बिक्री मूल्य के बीच अंतर बढ़ गया। इस समय, डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर 14.50 रुपये का नुकसान कंपनियों को हो रहा है।
इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को केरोसिन की बिक्री पर 36.83 रुपये प्रति लीटर और घरेलू रसोई गैस पर 470.38 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) का नुकसान हो रहा है।मोइली ने कहा, हम नुकसान को लेकर चिंतित हैं। हम इसे कम करने के लिए अन्य विकल्पों पर काम कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या मूल्य वृद्धि पर विचार किया जाना है, मोइली ने कहा, यदि आप मुझसे आज पूछें तो ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। लेकिन हम गतिशील वातावरण में रहते हैं। मोइली ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में डीजल, एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर करीब 1,28,976 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है जिसे 66,931 करोड़ रुपये की सरकारी नकद सब्सिडी और अन्य 62,045 करोड़ रुपये ओएनजीसी जैसी कंपनियों द्वारा पूरा किया जाएगा।
उन्होंने यहां संवाददाताओं को बताया, हमें उद्देश्य को लेकर और उपभोक्ता के हित में निर्णय करना है। फिलहाल डीजल के दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और कैबिनेट ने जनवरी में जिसके लिए अधिकृत किया था, उसे छोड़कर डीजल मूल्य वृद्धि का अन्य कोई प्रस्ताव नहीं है। चालू वित्त वर्ष में डालर के मुकाबले रपये में गिरावट के चलते ईंधन की लागत एवं खुदरा बिक्री मूल्य के बीच अंतर बढ़ गया। इस समय, डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर 14.50 रुपये का नुकसान कंपनियों को हो रहा है।
इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को केरोसिन की बिक्री पर 36.83 रुपये प्रति लीटर और घरेलू रसोई गैस पर 470.38 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) का नुकसान हो रहा है।मोइली ने कहा, हम नुकसान को लेकर चिंतित हैं। हम इसे कम करने के लिए अन्य विकल्पों पर काम कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या मूल्य वृद्धि पर विचार किया जाना है, मोइली ने कहा, यदि आप मुझसे आज पूछें तो ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। लेकिन हम गतिशील वातावरण में रहते हैं। मोइली ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में डीजल, एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर करीब 1,28,976 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है जिसे 66,931 करोड़ रुपये की सरकारी नकद सब्सिडी और अन्य 62,045 करोड़ रुपये ओएनजीसी जैसी कंपनियों द्वारा पूरा किया जाएगा।

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