पाक में भूकंप से 80 लोगों की मौत
इस्लामाबाद।। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आए भूकंप से अब
भारी जान-माल के नुकसान की खबरें आ रही हैं। 7.7 तीव्रता के इस भूकंप से
बलूचिस्तान के अवारान जिले में 80 लोगों की मौत और 80 के घायल होने की खबर
है। इलाके के करीब 30 फीसदी घर तबाह हो गए हैं। मरने वालों की तादाद बढ़ने
की आशंका है।
समुद्र में बन गया टापूः इस जबर्दस्त भूकंप से भारी तबाही के बीच पाकिस्तान के ग्वादर तट पर एक दिलचस्प घटना देने को मिली है। भूकंप के ठीक बाद ग्वादर तट से 350 फीट दूर बीच समुद्र में एक टापू उभर आया। टापू का क्षेत्रफल करीब 40 स्क्वेयर फीट बताया जा रहा है। पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर समुद्र के बीच में उभरे इस टापू की तस्वीरें दिखाई गई हैं। ग्वादर के डीआईजी के मुताबिक यह टापू तट से करीब 350 फीट की दूर पर अचानक अभर आया।
मलबे में कई के दबे होने की आशंकाः बलूचिस्तान असेंबली के डेप्युटी स्वीकर अब्दुल कदूस ने बताया कि भूकंप से प्रभावित इलाकों से खबरें आने में वक्त लग रहा है। बलूचिस्तान के अवारान जिले से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक 80 लोगों के मारे जाने की खबर है। अधिकतर लोगों की मौत घर के मलबे में दबने के कारण हुई। कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। गौरतलब है कि 7.7 तीव्रता के इस भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान में जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था।बलूचिस्तान में आए तेज भूंकप ने दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत को भी हिला दिया था। भूकंप इतना तगड़ा था कि भारत में भी दो मिनट तक इसके झटके महसूस किए गए। हालांकि भारत के किसी इलाके से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पाकिस्तान के मुख्य मौसम विज्ञानी मोहम्मद रियाज ने बताया कि इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 थी। उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के खुजदार इलाके में जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था। वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान निगरानी केंद्र के डायरेक्टर जाहिद रफी ने बताया कि बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा तथा कुछ दूसरे इलाकों में भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा थी। रफी ने कहा, जाफराबाद, नोसखी, कालत, विंडर, नसीराबाद, फुंजगुर तथा मस्तुंग भूकंप से प्रभावित हुए हैं। कराची, हैदराबाद, खैरपुर तथा लरकाना में झटके महूसस किए गए।
7.7 तीव्रता का भूकंप काफी तेज माना जाता है। भारत के मुकाबले पाकिस्तान में भूकंप के ज्यादा तेज झटके महसूस किए गए। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। कराची के चुंदरीगढ़ रोड इलाके के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। शहर में सबसे पहले इसी इलाके में भूकंप का झटका महसूस किया गया। बैंकर समीरा ने कहा, मैं जिस कुर्सी पर बैठी हुई थी, वह हिलने लगी और लोग भूकंप-भूकंप कहकर चीखने लगे। हम तत्काल अपनी इमारत से बाहर आ गए। कराची के क्लिफ्टन, डिफेंस, गुलशन-ए-इकबाल, बहादुराबाद इलाकों के लोग भी अपने घरों एवं दफ्तरों से बाहर निकल गए।
पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर लोगों को घर और ऑफिस के बाहर दहशत में खड़े देखा गया। बलूचिस्तान में 2011 में भी 7.22 तीव्रता का तगड़ा भूकंप आया था। तब इतना नुकसान नहीं हुआ था। ईरान में इस साल अप्रैल को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 35 लोगों की जान चली गई थी।
समुद्र में बन गया टापूः इस जबर्दस्त भूकंप से भारी तबाही के बीच पाकिस्तान के ग्वादर तट पर एक दिलचस्प घटना देने को मिली है। भूकंप के ठीक बाद ग्वादर तट से 350 फीट दूर बीच समुद्र में एक टापू उभर आया। टापू का क्षेत्रफल करीब 40 स्क्वेयर फीट बताया जा रहा है। पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर समुद्र के बीच में उभरे इस टापू की तस्वीरें दिखाई गई हैं। ग्वादर के डीआईजी के मुताबिक यह टापू तट से करीब 350 फीट की दूर पर अचानक अभर आया।
मलबे में कई के दबे होने की आशंकाः बलूचिस्तान असेंबली के डेप्युटी स्वीकर अब्दुल कदूस ने बताया कि भूकंप से प्रभावित इलाकों से खबरें आने में वक्त लग रहा है। बलूचिस्तान के अवारान जिले से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक 80 लोगों के मारे जाने की खबर है। अधिकतर लोगों की मौत घर के मलबे में दबने के कारण हुई। कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। गौरतलब है कि 7.7 तीव्रता के इस भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान में जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था।बलूचिस्तान में आए तेज भूंकप ने दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत को भी हिला दिया था। भूकंप इतना तगड़ा था कि भारत में भी दो मिनट तक इसके झटके महसूस किए गए। हालांकि भारत के किसी इलाके से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
पाकिस्तान के मुख्य मौसम विज्ञानी मोहम्मद रियाज ने बताया कि इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 थी। उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के खुजदार इलाके में जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था। वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान निगरानी केंद्र के डायरेक्टर जाहिद रफी ने बताया कि बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा तथा कुछ दूसरे इलाकों में भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा थी। रफी ने कहा, जाफराबाद, नोसखी, कालत, विंडर, नसीराबाद, फुंजगुर तथा मस्तुंग भूकंप से प्रभावित हुए हैं। कराची, हैदराबाद, खैरपुर तथा लरकाना में झटके महूसस किए गए।
7.7 तीव्रता का भूकंप काफी तेज माना जाता है। भारत के मुकाबले पाकिस्तान में भूकंप के ज्यादा तेज झटके महसूस किए गए। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। कराची के चुंदरीगढ़ रोड इलाके के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। शहर में सबसे पहले इसी इलाके में भूकंप का झटका महसूस किया गया। बैंकर समीरा ने कहा, मैं जिस कुर्सी पर बैठी हुई थी, वह हिलने लगी और लोग भूकंप-भूकंप कहकर चीखने लगे। हम तत्काल अपनी इमारत से बाहर आ गए। कराची के क्लिफ्टन, डिफेंस, गुलशन-ए-इकबाल, बहादुराबाद इलाकों के लोग भी अपने घरों एवं दफ्तरों से बाहर निकल गए।
पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर लोगों को घर और ऑफिस के बाहर दहशत में खड़े देखा गया। बलूचिस्तान में 2011 में भी 7.22 तीव्रता का तगड़ा भूकंप आया था। तब इतना नुकसान नहीं हुआ था। ईरान में इस साल अप्रैल को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 35 लोगों की जान चली गई थी।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com