आदिवासी अँचल के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहडोल संभाग में मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से आदिवासी अँचल के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। इन कॉलेज में विद्यार्थी चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर डॉक्टर-इंजीनियर बनकर प्रदेश की सेवा कर सकेंगे। श्री चौहान आज संभागीय मुख्यालय शहडोल में 400 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज एवं 25 करोड़ की लागत से बनने वाले इंजीनियरिंग कॉलेज की आधार-शिला रख रहे थे। इस मौके पर वन राज्य मंत्री श्री जयसिंह मरावी, राज्यसभा सांसद श्री प्रभात झा, विधायक सर्वश्री सुंदर सिंह, बली सिंह और दिलीप जायसवाल भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 1962 के बाद कोई मेडिकल कॉलेज प्रारंभ नहीं हुआ। वर्तमान सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के महत्व को देखते हुए पहले सागर में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया और अब शहडोल में मेडिकल कॉलेज की आधार-शिला रखी गई है। श्री चौहान ने कहा कि इन कॉलेज के खुलने से आदिवासी अँचल के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा सुलभ हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज खुलने से 4000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शहडोल में नर्सिंग कॉलेज प्रारंभ किये जाने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। प्रदेश में आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इन वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा लेने के लिये राज्य सरकार की ओर से बेहतर से बेहतर सुविधाएँ दी जा रही हैं। इन वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिये सरकारी खर्च पर विदेश भेजे जाने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा ऋण गारंटी योजना के तहत अब छात्र-छात्राओं को आसानी से ऋण उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। बैंक ऋण अदायगी की गारंटी बैंकों को राज्य सरकार देगी। कार्यक्रम को वन राज्य मंत्री श्री जयसिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया।
चिकित्सा महाविद्यालय में एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम के 150 छात्र प्रतिवर्ष प्रवेश ले सकेंगे। मेडिकल कॉलेज में 22 विभाग कार्य करेंगे। मरीजों की चिकित्सा के लिए 300 बिस्तर का सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भी बनाया जाएगा। इसमें सर्जरी, शिशु रोग, गायनी एवं प्रसूति रोग आदि विभाग संचालित होंगे। इस महाविद्यालय के संचालन के लिए करीब 200 चिकित्सा प्रध्यापक, सह प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, प्रदर्शक, सीनियर एवं रेसीडेंट पदस्थ किये जायेंगे। चिकित्सकों के साथ-साथ इस अस्पताल में 1200 स्टाफ नर्सेस तथा करीब 250 पैरा मेडीकल एवं अन्य स्टाफ की भी पद-स्थापना की जायेगी। मेडीकल कॉलेज में छात्रों के अध्ययन के लिए 4 व्याख्यान कक्ष, एक 350 छात्रों वाला बड़ा व्याख्यान कक्ष तथा 750 सीटर ऑडिटोरियम का निर्माण भी करवाया जायेगा। साथ ही 2400 वर्गमीटर के वातानुकूलित पुस्तकालय तथा परीक्षा हाल का निर्माण भी करवाया जायेगा।
मरीजों को सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा मिल सके, इस हेतु सभी प्रकार की जाँच जैसे पैथालॉजी, माइक्रो-बॉयलाजी, बायो-केमिस्ट्री, एक्स-रे, सोनोग्राफी आदि जाँच सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। आधुनिक जाँच जैसे सिटी स्केन एवं एमआरआई की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। ऑपरेशन के लिए माड्यूलर ओटी का निर्माण तथा मरीजों के भोजन के लिए मॉड्यूलर किचन का निर्माण भी करवाया जायेगा। छात्रों के लिए कैंटीन की व्यवस्था रहेगी तथा रहने के लिए हॉस्टल का निर्माण करवाया जायेगा। डॉक्टर्स, नर्सेस तथा स्टाफ के लिए आवासीय परिसर का निर्माण भी करवाया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज जिला चिकित्सालय शहडोल का निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय में करवाये गये कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने लोगों से जिला चिकित्सालय में मिल रही सुविधाओं के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 1962 के बाद कोई मेडिकल कॉलेज प्रारंभ नहीं हुआ। वर्तमान सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के महत्व को देखते हुए पहले सागर में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया और अब शहडोल में मेडिकल कॉलेज की आधार-शिला रखी गई है। श्री चौहान ने कहा कि इन कॉलेज के खुलने से आदिवासी अँचल के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा सुलभ हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज खुलने से 4000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शहडोल में नर्सिंग कॉलेज प्रारंभ किये जाने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। प्रदेश में आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इन वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा लेने के लिये राज्य सरकार की ओर से बेहतर से बेहतर सुविधाएँ दी जा रही हैं। इन वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिये सरकारी खर्च पर विदेश भेजे जाने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा ऋण गारंटी योजना के तहत अब छात्र-छात्राओं को आसानी से ऋण उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। बैंक ऋण अदायगी की गारंटी बैंकों को राज्य सरकार देगी। कार्यक्रम को वन राज्य मंत्री श्री जयसिंह मरावी ने भी सम्बोधित किया।
चिकित्सा महाविद्यालय में एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम के 150 छात्र प्रतिवर्ष प्रवेश ले सकेंगे। मेडिकल कॉलेज में 22 विभाग कार्य करेंगे। मरीजों की चिकित्सा के लिए 300 बिस्तर का सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भी बनाया जाएगा। इसमें सर्जरी, शिशु रोग, गायनी एवं प्रसूति रोग आदि विभाग संचालित होंगे। इस महाविद्यालय के संचालन के लिए करीब 200 चिकित्सा प्रध्यापक, सह प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, प्रदर्शक, सीनियर एवं रेसीडेंट पदस्थ किये जायेंगे। चिकित्सकों के साथ-साथ इस अस्पताल में 1200 स्टाफ नर्सेस तथा करीब 250 पैरा मेडीकल एवं अन्य स्टाफ की भी पद-स्थापना की जायेगी। मेडीकल कॉलेज में छात्रों के अध्ययन के लिए 4 व्याख्यान कक्ष, एक 350 छात्रों वाला बड़ा व्याख्यान कक्ष तथा 750 सीटर ऑडिटोरियम का निर्माण भी करवाया जायेगा। साथ ही 2400 वर्गमीटर के वातानुकूलित पुस्तकालय तथा परीक्षा हाल का निर्माण भी करवाया जायेगा।
मरीजों को सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा मिल सके, इस हेतु सभी प्रकार की जाँच जैसे पैथालॉजी, माइक्रो-बॉयलाजी, बायो-केमिस्ट्री, एक्स-रे, सोनोग्राफी आदि जाँच सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। आधुनिक जाँच जैसे सिटी स्केन एवं एमआरआई की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। ऑपरेशन के लिए माड्यूलर ओटी का निर्माण तथा मरीजों के भोजन के लिए मॉड्यूलर किचन का निर्माण भी करवाया जायेगा। छात्रों के लिए कैंटीन की व्यवस्था रहेगी तथा रहने के लिए हॉस्टल का निर्माण करवाया जायेगा। डॉक्टर्स, नर्सेस तथा स्टाफ के लिए आवासीय परिसर का निर्माण भी करवाया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज जिला चिकित्सालय शहडोल का निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय में करवाये गये कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने लोगों से जिला चिकित्सालय में मिल रही सुविधाओं के संबंध में चर्चा की।

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