मोदी के नाम का ऐलान विजयी फैसला: जेटली
नई दिल्ली | अगले साल के लोकसभा चुनावों के लिए नरेंद्र मोदी को भाजपा का प्रधानमंत्री
पद का उम्मीदवार बनाये जाने को विजयी निर्णय बताते हुए पार्टी नेता अरुण
जेटली ने रविवार को विश्वास जताया कि नाराज चल रहे लालकृष्ण आडवाणी
अंततोगत्वा इस फैसले का समर्थन करेंगे।एक निजी चैनल को दिये गये साक्षात्कार में जेटली ने माना कि भाजपा
में इस विषय पर दो वैकल्पिक विचार थे और अगले आम चुनावों के लिए मोदी को
पार्टी के चेहरे के तौर पर पेश करने का फैसला व्यापक हित को ध्यान में रखते
हुए पार्टी में जबर्दस्त बहुमत के साथ लिया गया।
उन्होंने कहा कि पार्टी में दो विकल्प हो सकते हैं, लेकिन पार्टी को व्यापक
जनहित का ध्यान रखना होगा। सामूहिक निर्णय न केवल बहुमत से बल्कि जबर्दस्त
बहुमत से लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमने सभी संभावित विकल्पों पर
विचार किया। हमने समर्थन कर रहे क्षेत्रों और कार्यकर्ताओं की राय पर विचार
किया। हम अपने सामान्य कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के विचारों को अनदेखा
नहीं कर सकते। जब पार्टी निर्णय लेती है तो आपको देखना होता है कि सामूहिक
सोच क्या है, कार्यकर्ताओं और समर्थन देने वाले मतदाता वर्ग से क्या सोच
निकल कर आ रही है।
जेटली ने कहा कि अधिकतर पार्टी कार्यकर्ताओं को लगता है कि अगले आम चुनावों
में सत्ता-विरोधी लहर होने के साथ ही एक नेता के लिए मतदान होगा और यहां
मोदी हमें लाभ देते दिखाई पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे पास फैसले को
टालने या फैसला नहीं ले पाने अथवा विजयी निर्णय नहीं लेने की आलोचना का
सामना करने के बीच एक का चुनाव करना था और हमने विजयी निर्णय लिया।
आडवाणीजी एक अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता होने के नाते अंततोगत्वा पार्टी के
हर फैसले का समर्थन करेंगे।
मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनावों के बाद भी पार्टी को पर्याप्त संख्या
नहीं मिलने पर सहयोगी दलों को स्वीकार्य किसी और नेता को चुनने तथा मोदी को
पीछे करने की संभावना के बारे में पूछे गये सवालों पर सीधा जवाब नहीं देते
हुए जेटली ने कहा कि मैं किसी काल्पनिक स्थिति पर चर्चा नहीं करूंगा।
उन्होंने कहा कि इस समय मेरी रणनीति, मेरी पार्टी की रणनीति अधिकतम सीटें
जीतने की है और सभी सर्वेक्षणों में मोदी ने लोकप्रियता के मामले में अन्य
नेताओं को बहुत पीछे छोड़ दिया है। जेटली ने दावा किया कि देश में राजनीति
के समीकरण बदल रहे हैं और गणित इस पर निर्भर करेगा।
मोदी के नाम के ऐलान के बाद किसी अन्य सहयोगी दल के राजग में शामिल नहीं
होने की संभावना के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हो सकता है कि
गुजरात के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया जाता,
तो भी संभवत: चुनाव पूर्व परिदृश्य में कई पूर्व सहयोगी फिर से राजग में
शामिल नहीं होते।

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