रोहित के बाद अश्विन ने भी जड़ा शतक
कोलकाता ।
पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ने की उपलब्धि हासिल करने वाले रोहित शर्मा
(नाबाद 135) और रविचंद्रन अश्विन (नाबाद 101) के सातवें विकेट के लिए 371
रन की बहुमूल्य अविजित साझेदारी की बदौलत भारत ने मास्टर ब्लास्टर सचिन
तेंदुलकर की विदाई सीरीज के पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे दिन
शुक्रवार को छह विकेट पर 376 रन बनाकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
इससे पहले गुरुवार को भारत ने एक समय अपने पांच विकेट 85 रन पर गंवा दिए थे लेकिन जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे रोहित शर्मा ने पहले कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी और फिर अश्विन के साथ दो शानदार साझेदारियां करते हुए न केवल भारत को गहरे संकट से बाहर निकाला बल्कि दूसरे दिन की समाप्ति पर ड्राइविंग सीट पर पहुंचा दिया।
भारत के पास अब 120 रन की बढ़त हो गई है जबकि उसके चार विकेट अभी बाकी हैं। हाल में वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने रोहित ने उस सिलसिले को कायम रखते हुए पदार्पण टेस्ट में शतक ठोकने की उपलब्धि हासिल कर ली। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के 13वें बल्लेबाज बन गए।
रोहित अब तक 228 गेंदों पर नाबाद 127 रन की पारी में 16 चौके और एक छक्का लगा चुके हैं जबकि अपने दूसरे शतक की तरफ अग्रसर हो चुके अश्विन 148 गेंदों पर नाबाद 92 रन में दस चौके लगा चुके हैं। दोनों बल्लेबाजों ने 50.5 ओवर में 198 रन की जबर्दस्त साझेदारी कर भारत को मैच में सुखद स्थिति में पहुंचा दिया।
भारत ने वेस्टइंडीज को बुधवार को पहली पारी में 234 रन पर निपटाया था और दिन की समाप्ति तक बिना कोई विकेट खोए 37 रन बना लिए थे। लेकिन दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों को कैरेबियाई गेंदबाजों ने खासा नचाया और भारत ने लंच तक अपने पांच विकेट 120 पर गंवा दिए थे। चायकाल के समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 229 रन था और दिन की समाप्ति पर यह स्कोर छह विकेट पर 354 रन पहुंच चुका था।
भारत को नाजुक स्थिति से निकालने का पूरी तरह श्रेय रोहित और अश्विन की जबर्दस्त बल्लेबाजी को जाता है। रोहित ने बेंगलूरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सातवें और आखिरी वनडे में दोहरा शतक ठोका था। रोहित को कोलकाता के ईडन गार्डन में यह टेस्ट शुरु होने से पूर्व कयूरेटर प्रवीर मुखर्जी ने पिच का निरीक्षण करने से रोका था। लेकिन रोहित ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से दिखाया कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के संन्यास के बाद खाली होने वाली जगह को भरने में सक्षम हैं।
सचिन अपने 199वें टेस्ट में 24 गेंदों पर दो चौकों की मदद से दस रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले ओपनर शिखर धवन और मुरली विजय अपनी पारियों को लंबा नहीं खींच पाए। शिखर अपने 21 रन के स्कोर में दो रन का इजाफा कर ऑफ स्पिनर शेन शिलिंगफोर्ड की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 23 रन बनाए।
शिलिंगफोर्ड ने फिर विजय को विकेटकीपर दिनेश रामदीन केहाथों स्टंप करा दिया। विजय ने 26 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा 17 रन बनाने के बाद पदार्पण टेस्ट खेल रहे तेज गेंदबाज शेल्डन काट्रेल की गेंद पर विकेटकीपर को कैच दे बैठे। मैदान में उतरे सचिन का तालियों की जोरदार गडगडाहट के साथ जबर्दस्त स्वागत हुआ लेकिन मास्टर ब्लास्टर 24 गेंद ही क्रीज पर गुजार सके और शिलिंगफोर्ड की गेंद पर पगबाधा हो गया।
ऑफ स्पिनर शिलिंगफोर्ड की दूसरा सचिन के पिछले पैड पर लगी और इंग्लैंड के अंपायर नाइजेल लॉन्ग ने पगबाधा की अपील पर अपनी उंगली उठा दी। हालांकि रिप्ले से लग रहा था कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल सकती थी। अंपायर की जैसे ही उंगली उठी पूरे ईडन गार्डन में सन्नाटा पसर गया। सचिन धीमे-धीमे कदमों से पवेलियन की तरफ लौट रहे थे जिससे दर्शकों का दिल टूटा और उन्हें खडे होकर तालियां बजाते हुए अपने महानायक का अभिवादन किया।
सचिन का विकेट 82 के स्कोर पर गिरा। शिलिंगफोर्ड ने सचिन का विकेट लेकर उनसे पहली पारी का बदला चुका दिया। सचिन ने कैरेबियाई पारी में शिलिंगफोर्ड को पगबाधा किया था। इस तरह सचिन को उनकी विदाई सीरीज में पहली बार आउट करने का श्रेय शिलिंगफोर्ड को गया।
सचिन के आउट होने के बाद विराट कोहली भी तुरंत पवेलियन लौट चले। शिलिंगफोर्ड की गेंद पर कोहली बैट पैड कैच कीरन पॉवेल ने लपक लिया। कोहली तीन रन ही बना सके। भारत का पांचवां विकेट 83 के स्कोर पर गिरा। रोहित ने कप्तान धौनी के साथ छठे विकेट के लिए 73 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। भारतीय पारी संभलती नजर आ रही थी कि टीनो बेस्ट की गेंद पर धौनी विकेटकीपर रामदीन को कैच थमा बैठे। धौनी ने 63 गेंदों पर 42 रन में पांच चौके लगाए।
इससे पहले गुरुवार को भारत ने एक समय अपने पांच विकेट 85 रन पर गंवा दिए थे लेकिन जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे रोहित शर्मा ने पहले कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी और फिर अश्विन के साथ दो शानदार साझेदारियां करते हुए न केवल भारत को गहरे संकट से बाहर निकाला बल्कि दूसरे दिन की समाप्ति पर ड्राइविंग सीट पर पहुंचा दिया।
भारत के पास अब 120 रन की बढ़त हो गई है जबकि उसके चार विकेट अभी बाकी हैं। हाल में वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने रोहित ने उस सिलसिले को कायम रखते हुए पदार्पण टेस्ट में शतक ठोकने की उपलब्धि हासिल कर ली। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के 13वें बल्लेबाज बन गए।
रोहित अब तक 228 गेंदों पर नाबाद 127 रन की पारी में 16 चौके और एक छक्का लगा चुके हैं जबकि अपने दूसरे शतक की तरफ अग्रसर हो चुके अश्विन 148 गेंदों पर नाबाद 92 रन में दस चौके लगा चुके हैं। दोनों बल्लेबाजों ने 50.5 ओवर में 198 रन की जबर्दस्त साझेदारी कर भारत को मैच में सुखद स्थिति में पहुंचा दिया।
भारत ने वेस्टइंडीज को बुधवार को पहली पारी में 234 रन पर निपटाया था और दिन की समाप्ति तक बिना कोई विकेट खोए 37 रन बना लिए थे। लेकिन दूसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों को कैरेबियाई गेंदबाजों ने खासा नचाया और भारत ने लंच तक अपने पांच विकेट 120 पर गंवा दिए थे। चायकाल के समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 229 रन था और दिन की समाप्ति पर यह स्कोर छह विकेट पर 354 रन पहुंच चुका था।
भारत को नाजुक स्थिति से निकालने का पूरी तरह श्रेय रोहित और अश्विन की जबर्दस्त बल्लेबाजी को जाता है। रोहित ने बेंगलूरू में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सातवें और आखिरी वनडे में दोहरा शतक ठोका था। रोहित को कोलकाता के ईडन गार्डन में यह टेस्ट शुरु होने से पूर्व कयूरेटर प्रवीर मुखर्जी ने पिच का निरीक्षण करने से रोका था। लेकिन रोहित ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से दिखाया कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के संन्यास के बाद खाली होने वाली जगह को भरने में सक्षम हैं।
सचिन अपने 199वें टेस्ट में 24 गेंदों पर दो चौकों की मदद से दस रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले ओपनर शिखर धवन और मुरली विजय अपनी पारियों को लंबा नहीं खींच पाए। शिखर अपने 21 रन के स्कोर में दो रन का इजाफा कर ऑफ स्पिनर शेन शिलिंगफोर्ड की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 23 रन बनाए।
शिलिंगफोर्ड ने फिर विजय को विकेटकीपर दिनेश रामदीन केहाथों स्टंप करा दिया। विजय ने 26 रन बनाए। चेतेश्वर पुजारा 17 रन बनाने के बाद पदार्पण टेस्ट खेल रहे तेज गेंदबाज शेल्डन काट्रेल की गेंद पर विकेटकीपर को कैच दे बैठे। मैदान में उतरे सचिन का तालियों की जोरदार गडगडाहट के साथ जबर्दस्त स्वागत हुआ लेकिन मास्टर ब्लास्टर 24 गेंद ही क्रीज पर गुजार सके और शिलिंगफोर्ड की गेंद पर पगबाधा हो गया।
ऑफ स्पिनर शिलिंगफोर्ड की दूसरा सचिन के पिछले पैड पर लगी और इंग्लैंड के अंपायर नाइजेल लॉन्ग ने पगबाधा की अपील पर अपनी उंगली उठा दी। हालांकि रिप्ले से लग रहा था कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से निकल सकती थी। अंपायर की जैसे ही उंगली उठी पूरे ईडन गार्डन में सन्नाटा पसर गया। सचिन धीमे-धीमे कदमों से पवेलियन की तरफ लौट रहे थे जिससे दर्शकों का दिल टूटा और उन्हें खडे होकर तालियां बजाते हुए अपने महानायक का अभिवादन किया।
सचिन का विकेट 82 के स्कोर पर गिरा। शिलिंगफोर्ड ने सचिन का विकेट लेकर उनसे पहली पारी का बदला चुका दिया। सचिन ने कैरेबियाई पारी में शिलिंगफोर्ड को पगबाधा किया था। इस तरह सचिन को उनकी विदाई सीरीज में पहली बार आउट करने का श्रेय शिलिंगफोर्ड को गया।
सचिन के आउट होने के बाद विराट कोहली भी तुरंत पवेलियन लौट चले। शिलिंगफोर्ड की गेंद पर कोहली बैट पैड कैच कीरन पॉवेल ने लपक लिया। कोहली तीन रन ही बना सके। भारत का पांचवां विकेट 83 के स्कोर पर गिरा। रोहित ने कप्तान धौनी के साथ छठे विकेट के लिए 73 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। भारतीय पारी संभलती नजर आ रही थी कि टीनो बेस्ट की गेंद पर धौनी विकेटकीपर रामदीन को कैच थमा बैठे। धौनी ने 63 गेंदों पर 42 रन में पांच चौके लगाए।

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