बाज़ार में आई अन्ना सीडी, सवालों के घेरे में केजरीवाल
मुंबई: अन्ना
की सीडी को लेकर आम आदमी पार्टी ने पूछा कौन है
सीडी के पीछे, सीडी में अन्ना कहते हुए दिख रहे हैं कि आंदोलन के नाम पर
करोड़ों रुपये वसूले गये, लेकिन उन्होंने एक रुपया नहीं लिया.यह सीडी
मंगलवार को टीवी पर आई. ये सीडी मुंबई में लोगों
को बांटी जा रही है. सीडी साल दो हजार बारह के दिसंबर महीने की है.आंदोलन
के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले गये, लेकिन मैंने एक रुपया नहीं लिया.ये
बातें हैं अन्ना हजारे की उस सीडी की जिसने अन्ना और आम आदमी पार्टी के
संयोजक अरविंद केजरीवाल के मतभेदों को फिर से बेपर्दा कर दिया है.अन्ना
हजारे सीडी में लोगों से ये कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि आंदोलन के दौरान
लोगों के डाटा उनके नाम का इस्तेमाल चुनाव में किया जा रहा है.अन्ना और
अरविंद केजरीवाल के मतभेदों को सार्वजनिक करने वाली ये सीडी पिछले साल यानि
2012 के दिसंबर महीने की है.
मतभेद सामने आए
अन्ना
हजारे और अरविंद केजरीवाल के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं. ताजा
मतभेद की वजह अन्ना सिम कार्ड हैं जिसे लेकर करीब 100 करोड़ रुपये की
धोखाधड़ी का केस दर्ज 24 अक्टूबर को दिल्ली की अदालत में दर्ज कराया गया
है.अन्ना सिम कार्ड को लेकर अन्ना औऱ केजरीवाल के पुराने सहयोगी
रूमल सिंह ने केस दर्ज कराया है. रूमल सिंह अरविंद की आम आदमी पार्टी से
अलग होकर भारतीय आम आदमी परिवार यानी बाप के सदस्य हैं.रूमल सिंह की
शिकायत पर दिल्ली की कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि सिम कार्ड के केस
में केजरीवाल, किरन बेदी और अन्ना के खिलाफ जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट दें.2011
में अन्ना आंदोलन के दौरान 25-25 रुपये में सिम कार्ड बेचे गए थे. रूमल
सिंह का दावा है कि करीब 4 करोड़ रुपये के सिम कार्ड बेचे गए.
अन्ना
सिम कार्ड के जरिए अन्ना आंदोलन की साल भर की जानकारी दी जानी थी. रूमल
सिंह का दावा है कि ये कार्ड कुछ दिन बाद ही बंद कर दिए गए.केजरीवाल
का कहना है कि चंदे के पैसे और अन्ना सिम कार्ड पर अन्ना हजारे को पूरा
हिसाब दिया जा चुका है. अन्ना सिम कार्ड अब बंद हो चुके हैं.अन्ना जब ये सवाल किया कि उन्होंने केजरीवाल को पत्र क्यों लिखा
वो फोन पर भी करके केजरीवाल से बात कर अपना संदेह दूर कर सकते थे तो
उन्होंने कहा कि उनका फोन टैप किया जाता है इसलिए उन्होंने पत्र लिखना
बेहतर समझा.

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com