40 साल से सीने में फंसा तीर 40 मिनट में निकल गया
इंदौर। एक आदिवासी गत 40 वर्षों से अपने सीने में फंसा हुआ तीर लेकर घूम रहा था। मालवा एवं पश्चिमी निमाड़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एम.वाय. में डाक्टरों ने सूझबूझ के साथ मात्र 40 मिनट में ही यह तीर निकाल दिया। हाल ही के दिनों में एम.वाय. में इस तरह का यह तीसरा आपरेशन किया गया।
पिछले एक माह से बड़े अस्पताल में हुए तीन सफल बड़े आपरेशनों ने मरीजों को नई जिंदगी जाने का एक अवसर दिया है। कल बड़े अस्पताल में आलीराजपुर के 60 वर्षीय बुजुर्ग के सीने में फंसे तीर को निकालकर डाक्टरों ने उन्हें नया जीवन दिया है। इस तीर को निकालना इतना आसान नहीं था, क्योंकि शरीर के सबसे मुलायम हिस्से दिल में यह तीर जा लगा था। 40 साल से अपने कलेजे में इस तीर को संभालकर रखने वाले मानसिंह के चेहरे पर तीर निकलने के बाद खुशी नजर आ रही थी। एक सप्ताह पहले एक कैदी के पेट से बड़े अस्पताल के डाक्टरों की टीम से इसे सफलता तक पहुंचा दिया।
सालों से कैदी माधवसिंह अपने पेट में ये वस्तुएं लिए फिर रहा था। 15 दिन पहले रतलाम की एक महिला को पेनक्रियाज आर्गन में पथरी थी। यह भी पहला ऐसा मामला था, जहां शरीर के इस हिस्से में पथरी थी। महिला को अत्यधिक तकलीफ थी, जिसके बाद डाक्टरों ने इलाज किया तो मालूम हुआ कि शरीर के इस हिस्से में पथरी है, जो खतरनाक है। आखिर डाक्टरों की टीम ने बड़े अस्पताल में ही इसका भी सफल आपरेशन किया।
मानसिंह का सफल आपरेशन करने में डॉ. सुमित शुक्ला, डॉ. अंकुर माहेश्वरी और डॉ. सोनिया जोसेस की अहम भूमिका रही। डॉ. शुक्ला के अनुसार शरीर के अंदर पुरानी चीजें रहने से वे परेशानी बढ़ाती हैं। मानसिंह के केस में उन्हें फायब्रोशिश हो गया था, जिससे आसपास की चीजें भी चिकपने लगी थी। हमने पिछले कुछ केसों के अनुभव के आधार पर यह आपरेशन किया और आखिरी में सफलता हाथ लगी।
पिछले एक माह से बड़े अस्पताल में हुए तीन सफल बड़े आपरेशनों ने मरीजों को नई जिंदगी जाने का एक अवसर दिया है। कल बड़े अस्पताल में आलीराजपुर के 60 वर्षीय बुजुर्ग के सीने में फंसे तीर को निकालकर डाक्टरों ने उन्हें नया जीवन दिया है। इस तीर को निकालना इतना आसान नहीं था, क्योंकि शरीर के सबसे मुलायम हिस्से दिल में यह तीर जा लगा था। 40 साल से अपने कलेजे में इस तीर को संभालकर रखने वाले मानसिंह के चेहरे पर तीर निकलने के बाद खुशी नजर आ रही थी। एक सप्ताह पहले एक कैदी के पेट से बड़े अस्पताल के डाक्टरों की टीम से इसे सफलता तक पहुंचा दिया।
सालों से कैदी माधवसिंह अपने पेट में ये वस्तुएं लिए फिर रहा था। 15 दिन पहले रतलाम की एक महिला को पेनक्रियाज आर्गन में पथरी थी। यह भी पहला ऐसा मामला था, जहां शरीर के इस हिस्से में पथरी थी। महिला को अत्यधिक तकलीफ थी, जिसके बाद डाक्टरों ने इलाज किया तो मालूम हुआ कि शरीर के इस हिस्से में पथरी है, जो खतरनाक है। आखिर डाक्टरों की टीम ने बड़े अस्पताल में ही इसका भी सफल आपरेशन किया।
मानसिंह का सफल आपरेशन करने में डॉ. सुमित शुक्ला, डॉ. अंकुर माहेश्वरी और डॉ. सोनिया जोसेस की अहम भूमिका रही। डॉ. शुक्ला के अनुसार शरीर के अंदर पुरानी चीजें रहने से वे परेशानी बढ़ाती हैं। मानसिंह के केस में उन्हें फायब्रोशिश हो गया था, जिससे आसपास की चीजें भी चिकपने लगी थी। हमने पिछले कुछ केसों के अनुभव के आधार पर यह आपरेशन किया और आखिरी में सफलता हाथ लगी।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com