पंख वाले डायनासोर पक्षियों से पहले उड़ सकते थे!
बीजिंग : पंख वाले डायनासोर पछियों से भी पहले उड़ना सीख सकते थे। वैज्ञानिकों ने कहा, चीन में आसाधारण लंबे पंखों वाले एक डायनासोर के जीवाश्म का खोज किया गया है जो की डायनासोर के उड़ान के बारे में रोमांचक जानकरी प्रदान करता है।
चांग्युरप्टर यांगी नाम का 125 मिलियन वर्ष पुराना डायनासोर का यह जीवाश्म पूर्वात्तर चीन के लिओनिंग प्रांत में पाया गया। डायनासोर के जीवाश्म के पास एक लंबे पंखों का जोड़ा है जिसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उड़ान की गति को कम करने और जमीन पर सुरक्षित उतरने में मददगार रहा होगा। चांग्युरप्टर के पास अतिरिक्त लंबी पूंछ सहित बहुत बड़े पंख है जो कि इसके पुरे शरीर को ढ़के हुए है।
नैचुरल हिस्ट्री म्यूजियम ऑफ लॉस एंजिलिस काउंटी के डॉ लुईस चिअप्पे ने कहा, डायनासोर का यह अनोखा पूंछ वाला पंख अब तक के किसी भी डायनासोर के पंख से ज्यादा लंबा है। साउथ अफ्रीका में यूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन के डॉ अनुसूया चिनसम्य के द्वारा इसके शारीरिक ढांचा की संरचना पर किया गया विश्लेषण यह बताता है कि यह डायनासोर एक पुर्ण विकसित व्यस्क था और चार फुट लंबा यह जीव चार पंखो वाले सभी डायनासोर में बड़ा ह। इन डायनासोर को चार पंखों वाला इसलिए कहा गया है क्योंकि दोनो पैरों से जुड़े इनके लंबे पंख एक और जोड़े पंख की मौजूदगी के बारे में बताता है। वास्तव में दोनो पैरों और बाहों से जुड़ा हुआ इन प्राचीन जानवरों के लंबे पंखों को देखकर शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि चार पंखो वाले ये डायनासोर उड़ने में सक्षम थे।
चांग्युरप्टर यांगी नाम का 125 मिलियन वर्ष पुराना डायनासोर का यह जीवाश्म पूर्वात्तर चीन के लिओनिंग प्रांत में पाया गया। डायनासोर के जीवाश्म के पास एक लंबे पंखों का जोड़ा है जिसके बारे में वैज्ञानिकों का मानना है कि यह उड़ान की गति को कम करने और जमीन पर सुरक्षित उतरने में मददगार रहा होगा। चांग्युरप्टर के पास अतिरिक्त लंबी पूंछ सहित बहुत बड़े पंख है जो कि इसके पुरे शरीर को ढ़के हुए है।
नैचुरल हिस्ट्री म्यूजियम ऑफ लॉस एंजिलिस काउंटी के डॉ लुईस चिअप्पे ने कहा, डायनासोर का यह अनोखा पूंछ वाला पंख अब तक के किसी भी डायनासोर के पंख से ज्यादा लंबा है। साउथ अफ्रीका में यूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन के डॉ अनुसूया चिनसम्य के द्वारा इसके शारीरिक ढांचा की संरचना पर किया गया विश्लेषण यह बताता है कि यह डायनासोर एक पुर्ण विकसित व्यस्क था और चार फुट लंबा यह जीव चार पंखो वाले सभी डायनासोर में बड़ा ह। इन डायनासोर को चार पंखों वाला इसलिए कहा गया है क्योंकि दोनो पैरों से जुड़े इनके लंबे पंख एक और जोड़े पंख की मौजूदगी के बारे में बताता है। वास्तव में दोनो पैरों और बाहों से जुड़ा हुआ इन प्राचीन जानवरों के लंबे पंखों को देखकर शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि चार पंखो वाले ये डायनासोर उड़ने में सक्षम थे।

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