India के wind power map में शामिल हुई ये स्टेट्स
चेन्नई: देश भर में पवन ऊर्जा प्रतिष्ठानों में पुरानी व्यवस्था एक नई स्थापना कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार तमिलनाडु और महाराष्ट्र के बाद अब नए राज्य राजस्थान, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश भी wind power map में शामिल होने जा रहे हैं।
इंडियन वाइंड टरबाइन मनुफक्टुरेरस एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2014-15 की पहली छमाही में राजस्थान जैसे राज्यों में अतिरिक्त क्षमता 35 मेगावाट से 108 मेगावाट तक बढ़ोतरी हुई हैं जबकि 2014 में मध्य प्रदेश में पवन ऊर्जा की क्षमता 94 मेगावाट देखी गई हैं। अगले साल राजस्थान और मध्य प्रदेश नहीं टॉप स्टेट्स में शामिल हो जाएगी।
विशेषज्ञ के अनुसार यह बहुत अच्छी बात हैं कि तमिलनाडु और महाराष्ट्र पहले से ही ग्रिड एकीकरण को संभाल रही हैं जो कि इनके लिए बहुत महत्वपूर्ण बात हैं।
इंडियन वाइंड टरबाइन मनुफक्टुरेरस एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2014-15 की पहली छमाही में राजस्थान जैसे राज्यों में अतिरिक्त क्षमता 35 मेगावाट से 108 मेगावाट तक बढ़ोतरी हुई हैं जबकि 2014 में मध्य प्रदेश में पवन ऊर्जा की क्षमता 94 मेगावाट देखी गई हैं। अगले साल राजस्थान और मध्य प्रदेश नहीं टॉप स्टेट्स में शामिल हो जाएगी।
विशेषज्ञ के अनुसार यह बहुत अच्छी बात हैं कि तमिलनाडु और महाराष्ट्र पहले से ही ग्रिड एकीकरण को संभाल रही हैं जो कि इनके लिए बहुत महत्वपूर्ण बात हैं।

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