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सेना पर लगाए ममता के आरोपों पर पार्रिकर बोले- ये रूटीन अभ्यास था

नई दिल्ली: ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने आज संसद में बंगाल में सेना की तैनाती का मुद्दा उठाया. लोकसभा में टीएमसी सांसद सुदीप बनर्जी ने कहा कि गुरुवार को सेना ने टोल पर कब्जा कर लिया. यह संघीय ढांचे पर हमला है. इस मामले को लेकर संसद में जमकर हंगामा हुआ. पीएम से माफी की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी हुई, जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई.

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सेना की रूटीन एक्सरसाइज पर विवाद ठीक नहीं है. इसकी जानकारी पहले दी गई थी. यह इसी इलाके में 2015 में भी हुई थी. यह काफी सालों से बंगाल, असम और नॉर्थ ईस्ट के अलावा यूपी बिहार और झारखंड में होती रही है. पहले इसके लिए 28, 29, 30 नवंबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन पुलिस के कहने पर इसे 1 दिसंबर किया गया. इस मामले को लेकर जो बयान दिया उससे मुझे दुख पहुंचा है. सेना को राजनीति में घसीटना ठीक नहीं है. यह केवल पॉलिटिकल फ्रस्टेशन है.

सेना ने भी इस पर बयान दिया कि यह अभ्यास एक खास जगह पर आंकड़े इकट्ठे करने के लिए किया गया और जरूरी डाटा इकट्ठे होने के बाद हम वहां से हट गए. उत्तर पूर्व के सभी राज्यों में इस तरह की कार्रवाई की गई.

इस मामले पर मायावती ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ ज्यादती हो रही है. यह भारतीय संविधान पर हमला है. सेना का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए. वहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सेना तैनात करना चिंता का विषय है इसकी जरूरत क्यों पड़ी.

राज्यसभा में वेंकैया नायडू ने कहा कि पश्चिम बंगाल को जानकारी दी गई थी. यह पिछले साल भी हुई था और उससे पिछले साल भी. सेना को विवादों में नहीं घसीटना चाहिए.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य के विभिन्न हिस्सों में टोल प्लाजों पर सैनिकों की मौजूदगी के विरोध में आज भी राज्य के सचिवालय में ही रुकी हुई हैं. उन्होंने पूछा कि क्या यह ‘सैन्य तख्तापलट है’. बहरहाल, जवान सचिवालय के निकट स्थित टोल प्लाजा से बीती रात ही हट चुके हैं.

ममता ने राज्य सचिवालय नबन्ना में देर रात संवाददाताओं से बात की. उन्होंने कहा, हमारे लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए मैं सचिवालय में ही रुकूंगी. उन्होंने पूछा, क्या यह सैन्य तख्तापलट है. ममता ने कहा कि मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी, दार्जीलिंग, उत्तर 24 परगना, बर्धमान, हावड़ा और हुगली आदि जिलों में सेना के जवानों को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा कि सेना को राज्य सरकार को सूचित किए बगैर तैनात किया गया है. यह अभूतपूर्व और बेहद गंभीर मामला है.

रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक सेना भार संवाहकों :लोड कैरियर: के बारे में सांख्यिकीय डेटा जुटाने के उद्देश्य से देशभर में द्वी-वार्षिक अभ्यास कर रही है और यह पता लगा रही है कि किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में उनकी उपलब्धता हो सकती है या नहीं.

विंग कमांडर एस एस बिर्दी ने कहा, इसमें डरने की कोई बात नहीं है और यह सरकारी आदेशों के मुताबिक ही किया जा रहा है. सेना ने कहा कि यह नियमित अभ्यास है और इस बारे में पश्चिम बंगाल पुलिस को पूरी जानकारी है और यह उसके सहयोग से ही किया जा रहा है. बहरहाल, डेरेक ओ ब्रायन ने सेना के इस दावे को गलत बताया.

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