तेल कंपनियों के दबाव में नहीं झुकी सरकार
नई दिल्ली । सरकार ने आज साफ कर दिया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली पर इस मामले में बहुत दबाव बनाया था।वीरप्पा मोइली ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की मांगों को लेकर वित्तमंत्री से भी मिले, मगर दाम बढ़ाने पर कोई फैसला हुआ। कच्चे तेल के दाम बढ़ने और रुपये के लगातार कमजोर होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए वो चाहती हैं कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जाएं।
असल में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सरकार से सभी प्रोडक्ट्स की कीमतों में एकमुश्त बढ़त की मांग की है। दरअसल रुपये की कमजोरी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी से इंपोर्ट महंगा हो गया है। क्रूड इंपोर्ट महंगा होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का नुकसान बढ़ गया है।
साल 2013 की शुरुआत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 80,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान था। हालांकि इस साल अब तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 25,580 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मई 2013 तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था, जो अगस्त 2013 के शुरू में बढ़कर 9.29 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। और, अब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को डीजल पर 10.22 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
असल में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सरकार से सभी प्रोडक्ट्स की कीमतों में एकमुश्त बढ़त की मांग की है। दरअसल रुपये की कमजोरी और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी से इंपोर्ट महंगा हो गया है। क्रूड इंपोर्ट महंगा होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का नुकसान बढ़ गया है।
साल 2013 की शुरुआत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 80,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान था। हालांकि इस साल अब तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को 25,580 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मई 2013 तक ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था, जो अगस्त 2013 के शुरू में बढ़कर 9.29 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। और, अब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को डीजल पर 10.22 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।

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