16 करोड बच्चों के लिए सरकार ने बनाई नीति
नई दिल्ली। सरकार ने देश में छह साल के कम आयु के करीब 16 करोड बच्चों की
शिक्षा तथा उनकी देखभाल के लिए अब एक नीति बनाई है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल
ने आज अपनी बैठक में राष्ट्रीय बाल शिशु रक्षा एवं शिक्षा नीति को मंजूरी
दे दी। इस नीति का मकसद छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को समावेशी विकास करना
है ताकि वह अपने व्यकितत्व का विकास कर सकें एवं उनके भीतर सीखने की
प्रवृति विकसित हो।
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने आज यहां मंत्रिमंडल के फैसलो की जानकारी देते हुए बताया कि देश के 15 करोड 87 लाख ऐसे बच्चों के विकास वास्ते सरकार इस नीति को लागू करने एवं उनकी निगरानी के लिए राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर पर इसी कौंसिल‘ ’एवं एजुकेशन कौंसिल का गठन करेगी।
तिवारी ने बताया कि इस नीति के तहत इन बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए पाठ्यचर्चा तैयार की जाएगी और इसके आधार पर राज्यों तथा केंद्र शामिल क्षेत्रों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस नीति के तहत महिला एवं बल्कि विकास मंत्रालय को और अधिकार भी दिए जाएंगे ताकि वे इस दिशा में और परिवर्तन ला सके।
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने आज यहां मंत्रिमंडल के फैसलो की जानकारी देते हुए बताया कि देश के 15 करोड 87 लाख ऐसे बच्चों के विकास वास्ते सरकार इस नीति को लागू करने एवं उनकी निगरानी के लिए राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर पर इसी कौंसिल‘ ’एवं एजुकेशन कौंसिल का गठन करेगी।
तिवारी ने बताया कि इस नीति के तहत इन बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए पाठ्यचर्चा तैयार की जाएगी और इसके आधार पर राज्यों तथा केंद्र शामिल क्षेत्रों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस नीति के तहत महिला एवं बल्कि विकास मंत्रालय को और अधिकार भी दिए जाएंगे ताकि वे इस दिशा में और परिवर्तन ला सके।

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