छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह 2 सीटों से लड़ेंगे!
रायपुर ! छत्तीसगढ़
के वर्तमान 90 विधायकों में से तकरीबन 21 विधायकों का टिकट खतरे में है।
चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह दो निर्वाचन क्षेत्रों से
चुनाव लड़ सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही
बड़ी पार्टियों के विधायकों को पार्टी की ओर से साफ-साफ संकेत दे दिए गए
हैं कि उनमें से 21 का टिकट खतरे में है। यह अलग बात है कि पार्टी ने अभी
किसी भी विधानसभा के लिए अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
दिल्ली के राजनीतिक हलकों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, टिकट से
वंचित होनेवालों में भाजपा के 14 और कांग्रेस के सात विधायक शामिल बताए जा
रहे हैं। चर्चा है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने वर्तमान निर्वाचन
क्षेत्र के अलावा भी किसी एक और विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतर
सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि दोनों ही बड़ी पार्टियां इस बार के विधानसभा
चुनाव को लेकर लगातार अपने अपने स्तर पर सर्वेक्षण कराकर मतदाताओं का मूड
जानने और जितने वाले प्रत्याशी की तलाश कर रही हैं। तीसरे दौर की
सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद भाजपा ने तो अपने दर्जन भर विधायकों और दो
मंत्रियों को बाहर बैठाने का लगभग फैसला कर लिया है।
सूत्रों की मानें
तो इनमें से तीन विधायकों को लोकसभा का चुनाव लड़ाने की बात कहकर संतुष्ट
करने का प्रयास किया जा रहा है। टिकट से वंचित होने की भनक लगते ही भाजपा
विधायकों में असंतोष साफ देखा जा रहा है। ये विधायक टिकट के अधिकारिक
घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।अविभाजित दुर्ग जिले के एक मंत्री का टिकट
भी खतरे में है। मंत्री ने हालांकि अपनी विधानसभा सीट बदलने की पेशकश कर
दी है। भाजपा के भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि पार्टी इस बार बीस से
ज्यादा विधानसभा सीटों पर नए चेहरों को मौका दे सकती है। इनमें आधा दर्जन
से ज्यादा महिलाएं भी शामिल हैं।
कयास यह भी लगाया जा रहा है कि
मुख्यमंत्री रमन सिंह के राजनांदगांव के अलावा जिस दूसरे सीट से चुनाव
मैदान में उतरने की संभावना है वहां से अंतिम समय में उनके पुत्र अभिषेक
सिंह को चुनाव मैदान में उतार जा सकता है। तीसरे सर्वेक्षण की रिपोर्ट
से पार्टी पदाधिकारी सकते में हैं। इस रिपोर्ट में कांग्रेस के साथ भाजपा
की कई सीटों पर कांटे की टक्कर बताई है। और भाजपा की महज 26 से 31 सीटों
पर ही जीत सुनिश्चित बताई जा रही है।
अंतिम सर्वे रिपोर्ट ने भाजपा की
नींद उड़ा दी है। शायद यही वजह है की मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कवर्धा में
एक सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि हैट्रिक बनाना आसान नहीं है, इसके
लिए बेहतर फील्डिंग की जरूरत है, साथ ही इस बात का ख्याल रखें कि कोई भी
कैच छूटने न पाए।
दूसरी ओर, कांग्रेस में भी कमोबेश यही स्थिति है। वह
भी सर्वेक्षण से ज्यादा खुश नहीं है, अलबत्ता वह इस पर जरूर संतुष्ट है
कि कांग्रेस ने कई सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर देने की स्थिति निर्मित
कर ली है। पार्टी के जानकार बताते हैं कि कांग्रेस भी अपने सात वर्तमान
विधायकों के कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है, इसलिए इन विधायकों का टिकट
काटा जा सकता है या इनके विधानसभा क्षेत्र में बदलाव किया जा सकता है।

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