-->

Breaking News

राष्ट्रीय प्रतीकों पर सरकार को गलत जानकारियां

लखनऊ। भारत सरकार की वेबसाइट पर कुछ ऐसे राष्ट्रीय प्रतीक भी प्रदर्शित हैं जो असल में अधिकृत तौर पर राष्ट्रीय प्रतीक घोषित ही नहीं किए गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ऐश्वर्या पाराशर (11) द्वारा केंद्रीय सूचना आयोग में दी गई अपील में देश के मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश के बाद भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा दी गई सूचना से इस तथ्य का खुलासा हुआ है।

दरअसल ऐश्वर्या ने प्रधानमंत्री कार्यालय से राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में सूचना मांगी थी। ऐश्वर्या की सूचना की अर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय से भारत सरकार के गृह मंत्रालय को स्थानांतरित हो गई थी। गृह मंत्रालय ने ऐश्वर्या को कुछ राष्ट्रीय प्रतीकों की जानकारी दे दी और बाकी के लिए ऐश्वर्या की अर्जी भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग को भेज दी थी। पर्यावरण और वन विभाग द्वारा संतोषजनक उत्तर न मिलने पर ऐश्वर्या ने केंद्रीय सूचना आयोग में अपील की और 22 मई 2013 की सुनवाई में खुद उपस्थित होकर तत्कालीन केंद्रीय सूचना आयुक्त सत्यानन्द मिश्र को बताया कि उसे राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय पेड़ और राष्ट्रीय नदी की भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा के आदेश नहीं मिले हैं।

इस पर केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त ने पर्यावरण और वन विभाग को निर्देशित किया कि वे ऐश्वर्या को राष्ट्रीय फल, राष्ट्रीय पेड़ और राष्ट्रीय नदी की भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा के आदेश प्रदान करें और अगर ऐसे आदेश न हों तो स्पष्ट रूप से लिखकर ऐश्वर्या को बताएं। अब पर्यावरण और वन विभाग के सहायक महानिरीक्षक और जन सूचना अधिकारी अमित कुमार ने गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करने का आदेश तो भेज दिया, लेकिन राष्ट्रीय फल और राष्ट्रीय पेड़ के बारे में भारत सरकार द्वारा कोई भी आदेश जारी किए जाने से इनकार किया है।

ऐश्वर्या ने भारत सरकार की अपनी वेबसाइट पर गलत जानकारियां अपलोड किए जाने पर सवाल उठाया है। जब भारत सरकार ने कोई राष्ट्रीय फल और राष्ट्रीय पेड़ घोषित ही नहीं किया है तो कैसे वेबसाइट पर 'आम' को 'राष्ट्रीय फल' और 'बरगद' को 'राष्ट्रीय पेड़' के अंतर्गत प्रदर्शित कर अन्य सही राष्ट्रीय प्रतीकों के बारे में भी भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। ऐश्वर्या ने भारत सरकार से अपील की है कि वह या तो आधिकारिक रूप से 'आम' को 'राष्ट्रीय फल' और 'बरगद' को 'राष्ट्रीय पेड़' घोषित करने का आदेश जारी करे या वेबसाइट से गलत जानकारियों को तत्काल हटा दे।

गौरतलब है कि ऐश्वर्या आरटीआई के जरिए भारत सरकार द्वारा महात्मा गांधी को आधिकारिक रूप से 'राष्ट्रपिता' घोषित न करने का सच देश के सामने ला चुकी है। इसके अलावा हॉकी के 'राष्ट्रीय खेल' न होने का सच सामने लाकर भारत सरकार से राष्ट्रीय खेल का विवरण वेबसाइट से हटवा चुकी है।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com