गुरूजी और पर्यवेक्षक बनेंगे संविदा शिक्षक
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में
आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में प्रदेश में प्रोन्नत शिक्षा गारंटी
शालाओं (प्राथमिक शाला) के शेष सभी गुरूजी एवं पर्यवेक्षकों को संविदा
शिक्षक वर्ग-3 पर नियोजित किये जाने का निर्णय लिया गया। यह भी निर्णय लिया
गया कि इन गुरूजी एवं पर्यवेक्षकों के संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के पद पर
नियोजन के बाद 3 वर्ष की अवधि में शिक्षक प्रशिक्षण (डी. एड.) की योग्यता
प्राप्त करनी होगी। तभी वे सहायक अध्यापक संवर्ग में संविलियन के पात्र
होंगे। नियोजन की कार्यवाही के पूर्व अनुषांगिक संशोधन पंचायत एवं ग्रामीण
विकास विभाग द्वारा किये जायेंगे। इस निर्णय से लगभग 7500 गुरुजी और
पर्यवेक्षक लाभान्वित होंगे।
नर्मदा-मालवा लिंक परियोजना को मंजूरी
मंत्रि-परिषद् द्वारा नर्मदा-मालवा लिंक परियोजना को मंजूरी दी गई। कुल 2375 करोड़ रुपये लागत की परियोजना से इंदौर और उज्जैन जिले के 153 गाँव की 50 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है।
परियोजना में नर्मदा नदी के दायें पार्श्व से मोरटक्का के डाउन स्ट्रीम से 16 क्यूमेक जल उद्.वहन कर महू-सिमरोल सड़क पर स्थित ग्राम आंबाचदन के समीप गम्भीर नदी में प्रवाहित कर यशवंत सागर में एकत्रित किया जायेगा। यशवंत सागर बाँध से दायें एवं बायें तट से नहरें निर्मित कर इंदौर एवं उज्जैन जिले की 50 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई प्रस्तावित है।
परियोजना में उद्.वहन किये जा रहे जल का 5 प्रतिशत गैर-कृषि कार्यों के लिये होगा, जिनमें पेयजल, निस्तार और औद्योगिक आवश्यकता शामिल हैं। परियोजना की अवधि 3 वर्ष प्रस्तावित है। परियोजना से सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से किसानों को सिंचाई जल दिया जाना प्रस्तावित है। स्प्रिंकलर और ड्रिप यंत्र एवं पाइप किसानों को लगाने होंगे।
शासकीय आवास आवंटन नीति में संशोधन
मंत्रि-परिषद् ने शासकीय आवास आवंटन नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया। पहले केवल टीबी मरीजों को निर्धारित कोटा दिया जाता था। अब केंसर, हृदय रोग और किडनी ट्रांसप्लांट के लिये कोटा निर्धारित किया गया है। पत्रकारों के लिये पारी बाहर कोटा 5 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत किया गया है। परिवार के सदस्य की बीमारी पर भी उसका कोटा निर्धारित किया गया है।
अनाधिकृत आधिपत्य अवधि के लिये बाजार दर की दोगुनी राशि/दांडिक दर से लायसेंस शुल्क से अन्यून्य दर से माफ की जा सकेगी। सरकारी कर्मचारियों को भोपाल से बाहर स्थानांतरण के बाद आवास धारण अवधि के लिये कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ता था। इसी तरह सेवानिवृत्ति के बाद आवास धारण के संबंध में कठिनाई होती थी। अब संबंधित नियमों को सरल बना दिया गया है।
नर्मदा-मालवा लिंक परियोजना को मंजूरी
मंत्रि-परिषद् द्वारा नर्मदा-मालवा लिंक परियोजना को मंजूरी दी गई। कुल 2375 करोड़ रुपये लागत की परियोजना से इंदौर और उज्जैन जिले के 153 गाँव की 50 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है।
परियोजना में नर्मदा नदी के दायें पार्श्व से मोरटक्का के डाउन स्ट्रीम से 16 क्यूमेक जल उद्.वहन कर महू-सिमरोल सड़क पर स्थित ग्राम आंबाचदन के समीप गम्भीर नदी में प्रवाहित कर यशवंत सागर में एकत्रित किया जायेगा। यशवंत सागर बाँध से दायें एवं बायें तट से नहरें निर्मित कर इंदौर एवं उज्जैन जिले की 50 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई प्रस्तावित है।
परियोजना में उद्.वहन किये जा रहे जल का 5 प्रतिशत गैर-कृषि कार्यों के लिये होगा, जिनमें पेयजल, निस्तार और औद्योगिक आवश्यकता शामिल हैं। परियोजना की अवधि 3 वर्ष प्रस्तावित है। परियोजना से सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से किसानों को सिंचाई जल दिया जाना प्रस्तावित है। स्प्रिंकलर और ड्रिप यंत्र एवं पाइप किसानों को लगाने होंगे।
शासकीय आवास आवंटन नीति में संशोधन
मंत्रि-परिषद् ने शासकीय आवास आवंटन नीति में संशोधन करने का निर्णय लिया। पहले केवल टीबी मरीजों को निर्धारित कोटा दिया जाता था। अब केंसर, हृदय रोग और किडनी ट्रांसप्लांट के लिये कोटा निर्धारित किया गया है। पत्रकारों के लिये पारी बाहर कोटा 5 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत किया गया है। परिवार के सदस्य की बीमारी पर भी उसका कोटा निर्धारित किया गया है।
अनाधिकृत आधिपत्य अवधि के लिये बाजार दर की दोगुनी राशि/दांडिक दर से लायसेंस शुल्क से अन्यून्य दर से माफ की जा सकेगी। सरकारी कर्मचारियों को भोपाल से बाहर स्थानांतरण के बाद आवास धारण अवधि के लिये कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ता था। इसी तरह सेवानिवृत्ति के बाद आवास धारण के संबंध में कठिनाई होती थी। अब संबंधित नियमों को सरल बना दिया गया है।

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