-->

Breaking News

छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोजगारी

रायपुर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केन्द्र सरकार के श्रम तथा रोजगार मंत्रालय के लेबर ब्यूरो द्वारा नई दिल्ली में जारी रोजगार संबंधित रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्य के रूप में चिन्हांकित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस रिपोर्ट के बारे में आज यहां अपनी त्वरित प्रतिक्रिया में कहा कि केन्द्र सरकार की वित्तीय वर्ष 2012-13 की यह वार्षिक रोजगार रिपोर्ट छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा पिछले लगभग 10 वर्षो में प्रदेश के सभी जिलों में सभी वर्गों के लिए संचालित रोजगार मूलक योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का सकारात्मक और उत्साहवर्धक नतीजा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की यह रिपोर्ट छत्तीसगढ़ सरकार के काम-काज का एक तटस्थ और निष्पक्ष मूल्यांकन है और आलोचकों के लिए केन्द्र की ओर से दिखाया गया आईना भी। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय की वर्ष 2012-13 की वार्षिक रिपोर्ट कल नई दिल्ली में जारी की गयी है। इसमें छत्तीसगढ़ को सबसे अधिक रोजगार प्रदाय करने वाला राज्य बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ मे बेरोजगारी की दर देष में सबसे कम प्रति एक हजार व्यक्ति पर केवल 14 है। यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को कल ही नई दिल्ली में एक समारोह में देष और विदेष में विख्यात कृषि वैज्ञानिकों और विषेषज्ञों के बीच एग्रीकल्चर प्रोग्राम लीडरषिप अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें किसानों की बेहतरी तथा कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा संचालित कार्यक्रमों लिए प्रदान किया गया था। एक ही दिन में छत्तीसगढ़ को मिलने वाली यह दूसरी उपलब्धि थी।    
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि, ऊर्जा, सिंचाई, षिक्षा, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षो में व्यापक रूप से रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में वर्ष में एक सौ दिनों के रोजगार के केन्द्रीय प्रावधान में अपनी ओर से 50 अतिरिक्त दिनों को जोड़कर राज्य के श्रमिकों को वर्ष में डेढ़ सौ दिनों के रोजगार की गारंटी दी है। इसके अलावा प्रदेश के युवाओं को उनके मन पसंद व्यवसाय में कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने का अधिकार दिलाने के लिए विधानसभा में विधेयक पारित कर कौशल विकास अधिकार कानून भी बनाया गया है। दन्तेवाड़ा की तर्ज पर राज्य के सभी जिलों में बहुत जल्द युवाओं के लिए आजीविका कॉलेज (लाइवलीहुड कॉलेज) खोलने की कार्य योजना तैयार की गयी है। इन कॉलेजों में युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का अल्प कालीन प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा और रोजगार से भी जोड़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला विद्युत कटौती मुक्त राज्य है। राज्य के सभी जिलों में चौबीसों घण्टे बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था की गयी है। इसके फलस्वरूप वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियों का सुचारू संचालन हो रहा है और उनमें भी लोगों को लगातार रोजगार मिल रहा है। प्रदेश में कृषि विकास के साथ-साथ औद्योगिक विकास में भी तेजी आयी है। इससे भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। युवाओं के लिए प्रदेश में तकनीकी शिक्षा सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बड़ी संख्या में नये इंजीनियरिंग कॉलेज और आई.टी.आई. खोले गए हैं। शासकीय सेवाआंे में भर्ती पर प्रतिबंध हटाकर राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षो में हजारों की संख्या में युवाओं को शासकीय नौकरी में आने का अवसर दिया है। विगत साढ़े नौ वर्ष में प्रदेश भर में एक लाख से ज्यादा शिक्षा कर्मियों की भर्ती की गयी है। आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा राजस्व संभागों के जिलों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर स्थानीय युवाओं की भर्ती के लिए जिला संवर्ग बनाया गया है और हजारों की संख्या में युवाओं की भर्ती की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में षिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार सृजन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रिपोर्ट हमारे इन्हीं प्रयासों को दर्षाती है। केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 15 वर्ष से अधिक उम्र और 15 से 29 वर्ष के युवाओं, दोनो वर्गो में छत्तीसगढ़ देष में सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाला राज्य है। 15 वर्ष से अधिक वर्ग में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर प्रति 1000 व्यक्ति पर 14 है। इसके पष्चात अन्य राज्यों में कर्नाटक की 20, मध्यप्रदेष की 22, आंध्रप्रदेष की 25 एवं गुजरात की दर 27 है। पंजाब और हरियाणा में यह दर 48 है। देष में सबसे अधिक बेरोजगारी की दर सिक्किम में 136 है। 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में छत्तीसगढ़ में प्रति 1000 व्यक्तियों पर केवल 33 बेरोजगार है जबकि कर्नाटक में 52, गुजरात में 59, मध्यप्रदेष में 60 और मिजोरम में यह दर 78 है। इस वर्ग में भी देष में सबसे अधिक बेरोजगारी दर सिक्किम में 372 है।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com