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NIC की बैठक में सांप्रदायिक हिंसा रोकने पर चर्चा

नई दिल्ली। दिल्ली में आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक हो रही है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हो रही एकता परिषद की बैठक में तकरीबन सभी राज्यों में मुख्यमंत्री हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन बैठक में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह के अलावा बीजेपी का कोई और मुख्यमंत्री नहीं आया।
यह बैठक उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए सांप्रदायिक दंगों के करीब तीन हफ्ते बाद हो रही है। दंगों में 48 लोगों की जान गई थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक, सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े बिल पर चर्चा होगी। बैठक में देश में मौजूदा सांप्रदायिक हिंसा के मामलों पर चर्चा हो रही है।
सांप्रदायिक हिंसा रोकने पर चर्चा
सांप्रदायिक हिंसा रोकने और इससे निपटने के उपायों पर राष्ट्रीय एकता परिषद यानि एनआईसी की बैठक में विस्तार से चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली 148 सदस्यीय एनआईसी सांप्रदायिक सद्भाव को प्रोत्साहित करने के उपायों, राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करने में सोशल नेटवकिंग साइटों की भूमिका और नफरत फैलाने वाले दुष्प्रचार से निपटने के तौर तरीकों पर चर्चा कर रही है।
एजेंडा के मुताबिक एनआईसी में महिलाओं की सुरक्षा, सांप्रदायिक उपद्रवों से निपटने, विश्वास बहाली के उपायों पर बातचीत होगी। बैठक में चर्चा भी होगी कि सांप्रदायिक तनाव खत्म करने में समाज के सभी वर्गों से कैसे मदद ली जाए।
केंद्रीय मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता, सभी राज्यों और संघशासित क्षेत्रों के मुख्यमंत्री, प्रशासक एनआईसी के सदस्य हैं। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नेता, राष्ट्रीय आयोगों के अध्यक्ष, प्रख्यात पत्रकार, सार्वजनिक हस्तियां, कारोबार जगत के प्रतिनिधि और महिला संगठन भी एनआईसी का हिस्सा हैं।
प्रस्तावित सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का कुछ राज्यों ने विरोध किया है क्योंकि यह विधेयक सांप्रदायिक उपद्रव होने की स्थिति में केंद्र सरकार को एकतरफा केंद्रीय बल भेजने का अधिकार देने का प्रस्ताव करता है। एनआईसी की बैठक में इस बारे में भी चर्चा की उम्मीद है।
एनआईसी की कल की बैठक दो साल बाद हो रही है। इससे पहले 10 सितंबर 2011 को एनआईसी की बैठक हुई थी, जिसमें सांप्रदायिक सद्भाव, सांप्रदायिकता को रोकने के उपायों, सांप्रदायिक हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा विधेयक को लेकर चर्चा की गई थी।
एनआईसी का गठन 1960 के दशक की शुरूआत में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। एनआईसी की पहली बैठक 1962 में हुई थी। सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक एनआईसी के उद्देश्यों में अनेकता में एकता, धर्मों की स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता, समानता, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय और सभी समुदायों के बीच भाईचारा कायम करना शामिल है।

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