निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली समेत पांच की दया याचिका गृहमंत्रालय ने खारिज की
नई दिल्ली : सरकार ने निठारी कांड के दोषी सुरेन्द्र कोली सहित पांच
लोगों की दया याचिका को नामंजूर करने की सिफारिश की । सरकारी सूत्रों ने
बताया कि केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज पांच फाइलों पर दस्तखत
किये, जिनमें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सिफारिश की गयी है कि इनकी दया
याचिका नामंजूर की जाए । इनमें महाराष्ट्र की दो बहनें रेणुकाबाई और सीमा,
उत्तर प्रदेश का कोली, महाराष्ट्र का राजेन्द्र प्रहलादराव वासनिक, मध्य
प्रदेश का जगदीश और असम का होलीराम बोर्दोलोई हैं ।
इन पांच में से प्रणब मुखर्जी के कार्यालय ने सीमा और रेणुकाबाई तथा
जगदीश की फाइलें गृह मंत्रालय को समीक्षा के लिए वापस भेजी थीं क्योंकि
पूर्व की सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में राष्ट्रपति सचिवालय को
ये फाइलें भेजी थीं ।
कोली ने उत्तर प्रदेश में नोएडा के निठारी इलाके में बर्बर वारदात को
अंजाम दिया । 42 वर्षीय कोली ने बच्चों की बर्बर हत्या की और बाद में उनके
टुकडे टुकडे कर डाले । उसकी मौत की सजा की पुष्टि भी उच्चतम न्यायालय ने
फरवरी 2011 में की थी । कोली के खिलाफ 16 मामले दायर हुए लेकिन उसे अब तक
चार मामलों में ही मौत की सजा सुनायी गयी है । अन्य मामले अभी विचाराधीन
हैं ।
इसी तरह, महाराष्ट्र के ही राजेंद्र वासनिक एक बच्ची के साथ रेप और उसकी
हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई और बॉम्बे हाईकोर्ट तथा सुप्रीम
कोर्ट ने उसकी सजा बरकरार रखी। महाराष्ट्र के राज्यपाल ने उसकी दया याचिका
पहले ही ठुकरा दी थी।
मध्य प्रदेश के जगदीश को अपनी पत्नी और पांच बच्चों की हत्या करने के
चलते मौत की सजा सुनाई गई। हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट ने उसकी कायम रखी
तथा मध्य प्रदेश के राज्यपाल उसकी दया याचिका पहले ही खारिज कर चुके हैं।
असम के होलीराम बोरदोलोई को तीन लोगों की हत्या के दोष में फांसी की सजा
सुनाई गई है। हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी फांसी की सजा बरकरार
रखी।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com