-->

Breaking News

चीन ने नरेंद मोदी को APEC सम्मेलन में किया आमंत्रित

फोर्तालेजा : चीन ने आज एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत को पहली बार एशिया-प्रशांत सहयोग (ऐपेक) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। सम्मेलन इस साल चीन में होगा। चीन का यह न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग की आज यहां हुई बैठक में उस समय आया जब दोनों नेता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन दोनों विशाल एशियायी देशों के मिल जुल कर काम करने की आवश्यकता पर चर्चा कर रहे थे। यह न्योता अप्रत्याशित था। मोदी और शी यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सिलसिले में ब्राजील के इस समुद्र तटीय शहर में आये हैं। सम्मेलन से पहले दोनों ने आपसी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों और अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

दोनों नेताओं के बीच 40 मिनट तक बातचीत होनी थी लेकिन यह 80 मिनट तक चली क्यों कि दोनों ने खुलकर तमाम तरह के मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्ह्वा ने कहा कि इस वार्ता के दौरान शी ने कहा कि चीन एशियाई बुनियादी ढांचा विकास बैंक में भारत का संस्थापक सदस्य के तौर पर शामिल होने का स्वागत करेगा।

इस बैंक का प्रस्ताव चीन ने पिछले साल अक्तूबर रखा। इसका उद्येश्य एशिया में परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण के लिए धन का प्रबंध किया जा सके। खबरों के अनुसार इस चीन ने कहा कि वह इस बैंक में सबसे बड़ा हिस्सेदार होना चाहेगा। ऐपेक 21 देशों का समूह है जिसकी स्थापना 1989 में हुई थी। चीन का यह न्योता अप्रत्याशित था। शी ने इसे उस समय प्रस्तुत किया जब दोनों नेताओं के बीच ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच और अन्य मंचों पर इकट्ठा काम करने की जरूरत पर चर्चा चल रही थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अकबरद्दीन ने द्विपक्षीय बातचीत में इस न्योते के विषय में बताया कि ‘राष्ट्रपति शी ने उल्लेख किया कि चीन इस वर्ष नवंबर में ऐपेक शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह बैठक ‘भागीदारी और सम्पर्क के मुद्दे पर केंद्रित है।’ प्रवक्ता ने कहा कि ‘शी ने प्रधानमंत्री को ऐपेक की इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। हमें उसकी तारीख का पता नहीं है। मुझे लगता है कि यह नवंबर में है।’

यह पूछने पर कि क्या भारत ने ऐपेक सम्मेलन का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है तो अकबरद्दीन ने कहा राजनयिक क्षेत्र में सामान्यत: जब कोई निमंत्रण तत्काल प्रस्तुत किया जाता है तो हम उस पर विचार करते हैं क्यों कि हमें तारीखों को देखना पड़ता है और देखना होता है कि हमारी प्राथमिकताएं उस समय क्या रहेंगी। जैसा कि आप जानते हैं दक्षेस और जी20 बैठकों के कारण नवंबर का महीना व्यस्त माहीना है लेकिन भारत इस आमंत्रण को एक महत्वपूर्ण व्यवहार के तौर पर देख रहा है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

प्रवक्ता ने कहा, और निश्चित तौर पर यह एक महत्वपूर्ण न्योता है क्यों कि भारत को पहली बार ऐपेक में आमंत्रित किया गया है। जाहिर है, हम इसको बहुत गंभीरता से से ले रहे हैं लेकिन कोई तरीख नहीं बतायी गयी है। इसको तय करना राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का काम नहीं है। यह काम कूटनीतिक रास्ते से होता है और इस पर हम काम करेंगे।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com