मलेशियाई विमान के रूट पर ही उड़ा रहा था मोदी का प्लेन
नई दिल्ली:
चंद घंटे पहले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र
का विमान भी उसी फ्लाइट पाथ (विमान का रूट) से उड़ान भर रहा था जिस रास्ते
में मलेशियाई एयरलाइंस के एक विमान को गुरुवार को मार गिराया गया जिसमें
सवार 298 लोगों की मौत हो गई। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के
मुताबिक मलेशियाई विमान MH17 बोइंग 777 और पीएम मोदी का प्लेन एक ही रूट पर
उड़ान भर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी का विमान जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरने के दो घंटे बाद ही मलेशियाई विमान MH17 बोइंग 777 को मिसाइल से हवा में मार गिराया गया। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर एक विमानन अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को कोई खतरा नहीं था, लेकिन इसी वायुक्षेत्र से उनका विमान गुजरना था।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब एक घंटे बाद मोदी का विमान यूक्रेन फ्लाइट इंर्फोमेशन क्षेत्र में प्रवेश करता। प्रधानमंत्री के विमान को कोई खतरा नहीं था लेकिन यह साफ है कि जिस इलाके से विमान को उड़ना था वह वही था। यह पायलट को फैसला करना था कि वह प्लेन को रूस के ऊपर डायवर्ट करे या काला सागर की तरफ।
गौर हो कि प्रधानमंत्री मोदी एयर इंडिया के विमान से गए थे। विमान ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से 11:22 (जीएमटी) उड़ान भरी थी। फ्रैंकफर्ट से डोनेटस्क तक का सफर तीन घंटे में तय होता है। यूक्रेन पूर्वी क्षेत्र को जारी युद्ध की वजह से नो फ्लाई जोन घोषित कर चुका है। कई महीने से जारी युद्ध की वजह से इस आसमानी क्षेत्र से जहाज उड़ान नहीं भर रहे हैं और उनकी आवाजाही पर रोक है।
विमान पूर्वी यूक्रेन के इलाके में 33 हजार फीट की ऊंचाई पर था। विमान को मॉस्को के समय के मुताबिक गुरुवार शाम 5.20 बजे रूस में दाखिल होना था। रूसी सीमा से 60 किमी पहले ही विमान पर मिसाइल हमला हो गया। घटना यूक्रेन के दोनेत्सक इलाके में हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी का विमान जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरने के दो घंटे बाद ही मलेशियाई विमान MH17 बोइंग 777 को मिसाइल से हवा में मार गिराया गया। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर एक विमानन अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को कोई खतरा नहीं था, लेकिन इसी वायुक्षेत्र से उनका विमान गुजरना था।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब एक घंटे बाद मोदी का विमान यूक्रेन फ्लाइट इंर्फोमेशन क्षेत्र में प्रवेश करता। प्रधानमंत्री के विमान को कोई खतरा नहीं था लेकिन यह साफ है कि जिस इलाके से विमान को उड़ना था वह वही था। यह पायलट को फैसला करना था कि वह प्लेन को रूस के ऊपर डायवर्ट करे या काला सागर की तरफ।
गौर हो कि प्रधानमंत्री मोदी एयर इंडिया के विमान से गए थे। विमान ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से 11:22 (जीएमटी) उड़ान भरी थी। फ्रैंकफर्ट से डोनेटस्क तक का सफर तीन घंटे में तय होता है। यूक्रेन पूर्वी क्षेत्र को जारी युद्ध की वजह से नो फ्लाई जोन घोषित कर चुका है। कई महीने से जारी युद्ध की वजह से इस आसमानी क्षेत्र से जहाज उड़ान नहीं भर रहे हैं और उनकी आवाजाही पर रोक है।
विमान पूर्वी यूक्रेन के इलाके में 33 हजार फीट की ऊंचाई पर था। विमान को मॉस्को के समय के मुताबिक गुरुवार शाम 5.20 बजे रूस में दाखिल होना था। रूसी सीमा से 60 किमी पहले ही विमान पर मिसाइल हमला हो गया। घटना यूक्रेन के दोनेत्सक इलाके में हुई।

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