रेप पर मुलायम के बयान की विपक्ष ने की कड़ी आलोचना
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की विपक्षी पार्टियों ने शनिवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जतायी कि उत्तर प्रदेश की आबादी को देखते हुए यहां बलात्कार के मामले कम हैं। विपक्षी पार्टियों ने मुलायम की टिप्पणी को गैर जिम्मेदाराना और संवेदनहीन बताया।
बसपा के वरिष्ठ नेता आर के चौधरी ने कहा, ‘यादव का बयान गैर जिम्मेदाराना है और इससे पता चलता है कि उन्होंने लखनऊ में हुए गैंगरेप और हत्या के मामले को कितने हल्के में लिया है।’ चौधरी ने कहा कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड की ही तरह मोहनलालगंज की घटना भी अत्यंत जघन्य है। ‘इस घटना को लेकर यादव द्वारा दिये गये गैर जिम्मेदाराना बयान की मैं निन्दा करता हूं।’
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, ‘पूरे देश के आंकडों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश में बलात्कार, दहेज हत्या और अन्य अपराध अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक हो रहे हैं।’ उन्होंने सवाल किया, ‘आबादी का ये पैमाना केवल अपराध तक क्यों ? बाकी मामलों में भी ये पैमाना होना चाहिए। बाकी क्षेत्रों में प्रदेश तरक्की करे, विकास करे और विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करे, इसे लेकर भी आबादी के हिसाब से पैमाना तय होना चाहिए।’
पाठक ने कहा कि दरअसल मुलायम अखिलेश के बचाव में उतरे हैं और कुतर्क कर रहे हैं। बेहतर होता कि वह मुख्यमंत्री को सलाह देते कि जाति, व्यक्ति और मजहब से उठकर सरकार कार्य करती तो अपराध के आंकड़े कम होते और सरकार की छवि भी बच जाती।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा, ‘सपा सरकार जब जब प्रदेश में सत्ता में आती है, तब तब कानून व्यवस्था की स्थिति खराब और बद से बदतर हो जाती है। सपा के शासनकाल में अपराधियों को बेलगाम होने की छूट मिल जाती है।’ उन्होंने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जतायी कि आबादी को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अपराध कम हैं।
खत्री ने कहा कि मुलायम का यह बयान जनता की सुरक्षा के प्रति विशेषकर महिला अपराधों को लेकर उनकी संवेदनशून्यता को दर्शाता है। सपा सरकार में ऐसी वारदात इसलिए होती हैं क्योंकि गलत कार्य करने वालों को सत्ता का संरक्षण दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अधिकारी गलत कार्यों का विरोध करते हैं, उन्हें जिलों जिलों में प्रताड़ित किया जाता है और उन अनावश्यक दबाव डाला जाता है।
खत्री ने कहा कि बदायूं और मोहनलालगंज जैसी जघन्य घटनाएं सरकार की संवेदनशून्यता के चलते घटित हुई’। उन्होंने कहा कि अपराधियों को सपा विधायकों, मंत्रियों और जिला स्तर के नेताओं द्वारा प्रश्रय दिये जाने के चलते उनसे कानून व्यवस्था के मुद्दे पर क्या उम्मीद की जा सकती है। यही कारण है कि सपा सरकार के शासन में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
माकपा राज्य सचिव मंडल ने एक बयान में कहा कि आबादी या संख्या बताकर आप संवेदनहीनता और लापरवाही को सही नहीं ठहरा सकते। आबादी का बहाना नहीं बनाया जा सकता। सवाल ये है कि ऐसी घटना क्यों घटी। माकपा ने कहा कि मोहनलालगंज में घटी घटना को लेकर राज्य सरकार का रुख सही नहीं है। ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास होना चाहिए।दरअसल, मुलायम ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की आबादी काफी अधिक है। यहां 21 करोड़ की जनसंख्या है। यदि इस देश में सबसे कम बलात्कार कहीं होते हैं तो उत्तर प्रदेश में।
बसपा के वरिष्ठ नेता आर के चौधरी ने कहा, ‘यादव का बयान गैर जिम्मेदाराना है और इससे पता चलता है कि उन्होंने लखनऊ में हुए गैंगरेप और हत्या के मामले को कितने हल्के में लिया है।’ चौधरी ने कहा कि दिल्ली में हुए निर्भया कांड की ही तरह मोहनलालगंज की घटना भी अत्यंत जघन्य है। ‘इस घटना को लेकर यादव द्वारा दिये गये गैर जिम्मेदाराना बयान की मैं निन्दा करता हूं।’
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, ‘पूरे देश के आंकडों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश में बलात्कार, दहेज हत्या और अन्य अपराध अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक हो रहे हैं।’ उन्होंने सवाल किया, ‘आबादी का ये पैमाना केवल अपराध तक क्यों ? बाकी मामलों में भी ये पैमाना होना चाहिए। बाकी क्षेत्रों में प्रदेश तरक्की करे, विकास करे और विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करे, इसे लेकर भी आबादी के हिसाब से पैमाना तय होना चाहिए।’
पाठक ने कहा कि दरअसल मुलायम अखिलेश के बचाव में उतरे हैं और कुतर्क कर रहे हैं। बेहतर होता कि वह मुख्यमंत्री को सलाह देते कि जाति, व्यक्ति और मजहब से उठकर सरकार कार्य करती तो अपराध के आंकड़े कम होते और सरकार की छवि भी बच जाती।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा, ‘सपा सरकार जब जब प्रदेश में सत्ता में आती है, तब तब कानून व्यवस्था की स्थिति खराब और बद से बदतर हो जाती है। सपा के शासनकाल में अपराधियों को बेलगाम होने की छूट मिल जाती है।’ उन्होंने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जतायी कि आबादी को देखते हुए उत्तर प्रदेश में अपराध कम हैं।
खत्री ने कहा कि मुलायम का यह बयान जनता की सुरक्षा के प्रति विशेषकर महिला अपराधों को लेकर उनकी संवेदनशून्यता को दर्शाता है। सपा सरकार में ऐसी वारदात इसलिए होती हैं क्योंकि गलत कार्य करने वालों को सत्ता का संरक्षण दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अधिकारी गलत कार्यों का विरोध करते हैं, उन्हें जिलों जिलों में प्रताड़ित किया जाता है और उन अनावश्यक दबाव डाला जाता है।
खत्री ने कहा कि बदायूं और मोहनलालगंज जैसी जघन्य घटनाएं सरकार की संवेदनशून्यता के चलते घटित हुई’। उन्होंने कहा कि अपराधियों को सपा विधायकों, मंत्रियों और जिला स्तर के नेताओं द्वारा प्रश्रय दिये जाने के चलते उनसे कानून व्यवस्था के मुद्दे पर क्या उम्मीद की जा सकती है। यही कारण है कि सपा सरकार के शासन में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
माकपा राज्य सचिव मंडल ने एक बयान में कहा कि आबादी या संख्या बताकर आप संवेदनहीनता और लापरवाही को सही नहीं ठहरा सकते। आबादी का बहाना नहीं बनाया जा सकता। सवाल ये है कि ऐसी घटना क्यों घटी। माकपा ने कहा कि मोहनलालगंज में घटी घटना को लेकर राज्य सरकार का रुख सही नहीं है। ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास होना चाहिए।दरअसल, मुलायम ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की आबादी काफी अधिक है। यहां 21 करोड़ की जनसंख्या है। यदि इस देश में सबसे कम बलात्कार कहीं होते हैं तो उत्तर प्रदेश में।

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