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शिवराज की सुविधा के लिए महाकाल में कांवड़ियों पर लाठीचार्ज

भोपाल। उज्जैन में सीएम शिवराज सिंह चौहान के सुविधापूर्ण दर्शनों के लिए पुलिसकर्मियों ने महाकाल का अभिषेक करने आए कांवड़ियों पर लाठीचार्ज कर डाला। उनका पवित्र जल जमीन पर गिरा दिया गया एवं उन्हें खदेड़ कर मंदिर परिसर से बाहर निकाल दिया गया। मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। हिन्दूवादी संगठनों ने घटना का तीव्र विरोध किया है वहीं विधानसभा में यह मामला प्रमुखता से उठाया गया।

इस घटना से आक्रोशित भक्तों ने मंदिर में दर्शन व पूजन कर लौट रहे सीएम के काफिले को उन्होंने महाकाल घाटी के पास रोक लिया। इस दौरान कुछ कांवडिये उनकी कार के सामने लेट गए। इस कदर हंगामा होने के बावजूद शिवराज सिंह चौहान अपनी कार से नीचे नहीं उतरे, बल्कि शीशा खोलकर आक्रोशित कांवडियों को अपनी बात कहने का मौका भर दिया व जांच का आश्वसन देकर चले गए।
घटना समय दर समय
10.44 कांवडियों ने नंदीहॉल से बाहर जाने का विरोध किया।
10.45 पर धक्के देकर रैंप से होते हुए बाहर लाया गया।
10.46 पर मंदिर परिसर में सीएसपी ने लात घूंसों से पिटाई शुरू की।
10.48 पर अधिकारी को देख जवानों ने भी लाठी उठा लिया।
10.50 पर कांवडियों को पीटते हुए अनादिकल्पेश्वर मंदिर की और ले गए।
10.52 पर निर्गम द्वार से कांवडियों को मंदिर से बाहर कर दिया गया।
54 किलोमीटर पैदल चलकर आए थे कांवड़िए
मंदिर में हुई घटना से इंदौर से आया कांवडियों का जत्था बेहद आहत है। उनका कहना है कि वे 54 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन और जल चढ़ाने की आस लेकर आए थे। पुलिस ने यहां उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया। दल के प्रभारी आकाश पचौरिया ने बताया कि पुलिस वालों को 10 साल के रीतिक और 8 साल के सचिन पर भी दया नहीं आई। इनकी भी पीटा गया। यहां तक कि कपडे भी फाड़ दिए।
विधानसभा में गूंजा मामला
विधानसभा बजट सत्र में विपक्ष ने महाकाल मंदिर के बाहर कांवड़ियों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर विरोध जताया। मंत्री विजय शाह के उद्बोधन के बाद तकनीकी एवं उच्च शिक्षा विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्षी विधायकों ने कार्यवाही को आगे नहीं ब़़ढने दिया।विधायक रामनिवास रावत ने आसंदी को संबोधित करते हुए कहा कि सावन का पहला सोमवार होने से महाकाल मंदिर में कांव़ि़डयों के कई जत्थे पहुंचे थे लेकिन वीआईपी मूवमेंट के चलते सुरक्षा बलों ने उन्हें पीछे धकेलने का प्रयास किया और बाद में भीड़ पर लाठीचार्ज भी किया। विधायक मुकेश नायक ने उज्जैन प्रशासन के रवैये को वीआईपी दबाव का परिणाम बताया और दोषषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की मांग की।
नरोत्तम मिश्रा ने दी गलत जानकारी
संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खडे़ होकर प्रकरण पर सफाई देते हुए कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे, लेकिन जिस वक्त घटना हुई उससे पहले ही सीएम वहां से जा चुके थे।जबकि घटना सीएम के पहुंचने से पहले की है। सीएम जब पहुंचे तब तक सबकुछ शांत हो चुका था और सीएम के वापस लौटते समय उनका घेराव भी हुआ।

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