यूक्रेन में MH17 के दुर्घटनास्थल से 181 शव बरामद
कुआलालांपुर/कीव : बचाव कार्यकर्ताओं ने पूर्वी यूक्रेन में दुर्घटनाग्रस्त हुए मलेशियाई एयरलाइन के विमान के मलबे से अब तक 181 यात्रियों के शव बरामद किए हैं। हादसे के बाद एक बड़े इलाके में विमान यात्रियों के शव बिखर गए।
इस बीच रूस समर्थक यूक्रेनी विद्रोहियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने विमान के मलबे से ब्लैक बॉक्स बरामद किए हैं। गुरुवार को पूर्वी यूक्रेन में एक मिसाइल से विमान को मार गिराया गया था जिससे विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए।
रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने कहा कि रूस समर्थक विद्रोहियों ने मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान एमएच17 के मलबे से ब्लैक बॉक्स मिलने का दावा किया है और कहा है कि वह इन्हें जांच के लिए मॉस्को भेजने पर विचार कर रहे हैं।
यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब तक दुर्घटनास्थल से 181 शव बरामद किए गए हैं जो खेतों के बड़े हिस्से में बिखरे थे। विमान ने किसी तरह के संकट का संकेत नहीं दिया था। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि विमान को जानबूझकर या फिर गलती से मार गिराया गया। उड़ान की सूची से पता चला है कि एमएच17 में नीदरलैंड के 173 नागरिक, मलेशिया के 44, ऑस्ट्रेलिया के 28, इंडोनेशिया के 12, ब्रिटेन के 9, जर्मनी के 4, बेल्जियम के 4, फिलीपीन के 3 और कनाडा, न्यूजीलैंड एवं हांगकांग के एक-एक नागरिक सवार थे।
वहीं, 15 सदस्यों वाले चालक दल में भारतीय मूल के दो नागरिक थे। इनमें विमान परिचारक (फ्लाइट स्टीवर्ट) संजीद सिंह संधु और सुश्री राजेंद्रन शामिल हैं। 18 दूसरे यात्रियों की नागरिकता का अभी भी सत्यापन नहीं हो पाया है।
खबरों के अनुसार मृतकों में करीब 100 विश्व प्रसिद्ध एड्स शोधकर्ता एवं कार्यकर्ता शामिल हैं जो एक वैश्विक एड्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि उसके प्रवक्ता ग्लेन थॉमस विमान में सवार थे और 20वें अंतरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। सम्मेलन रविवार से शुरू होना था। वर्ल्ड एड्स सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष और नीदरलैंड के प्रसिद्ध एचआईवी शोधकर्ता जोप लांज भी विमान के यात्रियों में सवार थे।
मंत्रालय ने स्थानीय आपातकालीन कार्यकर्ताओं के हवाले से बरामद शवों की जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि शवों को पहचान के लिए खारकीव ले जाया जाएगा। खारकीव दुर्घटनास्थल से उत्तर में 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यूक्रेन नियंत्रित एक शहर है।
यूक्रेनी सरकार और देश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय रूस समर्थक विद्रोहियों ने विमान को कथित तौर पर मार गिराए जाने के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। रूस समर्थक बागी अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं को विमान के हादसे की जगह पर जाने देने पर सहमत हो गए हैं और उन्होंने खेतों के बड़े हिस्सों में बिखरे शवों को बरामद करने की मंजूरी दे दी है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती की खबर के अनुसार, ‘पूर्वी यूक्रेन के विद्रोही मलेशियाई विमान के दुर्घटनास्थल को छोड़कर बाकी जगहों पर लड़ाई जारी रखेंगे।’ बोइंग 777 विमान में 298 लोग सवार थे और यह एम्सटर्डम से मलेशिया की राजधानी कुआलालांपुर जा रहा था जब रूस की सीमा के पास पूर्वी यूक्रेन में गुरुवार को यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान के 15 सदस्यीय मलेशियाई चालक दल में भारतीय मूल के दो नागरिक - संजीब सिंह संधु (41) और एंजेलीन प्रेमिला राजेंद्रन (30) शामिल थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने रूस समर्थक अलगाववादियों की तरफ इशारा करते हुए विमान को मार गिराए जाने के लिए ‘आतंकवादियों’ को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा, ‘आतंकवादियों ने एक वार में करीब 300 लोगों की हत्या कर दी। मरने वालों में दुनिया के अलग अलग देशों के नागरिक शामिल हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं।’ हालांकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने विमान दुर्घटना वाले दिन यूक्रेनी नियंत्रण वाली ‘बुक’ मिसाइल प्रणाली से रडार इकाई की गतिविधि का पता किया था।
इस बीच रूस समर्थक यूक्रेनी विद्रोहियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने विमान के मलबे से ब्लैक बॉक्स बरामद किए हैं। गुरुवार को पूर्वी यूक्रेन में एक मिसाइल से विमान को मार गिराया गया था जिससे विमान में सवार सभी 298 लोग मारे गए।
रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने कहा कि रूस समर्थक विद्रोहियों ने मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान एमएच17 के मलबे से ब्लैक बॉक्स मिलने का दावा किया है और कहा है कि वह इन्हें जांच के लिए मॉस्को भेजने पर विचार कर रहे हैं।
यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अब तक दुर्घटनास्थल से 181 शव बरामद किए गए हैं जो खेतों के बड़े हिस्से में बिखरे थे। विमान ने किसी तरह के संकट का संकेत नहीं दिया था। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि विमान को जानबूझकर या फिर गलती से मार गिराया गया। उड़ान की सूची से पता चला है कि एमएच17 में नीदरलैंड के 173 नागरिक, मलेशिया के 44, ऑस्ट्रेलिया के 28, इंडोनेशिया के 12, ब्रिटेन के 9, जर्मनी के 4, बेल्जियम के 4, फिलीपीन के 3 और कनाडा, न्यूजीलैंड एवं हांगकांग के एक-एक नागरिक सवार थे।
वहीं, 15 सदस्यों वाले चालक दल में भारतीय मूल के दो नागरिक थे। इनमें विमान परिचारक (फ्लाइट स्टीवर्ट) संजीद सिंह संधु और सुश्री राजेंद्रन शामिल हैं। 18 दूसरे यात्रियों की नागरिकता का अभी भी सत्यापन नहीं हो पाया है।
खबरों के अनुसार मृतकों में करीब 100 विश्व प्रसिद्ध एड्स शोधकर्ता एवं कार्यकर्ता शामिल हैं जो एक वैश्विक एड्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि उसके प्रवक्ता ग्लेन थॉमस विमान में सवार थे और 20वें अंतरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। सम्मेलन रविवार से शुरू होना था। वर्ल्ड एड्स सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष और नीदरलैंड के प्रसिद्ध एचआईवी शोधकर्ता जोप लांज भी विमान के यात्रियों में सवार थे।
मंत्रालय ने स्थानीय आपातकालीन कार्यकर्ताओं के हवाले से बरामद शवों की जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि शवों को पहचान के लिए खारकीव ले जाया जाएगा। खारकीव दुर्घटनास्थल से उत्तर में 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यूक्रेन नियंत्रित एक शहर है।
यूक्रेनी सरकार और देश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय रूस समर्थक विद्रोहियों ने विमान को कथित तौर पर मार गिराए जाने के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। रूस समर्थक बागी अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं को विमान के हादसे की जगह पर जाने देने पर सहमत हो गए हैं और उन्होंने खेतों के बड़े हिस्सों में बिखरे शवों को बरामद करने की मंजूरी दे दी है।
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती की खबर के अनुसार, ‘पूर्वी यूक्रेन के विद्रोही मलेशियाई विमान के दुर्घटनास्थल को छोड़कर बाकी जगहों पर लड़ाई जारी रखेंगे।’ बोइंग 777 विमान में 298 लोग सवार थे और यह एम्सटर्डम से मलेशिया की राजधानी कुआलालांपुर जा रहा था जब रूस की सीमा के पास पूर्वी यूक्रेन में गुरुवार को यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान के 15 सदस्यीय मलेशियाई चालक दल में भारतीय मूल के दो नागरिक - संजीब सिंह संधु (41) और एंजेलीन प्रेमिला राजेंद्रन (30) शामिल थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने रूस समर्थक अलगाववादियों की तरफ इशारा करते हुए विमान को मार गिराए जाने के लिए ‘आतंकवादियों’ को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा, ‘आतंकवादियों ने एक वार में करीब 300 लोगों की हत्या कर दी। मरने वालों में दुनिया के अलग अलग देशों के नागरिक शामिल हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं।’ हालांकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने विमान दुर्घटना वाले दिन यूक्रेनी नियंत्रण वाली ‘बुक’ मिसाइल प्रणाली से रडार इकाई की गतिविधि का पता किया था।

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