कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम हेतु जनजागरूकता जरूरी : कलेक्टर
राजकुमार पंत
गुना ,ब्यूरो। कलेक्टर श्री राजेश जैन ने कहा कि लड़का और लड़की में किसी तरह का भेद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सन्तुलन बनाए रखने के लिए कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए समाज में जनजागरूकता लाना जरूरी है। कलेक्टर यहां “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अन्तर्गत आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की उन्मुखीकरण कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री जयन्त वर्मा एवं महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री आर.वी.गोयल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि सर्वे में यह बात सामने आई है कि शिक्षित वर्ग में लिंगानुपात कम है। इसके उलट आदिवासी समुदाय में लिंगानुपात ज्यादा है। कलेक्टर ने कहा कि लिंग परीक्षण की कड़ाई से रोकथाम के लिए सोनोग्राफी सेन्टरों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने गर्भ समापन केन्द्रों की भी इसी तरह की जांच कराने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि सामाजिक परिवेश में महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह की भावना पाई जाती है। समाज में जन चेतना लाकर समाज को पूर्वागृह से मुक्त किया जाना चाहिए। समाज को जागरूक किया जाए कि लड़कों की तुलना में लड़कियां बेहतर होती हैं। मां-बाप के प्रति उनमें संवेदना अधिक रहती है।
कलेक्टर ने कहा कि कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को जिला चिकित्सालय समेत सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कन्या जन्म पर जन्मोत्सव मनाने का कार्यक्रम बनाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि आशा एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकत्ताओं को चाहिए कि वे घर-घर जाकर दम्पत्तियों को बेटी के जन्म एवं उनके भेद रहित पालन-पोषण के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर ने पी.सी.पी.एन.डी.टी. एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बालिकाओं में कुपोषण व एनीमिया की स्थिति में सुधार लाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने जन्म लेने वाले बच्चे-बच्चियों खासकर बच्चियों का शत प्रतिशत पंजीकरण कराना सुनिश्चित करने के जिला योजना अधिकारी को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति व्याप्त लोगों की मानसिकता को बदलने में समय लगता है। लेकिन इस दिशा में लगातार काम करते रहने से इस मानसिकता को बदला जा सकता है। लोगों को लगातार बेटियों की महत्ता समझाई जानी चाहिए। कलेक्टर ने इस दिशा में काम करने के महिला सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में बीच में अपनी पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियों को पढ़ाने की पुन: व्यवस्था करने के जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि बालिका प्रोत्साहन की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य विभाग एवं लोक शिक्षण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। कलेक्टर ने इस कार्य को फलीभूत करने के लिए साफ शब्दों में कहा कि सिर्फ भाषण देने या बैठकें करने से काम नहीं चलेगा। इसमें वास्तव में कुछ करके दिखाना होगा, तभी परिणाम सामने आएंगे। कलेक्टर ने बालिका प्रोत्साहन के लिए स्कूल-कॉलेजों में रोचक कार्यक्रम आयोजित करने के महिला सशक्तिकरण अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने बालिका प्रोत्साहन गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने जानकारी दी कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत लिंग आधारित भ्रूण समापन को रोकने के प्रयास किए जाएंगे तथा बालिका की उत्तर-जीविता और संरक्षण को सुनिश्चित किया जाएगा और बालिका की शिक्षा एवं सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
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