रीवा में बन चुके हैं सूखे जैसे हालात, प्रशासन को बारिश का इंतजार
एमपी ऑनलाइन न्यूज़
रीवा : मौसम की बेरुखी के चलते जिले की लगभग 70 फीसदी फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। बावजूद इसके प्रशासन को अब भी बारिश का इंतजार है। यही कारण है कि अब तक किसानों को हुए नुकसान का जायजा लेने मैदानी स्तर पर अमला नहीं पहुंचा है। महज कार्यालयों में बैठकर मौसम के हालात और फसलों की स्थिति को लेकर चर्चाएं की जा रही हैं। अल्प वर्षा और तेज तापमान में अरहर, मूंग, उड़द के साथ धान के पौधे झुलसने लगे हैं। शासन-प्रशासन भी मुंह मोड़ता है तो किसान दो तरफा मार झेलने के लिए मजबूर हो जाएगा।
एक तरफ खेतों में खड़ी फसल खराब हो रही है और रबी सीजन के लिए खेत तैयार करना किसानों के लिए मुश्किल हो रहा है। खरीफ फसल में की गई बोनी से किसान के पास जो भी अनाज और पैसा था वह खेतों में लगा दिया है। अब उसके हाथ खाली हैं। ऐसी स्थिति में वह पशोपेश में है कि आगामी समय में क्या स्थिति होगी। कुछ किसान कृषि वैज्ञानिकों से फसलों को बचाने की सलाह भी ले रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो फसलों पर कुप्रभाव के लिए अधिक तापमान भी एक कारण है। इसके लिए फसल को जीवन रक्षक दवा कुछ हद तक बचाने में कारगर हो सकती है।
मौसम से अभी भी उम्मीद
जिस तरह से आए दिन बादलों की गड़गड़ाहट और आकाश में काले बादल मंडरा रहे हैं। उसे देखते हुए राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों को मौसम की दरियादिली को लेकर उम्मीद है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि सितम्बर माह तक सामान्य बारिश हो जाती है तो जिले को सूखा घोषित नहीं किया जा सकता। फसलों को बचाने के लिए किसान इन दिनों बोरवेल का पानी रात दिन खेतों में उपयोग कर रहे हैं। बोरवेल से दिया जा रहा पानी खेतों में तो फैलता है लेकिन तेज धूप होने के कारण इसका पौधों पर विपरीत असर भी पड़ रहा है और फसलें हरी होने की बजाय पीली पड़ने लगी हैं।
जिले की खेती पर एक नजर
जिले में धान की फसल 125 हजार हेक्टेयर रकवा क्षेत्र में बोनी की गई है। जबकि अरहर 48 हजार हेक्टेयर रकवा, सोयाबीन 38 हजार हेक्टेयर, उड़द 20 हजार हेक्टेयर और मूंग 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी की गई है। जिले की तापमान पर नजर दौड़ाई जाए तो इन दिनों 32 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच अधिकतम तापमान बना हुआ है। जो कि 04 ड्रिगी सेटीग्रेड सामान्य से अधिक है। 791 मिमी बारिश जून से सितम्बर माह के बीच रिकार्ड की गई है। अभी 146 मिमी बारिश सामान्य से कम हुई है।
किसानों को हुए नुकसान की जानकारी लेने सक्रिय नहीं हुआ अमला

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