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आदिवासी संस्कृति और विरासत के संरक्षण और प्रसार पर जोर आईजीएनटीयू में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार संपन्न, कई शोध पत्र प्रस्तुत कुलपति ने किया म्यूजियम का उद्घाटन, प्राचीन आदिवासी धरोहर सहेजी

आदिवासी संस्कृति और विरासत के

संरक्षण और प्रसार पर जोर

आईजीएनटीयू में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार संपन्न, कई शोध पत्र प्रस्तुत

कुलपति ने किया म्यूजियम का उद्घाटन, प्राचीन आदिवासी धरोहर सहेजी

अमरकटंक/ प्रदीप मिश्रा

मध्य भारत की आदिवासी संस्कृति और विरासत के अमूर्त और मूर्त स्वरूप को संरक्षित रखने और इसका और अधिक प्रचार करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार शनिवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आदिवासी समुदाय के पास उपलब्ध जैव विविधता संरक्षित करने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए आवश्यक ज्ञान का उल्लेख करते हुए इसी के आधार पर नई नीतियां बनाने का आह्वान किया गया। मुख्य अतिथि उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर के कुलपति प्रो. कमल के. मिश्रा ने कहा कि आदिवासी समुदाय ने प्राचीनकाल से जैव विविधता के संरक्षण को अपनी संस्कृति में समाहित रखा है। विभिन्न प्रकार की वन संपदा के ज्ञान को उन्होंने अमूर्त ज्ञान के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का पुनीत कार्य किया है। उनकी संस्कृति इस प्रकार से विकसित हुई कि प्रकृति के प्रत्येक भाग को उन्होंने स्वयं की संस्कृति से अंगीकार कर लिया है। उन्हें प्राकृतिक रूप से जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से जूझने का ज्ञान है। ऐसे में उनके ज्ञान से शोधार्थियों को सीखने की आवश्यकता है। आईजीएनटीयू के कुलपति प्रो. टी.वी. कटटीमनी ने आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान और खाद्य पद्धतियों का उल्लेख करते हुए उनके स्वस्थ खानपान और प्रकृति के साथ स्वयं को जोड़ने की योग्यता का वृहद प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। ट्राइबल स्टडी के डीन प्रो. पी.के. सामल ने आदिवासियों के सम्मुख उपस्थित चुनौतियों का सामना करने के लिए सर्वमान्य नीति बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम संयोजक नरसिंह कुमार ने सेमीनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। सेमीनार का आयोजन आईजीएनटीयू के जनजातीय अध्ययन विभाग और इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।  इस अवसर पर सेमीनार स्मारिका का विमोचन भी किया गया। प्रो. कटटीमनी ने विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए आदिवासी म्युजियम का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह का संचालन अमित सोनी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. शिब कुमार तिवारी, निदेशक (अकादमिक) प्रो. आलोक श्रोत्रिय, डॉ. जी.एस. महापात्र सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों और कालेजों के शिक्षकों और शोधार्थियों ने भाग लिया।


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