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व्यापमं मामले में अपराधियों को सजा दिलानी है तो सरकार बदलनी पड़ेगी : दिग्विजय


भोपाल। व्यापमं घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही 16 विशेष अदालतों में से नौ को ख़त्म कर दिया गया है। अब व्यापमं से जुड़े मामलों की सुनवाई भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर की सात विशेष न्यायालयों में ही होगी। इस पर कांग्रेस के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज और भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा है जब तक भाजपा की सरकार है तब तक इस सदी में तो व्यापमं की जांच नहीं हो सकती।अगर दोषियों को सजा दिलवानी है तो देश और प्रदेश में से भाजपा को हटाना होगा।

दरअसल, अपने ट्वीटर के माध्यम से दिग्विजय ने शिवराज और भाजपा पर हमला बोलते हुए लिखा है कि 'व्यापमं मामले की सुनवाई कर रहीं 16 विशेष अदालतों में से नौ को ख़त्म किया गया। जिस रफ़्तार से सीबीआई व्यापम की जॉंच कर रही है मुझे नहीं लगता कि इस सदी में यह जॉंच पूरी हो पाएगी।'
आगे दिग्विजय ने लिखा है कि ''लगता है शिवराज ने मोदी अमित शाह के सामने दण्डवत कर आत्म समर्पण कर दिया है। घुटने टेक दिए हैं। वे भी शिवराज को बचाने में लग गए हैं।अगर व्यापम के दुष्ट अपराधियों को सज़ा दिलवानी है तो मप्र और देश में भाजपा सरकार बदलनी पड़ेगी।''

गौरतलब है कि वर्तमान में व्यापमं घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रदेश के 13 शहरों के 16 विशेष न्यायालयों में होती थी। मगर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 11 सितंबर को जारी अधिसूचना में नौ शहरों की नौ विशेष न्यायालयों को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन नौ शहरों की विशेष न्यायालयों को ख़त्म कर दिया गया है, उनमें रीवा, दमोह, सागर, बालाघाट, मुरैना, छतरपुर, गुना, भिंड और खंडवा शामिल हैं। इन शहरों में इस मामले की सुनवाई के लिए एक-एक विशेष न्यायालय थें।

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