व्यापमं मामले में अपराधियों को सजा दिलानी है तो सरकार बदलनी पड़ेगी : दिग्विजय
भोपाल। व्यापमं घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही 16 विशेष अदालतों में से नौ को ख़त्म कर दिया गया है। अब व्यापमं से जुड़े मामलों की सुनवाई भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर की सात विशेष न्यायालयों में ही होगी। इस पर कांग्रेस के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शिवराज और भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।उन्होंने कहा है जब तक भाजपा की सरकार है तब तक इस सदी में तो व्यापमं की जांच नहीं हो सकती।अगर दोषियों को सजा दिलवानी है तो देश और प्रदेश में से भाजपा को हटाना होगा।
दरअसल, अपने ट्वीटर के माध्यम से दिग्विजय ने शिवराज और भाजपा पर हमला बोलते हुए लिखा है कि 'व्यापमं मामले की सुनवाई कर रहीं 16 विशेष अदालतों में से नौ को ख़त्म किया गया। जिस रफ़्तार से सीबीआई व्यापम की जॉंच कर रही है मुझे नहीं लगता कि इस सदी में यह जॉंच पूरी हो पाएगी।'
व्यापमं मामले की सुनवाई कर रहीं 16 विशेष अदालतों में से नौ को ख़त्म किया गया https://t.co/gdf5B0fH0B— digvijaya singh (@digvijaya_28) 16 September 2017
जिस रफ़्तार से सीबीआई व्यापम की जॉंच कर रही है मुझे नहीं लगता कि इस सदी में यह जॉंच पूरी हो पाएगी।— digvijaya singh (@digvijaya_28) 16 September 2017
आगे दिग्विजय ने लिखा है कि ''लगता है शिवराज ने मोदी अमित शाह के सामने दण्डवत कर आत्म समर्पण कर दिया है। घुटने टेक दिए हैं। वे भी शिवराज को बचाने में लग गए हैं।अगर व्यापम के दुष्ट अपराधियों को सज़ा दिलवानी है तो मप्र और देश में भाजपा सरकार बदलनी पड़ेगी।''
अगर व्यापम के दुष्ट अपराधियों को सज़ा दिलवानी है तो मप्र और देश में भाजपा सरकार बदलनी पड़ेगी।— digvijaya singh (@digvijaya_28) 16 September 2017
लगता है शिवराज ने मोदी अमित शाह के सामने दण्डवत कर आत्म समर्पण कर दिया है। घुटने टेक दिए हैं। वे भी शिवराज को बचाने में लग गए हैं।— digvijaya singh (@digvijaya_28) 16 September 2017
गौरतलब है कि वर्तमान में व्यापमं घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रदेश के 13 शहरों के 16 विशेष न्यायालयों में होती थी। मगर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा 11 सितंबर को जारी अधिसूचना में नौ शहरों की नौ विशेष न्यायालयों को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन नौ शहरों की विशेष न्यायालयों को ख़त्म कर दिया गया है, उनमें रीवा, दमोह, सागर, बालाघाट, मुरैना, छतरपुर, गुना, भिंड और खंडवा शामिल हैं। इन शहरों में इस मामले की सुनवाई के लिए एक-एक विशेष न्यायालय थें।

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