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भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेने किसान करायें पंजीयन : कलेक्टर


किसानों का पंजीयन होगा 11 अक्टूबर तक

सीधी : कलेक्टर दिलीप कुमार ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से करायें। उन्होने बताया कि इस योजना से पक्के तौर पर किसानों को कोई घाटा नही होगा। जिले के धान एवं गेहूं के 35 समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर किसानों का निःशुल्क पंजीयन किया जा रहा है। और इससे वे अपने उपज का उचित मूल्य पा सकेंगे।
   कलेक्टर श्री कुमार ने बताया मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए खरीफ-2017 के लिए किसान कल्याण एवं कृषि विभाग ने भावांतर भुगतान योजना लागू की है। इस योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में चिन्हित फसल उपज का विक्रय किये जाने पर राज्य शासन घोषित माडल विक्रेय दर एवं भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधी भुगतान करेगी।
   इन फसलों के लिए है योजना- भावांतर भुगतान योजना अन्तर्गत खरीफ 2017 में सोयाबीन, मूगफली,तिल,रामतिल, मक्का, मूग, उडद, एवं तुअर की फसलें ली गई हैं। इसके लिए किसानों का पंजीयन 11 अक्टूबर 2017 तक भावांतर भुगतान योजना पोर्टल पर किया जायेगा। पंजीयन के समय किसान को पंजीयन हेतु किसान की समग्र परिवार आई डी., आधार नम्बर, बैक खाता नम्बर, आई.एफ.सी. कोड, बैक शाखा सहित (बैक खाता राष्ट्रीयकृत बैक अथवा जिला सहकारी केन्द्रीय बैक की शाखा का होना अनिवार्य है) भू अधिकार ऋण पुस्तिका की स्व प्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी। सिकमी/बटाई कास्तकार को पंजीयन हेतु आवेदन के साथ सिकमी/बटाई का अनुबंध का स्वप्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी। योजना के अन्तर्गत सोयाबीन, मूगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूग और उडद के लिए विक्रय अवधि 16 अक्टूबर से 15 दिसम्बर 2017 तक रहेगी। तुअर के लिए विक्रय अवधि 1 फरवरी से 30 अप्रैल 2018 तक रहेगी।
   देय राशि की गणना- कलेक्टर ने बताया कि प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। माडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा पूर्व निर्धारित दो अन्य राज्यों की माडल दर का औसत रहेगा।
   गोदाम पर भण्डारण पर मिलेगी किराया राशि- भावांतर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद विक्रय अवसर प्रदान करने के लिए भावांतर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिए 1 मई से 30 अगस्त 2018 और सोयाबीन मूगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूग और उडद 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2018 तक किसानों द्वारा लाईसेंस युक्त गोदाम में अपने कृषि उत्पाद रखे जाने के लिए गोदाम क्रय राशि किसानों दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित भण्डारण अवधि में मॉडल विक्रय दर, न्यूनतम समर्थन मूल्य के कम रहने की स्थिति में 07 रूपये प्रति क्विंटल प्रति माह अथवा जो वास्तविक भुगतान किया गया है। दोनो में से जो भी कम हो की दर से ऐसे किसानों के बैंक खाते में राशि जमा कराई जायेगी।

कलेक्टर ने बताया कि जिले के 35 पंजीयन केन्द्रों में 27 सितम्बर तक मात्र 394 किसानों ने भावांतर योजना अन्तर्गत पंजीयन कराया है। उन्होने कृषि विभाग एवं खरीदी केन्द्रों को निर्देश दियें है कि अधिक से अधिक संख्या में किसानों का पंजीयन कराया जाय। उन्होने जनप्रतिनिधियों एवं समाज सेवियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में भावांतर योजनान्तर्गत पंजीयन कराने के लिए किसानों को प्रेरित करें जिससे उनकों उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

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