रीवा के किसान झेल रहे है दोहरी मार,सूखा, के साथ साथ इल्ली का प्रकोप
रीवा : रीवा के किसान झेल रहे है दोहरी मार,सूखा, के साथ साथ इल्ली का प्रकोप जनता से रिश्ता वेबडेक्स मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इस बर्ष हुई कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. जिले में किसानों की फसलें सूख रहीं हैं और फसलों में लगने वाले कीट खड़ी फसल को चट कर रहे हैं. सबसे ज्यादा उड़द और सोयाबीन की फसल में कीटों का प्रकोप दिख रहा है. किसान परेशान हैं।रीवा में इस वर्ष तीन लाख सैंतालीस हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल की बोनी हुई ,एक सौ ग्यारह हजार हेक्टेयर पर धान, 75 हजार हेक्टयर पर उड़द और 48 हजार हेक्टेयर पर सोयाबीन की फसल बोई गई थी पानी के अभाव में अब ये फसलें सूख रहीं हैं । जो फसल हरी भी हैं उसमें रोग और कीड़ो का प्रकोप है. सोयाबीन और उड़द की फसल में पीला रोग लग गया है । जिससे फसल में फल ही नहीं लग रहे हैं. रीवा जिले की औसत वर्षा दस सौ पचास मिली मीटर है लेकिन अभी तक 675 मिली मीटर वर्षा ही हुई है किसान परेशान हैं. वो अपनी लागत को लेकर चिंतित हैं.जिले में हुई कम बारिश की बजह से जिला प्रशासन भी सकते में है । जिला योजना समिति के माध्यम से जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।जिला और संभाग के कृषि वैज्ञानिकों का दल फसल का सर्वे कर रहा है. और किसानों को सोयाबीन और उड़द में लगे रोग का निदान की विधि और दवा बता रहा है उड़द और सोयाबीन के उत्पादन में प्रदेश में रीवा का पहला स्थान रहता था मगर इस वर्ष हालात बेहद खराब हो चुके हैं।
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