शो पीस बने ग्रामीण क्षेत्रों लगे बीएसएनएल टाॅवरग्रामीण क्षेत्रों कई कई वर्षो से बंद पडे़ बीएसएनएल टाॅवर
नीरज गुप्ता संवाददाता
वेंकटनगर(अनूपपुर) : सरकारी मोबाइल सेवा की कंपनी बीएसएनएल जो इन ग्रामीण क्षेत्रो के उपभोक्ताओं के लिये दूर की कौडी बना नजर आ रहा है,जहाॅ एक ओर ग्रामीणों क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टविटी के लिये बड़े ही जोर-शोर करोड़ो रूपये खर्च कर मोबाईल टाॅवरों का निमार्ण किया गया था,जिस में प्रमुख रूप से देश की सरकारी दूरसंचार की कंपनी बीएसएनएल के द्वारा ग्रामीणों क्षेत्रो में मोबाइल टाॅवर लगाये गये थे, जो शुरूआती दौर में तो ठीक-ठाक चले,फिर वही प्राईवेट कंपनियों के मोबाईल टावरों के मैदान में आ जाने से बीएसएनएल के मोबाइल टाॅवर सरकारी उदासीनता व सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के भेंट चढ़ता चला गया, जहाॅ आज के हालत में उचित देख रेख न होने व मेन्टनेंस के अभाव में धीरे-धीरे ग्रामीणों इलाकों से इनके मोबाईल नेटवर्क गायब होते चले गये। ताजा मामला वेंकटनगर में लगे सरकारी दूरसंचार की कंपनी के बीएसएनएल मोबाइल टाॅवर का है, जो पिछले कई वर्षो से सरकारी उदासीनता की लापरवाही कारण बंद पड़ा हुआ है। जिसके कारण इसका लाभ स्थानीय उपभोक्ता केा मिलता नजर नही आ रहा है। जिसकी शिकायत समय पर स्थानीय उपभोक्ता के द्वारा बीएसएनएल के आला अधिकारियो व कर्मचारियों से की,लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बीएसएनएल के आला अधिकारियो व कर्मचारियों इस ओर ध्यान देना मुनासिब ही नही समझा,जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्तो को उठना पड़ रहा है। वेंकटनगर के जागरूक उपभोक्ता नीरज केशरवानी ने ट्विट्र के माध्यम से केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री व भारत के बीएसएनएल के आला अफसरो से इस में संबंध शिकायत की है, अब ऊपर के इन आला अधिकारियों पर ही टिकी है,आशा की उम्मीद ।
शो पीस बने टाॅवर
आज की ये स्थिति है कि गाॅवों में बीएसएनएल के मोबाइल तो लगे है,लेकिन वह मात्र शो पीस ही बन कर रह गये है। जहाॅ कुछ क्षेत्रों में बीएसएनएल टाॅवर चालू है,लेकिन अक्सर कनेक्टिविटी गायब ही रहती है। ये हालत वेंकटनगर व उसके आस पास के ग्रामीणों क्षेत्रों में सुलखरी,लपटा,सेमरवार और इनकेे जेैसे कई गाॅवों में कमोवेश यही हालत है। मोबाईल कनेक्टिविटी समस्या से इन ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओ को दो चार होना पड़ रहा है।
कैसे होगा पूरा मोदी जी का डिजिटल इंडिया का सपना
जहाॅ एक ओर ग्रामीण इलाको के बीएसएनएल टाॅवर शो पीस ही बन कर रह गये वही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा की स्थिति बदतर होती चली गई है। ग्रामीण इलाकों में पिछल कई वर्षाे से मेन्टीनेंस के अभाव के कारण मोबाइल टाॅवर बंद पडे हुये । जहाॅ एक ओर सरकार ग्रामीण इलाकों के नेट कनेक्टिविटी बढाने और ग्रामीण इलाको को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिये नित्य नये सस्ते पालन लंच कर रही है,वही बीएसएनएल के सरकारी अधिकरियों व कर्मचारी की लापरवाही के कारण ग्रामीण इलाकों में बीएसएनएल कनेक्टिविटी से जुझना पड़ रहा है।
टाॅवरो से गायब है बैटरियाॅ व देख रेख के अभाव में
वेंकटनगर(अनूपपुर) : सरकारी मोबाइल सेवा की कंपनी बीएसएनएल जो इन ग्रामीण क्षेत्रो के उपभोक्ताओं के लिये दूर की कौडी बना नजर आ रहा है,जहाॅ एक ओर ग्रामीणों क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टविटी के लिये बड़े ही जोर-शोर करोड़ो रूपये खर्च कर मोबाईल टाॅवरों का निमार्ण किया गया था,जिस में प्रमुख रूप से देश की सरकारी दूरसंचार की कंपनी बीएसएनएल के द्वारा ग्रामीणों क्षेत्रो में मोबाइल टाॅवर लगाये गये थे, जो शुरूआती दौर में तो ठीक-ठाक चले,फिर वही प्राईवेट कंपनियों के मोबाईल टावरों के मैदान में आ जाने से बीएसएनएल के मोबाइल टाॅवर सरकारी उदासीनता व सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही के भेंट चढ़ता चला गया, जहाॅ आज के हालत में उचित देख रेख न होने व मेन्टनेंस के अभाव में धीरे-धीरे ग्रामीणों इलाकों से इनके मोबाईल नेटवर्क गायब होते चले गये। ताजा मामला वेंकटनगर में लगे सरकारी दूरसंचार की कंपनी के बीएसएनएल मोबाइल टाॅवर का है, जो पिछले कई वर्षो से सरकारी उदासीनता की लापरवाही कारण बंद पड़ा हुआ है। जिसके कारण इसका लाभ स्थानीय उपभोक्ता केा मिलता नजर नही आ रहा है। जिसकी शिकायत समय पर स्थानीय उपभोक्ता के द्वारा बीएसएनएल के आला अधिकारियो व कर्मचारियों से की,लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बीएसएनएल के आला अधिकारियो व कर्मचारियों इस ओर ध्यान देना मुनासिब ही नही समझा,जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्तो को उठना पड़ रहा है। वेंकटनगर के जागरूक उपभोक्ता नीरज केशरवानी ने ट्विट्र के माध्यम से केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री व भारत के बीएसएनएल के आला अफसरो से इस में संबंध शिकायत की है, अब ऊपर के इन आला अधिकारियों पर ही टिकी है,आशा की उम्मीद ।
शो पीस बने टाॅवर
आज की ये स्थिति है कि गाॅवों में बीएसएनएल के मोबाइल तो लगे है,लेकिन वह मात्र शो पीस ही बन कर रह गये है। जहाॅ कुछ क्षेत्रों में बीएसएनएल टाॅवर चालू है,लेकिन अक्सर कनेक्टिविटी गायब ही रहती है। ये हालत वेंकटनगर व उसके आस पास के ग्रामीणों क्षेत्रों में सुलखरी,लपटा,सेमरवार और इनकेे जेैसे कई गाॅवों में कमोवेश यही हालत है। मोबाईल कनेक्टिविटी समस्या से इन ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओ को दो चार होना पड़ रहा है।
कैसे होगा पूरा मोदी जी का डिजिटल इंडिया का सपना
जहाॅ एक ओर ग्रामीण इलाको के बीएसएनएल टाॅवर शो पीस ही बन कर रह गये वही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा की स्थिति बदतर होती चली गई है। ग्रामीण इलाकों में पिछल कई वर्षाे से मेन्टीनेंस के अभाव के कारण मोबाइल टाॅवर बंद पडे हुये । जहाॅ एक ओर सरकार ग्रामीण इलाकों के नेट कनेक्टिविटी बढाने और ग्रामीण इलाको को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिये नित्य नये सस्ते पालन लंच कर रही है,वही बीएसएनएल के सरकारी अधिकरियों व कर्मचारी की लापरवाही के कारण ग्रामीण इलाकों में बीएसएनएल कनेक्टिविटी से जुझना पड़ रहा है।
टाॅवरो से गायब है बैटरियाॅ व देख रेख के अभाव में
कबाड़ हो गये जनरेटर
जहाॅ एक ओर ग्रामीण इलाकों के लिये ब्राड बैंड सर्विस कोसो दूर है,जिले में स्थापित अधिकांश मोबाईल टाॅवरो की बैटरियाॅ या तो ड्सिचार्ज या तो चोरी चली गई वही इन मोबाइल टाॅवरों में लगे पावरफुल जनरेटर यूॅ ही देख रेख के अभाव में कबाड़ में तब्दील होते चले जा रहे है।
जहाॅ एक ओर ग्रामीण इलाकों के लिये ब्राड बैंड सर्विस कोसो दूर है,जिले में स्थापित अधिकांश मोबाईल टाॅवरो की बैटरियाॅ या तो ड्सिचार्ज या तो चोरी चली गई वही इन मोबाइल टाॅवरों में लगे पावरफुल जनरेटर यूॅ ही देख रेख के अभाव में कबाड़ में तब्दील होते चले जा रहे है।

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