सुबह से रात तक किसानों का एक ही काम,किसी तरह बिक जाए धान
रीवा : उमरी धान खरीदी केन्द्र में सिरमौर और बैकुंठपुर क्षेत्र की धान की खरीदी चल रही है। यहां आसपास के 25 गांव से 20 किलोमीटर की दूरी तय करके किसान धान बिक्री हेतु उमरी खरीदी केंद्र में आते हैं। इन सभी को सुबह से लेकर रात तक खरीदी केंद्र में ही काटनी पड़ती है। इससे किसानों का समय बर्बाद हो रहा है। एक तो किसान ट्रेक्टर का भाड़ा देकर खरीदी केन्द्र तक पहुंचते हैं। फिर सारे दिन भर बिक्री हो जाने का इंतजार करते हैं। इससे उनके कृषि संबधित अन्य जरूरी कार्य प्रभावित होता है।
उमरी केन्द्र खरीदी में अव्यवस्था का आलम है। यहां बैठने व ठहरने के अलावा पेयजल का भी अभव है। हजारों किवंटल धान खुले में पड़ी है। नीचे की फर्श पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। किसानों की क्विंटलों धान कंकड़,मिट्टी के साथ खराब हो रही है। जिले के तकरीबन सभी खरीदी केंद्रों की व्यवस्था का बुरा हाल है।
इससे ठीक तो सिरमौर खरीदी केन्द्र था
सिरमौर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि यहां कर्मचारी देरी से आते हैं। दोपहर बारह बजे से खरीदी शुरू होती है। न धान की सुरक्षा के लिए टीनशेड है और न ही रख रखाव के लिए पक्की फर्श। जिससे नीचे रखी किसानों की धान खराब हो जाती है। इसके पहले जब सिरमौर खरीदी केंद्र बना था तब किसानों की दूरी का कम थी और समस्या भी इतनी नहीं थी।
गौरतलब है कि उमरी धान उपार्जन केन्द्र में सिरमौर व बैकुंठपुर को खरीदी केंद्र बनाया गया है। यहां कोई बोर्ड भी नहीं लगा है जिससे किसान ये जान सके की यहां सिरमौर व बैकुंठपुर की खरीदी होती है।
पीने के लिए पानी तक नहीं
नादा ग्राम के किसान ब्रह्मानंद त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार की रात खरीदी केन्द्र में गुजारने पड़ी। न ढकने के लिए चद्दर था और न पीने के लिए पानी। फिलहाल गुरुवार दोपहर 3 बजे उनकी धान खरीदी हो पाई। एक और किसान जगदीश कुमार द्विवेदी 3 ट्राली धान लिये सुबह लाये लेकिन देर शाम तक खरीदी नही हो सकी।
किसानों ने बताई अपनी व्यथा
बगढ़ा के किसान राजीव दुबे ने बताया की वे सुबह 6 बजे 35 क्विंटल धान बिक्री के लिए खरीदी केन्द्र उमरी में बैठा हूं लेकिन शाम 5 बजे तक खरीदी नहीं हुई। पूरा समय इसी में बीत गया। यहां नाप तौल में पर भी गड़बड़ी है। धान को1 किलो तक प्रति बोरा में ज्यादा भरा जाता है।
15 किलोमीटर दूर से आये बड़ी हर्दी के किसान उपेंद्र पांडेय 50 क्ंिवटल धान लिये 1000 रुपया ट्रेक्टर भाड़ा देकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे थे।
नेबुहा के किसान अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि सुबह से धान बिक्री का नंबर लिये बैठे हैं पर उनकी बारी नहीं आ रही।
अनुसुइया प्रसाद तिवारी बैकुंठपुर ने बताया कि उनकी 80 किवंटल धान यूं ही खुले में पड़ी है। पता नहीं आज खरीदी पाएगी या नहीं। यहां पहले ट्रकों को लोड किया जाता इसके बाद ही किसानों की धान उतरवाई जाती है।
उमरी धान खरीदी केंद्र का दौरा करके वहां की व्यवस्था सुनश्चित करेंगे। जहां किसानों की भाड़ा की समस्या है, वह शासन के निर्देशानुसार में आता है और दिया जाएगा।
मुनींद्र तिवारी, तहसीलदार सिरमौर
सम्भार : starsamachar.com
उमरी केन्द्र खरीदी में अव्यवस्था का आलम है। यहां बैठने व ठहरने के अलावा पेयजल का भी अभव है। हजारों किवंटल धान खुले में पड़ी है। नीचे की फर्श पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। किसानों की क्विंटलों धान कंकड़,मिट्टी के साथ खराब हो रही है। जिले के तकरीबन सभी खरीदी केंद्रों की व्यवस्था का बुरा हाल है।
इससे ठीक तो सिरमौर खरीदी केन्द्र था
सिरमौर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि यहां कर्मचारी देरी से आते हैं। दोपहर बारह बजे से खरीदी शुरू होती है। न धान की सुरक्षा के लिए टीनशेड है और न ही रख रखाव के लिए पक्की फर्श। जिससे नीचे रखी किसानों की धान खराब हो जाती है। इसके पहले जब सिरमौर खरीदी केंद्र बना था तब किसानों की दूरी का कम थी और समस्या भी इतनी नहीं थी।
गौरतलब है कि उमरी धान उपार्जन केन्द्र में सिरमौर व बैकुंठपुर को खरीदी केंद्र बनाया गया है। यहां कोई बोर्ड भी नहीं लगा है जिससे किसान ये जान सके की यहां सिरमौर व बैकुंठपुर की खरीदी होती है।
पीने के लिए पानी तक नहीं
नादा ग्राम के किसान ब्रह्मानंद त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार की रात खरीदी केन्द्र में गुजारने पड़ी। न ढकने के लिए चद्दर था और न पीने के लिए पानी। फिलहाल गुरुवार दोपहर 3 बजे उनकी धान खरीदी हो पाई। एक और किसान जगदीश कुमार द्विवेदी 3 ट्राली धान लिये सुबह लाये लेकिन देर शाम तक खरीदी नही हो सकी।
किसानों ने बताई अपनी व्यथा
बगढ़ा के किसान राजीव दुबे ने बताया की वे सुबह 6 बजे 35 क्विंटल धान बिक्री के लिए खरीदी केन्द्र उमरी में बैठा हूं लेकिन शाम 5 बजे तक खरीदी नहीं हुई। पूरा समय इसी में बीत गया। यहां नाप तौल में पर भी गड़बड़ी है। धान को1 किलो तक प्रति बोरा में ज्यादा भरा जाता है।
15 किलोमीटर दूर से आये बड़ी हर्दी के किसान उपेंद्र पांडेय 50 क्ंिवटल धान लिये 1000 रुपया ट्रेक्टर भाड़ा देकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे थे।
नेबुहा के किसान अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि सुबह से धान बिक्री का नंबर लिये बैठे हैं पर उनकी बारी नहीं आ रही।
अनुसुइया प्रसाद तिवारी बैकुंठपुर ने बताया कि उनकी 80 किवंटल धान यूं ही खुले में पड़ी है। पता नहीं आज खरीदी पाएगी या नहीं। यहां पहले ट्रकों को लोड किया जाता इसके बाद ही किसानों की धान उतरवाई जाती है।
उमरी धान खरीदी केंद्र का दौरा करके वहां की व्यवस्था सुनश्चित करेंगे। जहां किसानों की भाड़ा की समस्या है, वह शासन के निर्देशानुसार में आता है और दिया जाएगा।
मुनींद्र तिवारी, तहसीलदार सिरमौर
सम्भार : starsamachar.com

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