एसडीएम कोतमा के पहल पर किसानों का आंदोलन समाप्त
अनूपपुर/ प्रदीप मिश्रा-8770089979
गत दिवस एसईसीएल हंसदेव क्षेत्र के कुरजा उपक्षेत्र के कुरजा कालरी मोड पर पुर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान संघर्ष समिति बिजुरी के बैनर तले अध्यक्ष विनय षुक्ला के नेतृत्व में कुरजा,दलदल,परसापानी,नकटीटोला,रेउंदा के सैकडों किसानों ने धरना प्रर्दषन कर कालरी के अधिकारियों के आवागमन एवं कोयला परिवहन को पुर्ण रूप से ठप्प कर दिया। एवं अनेक किसानों ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। इस अवसर पर सुबह 10 बजे से किसान महिला एवं पुरूष काफी संख्या में पहुंच गए। और सभी आक्रोषित होकर कालरी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अंततः यह धरना प्रर्दषन ष्षांतिपुर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
एसडीएम कोतमा के पहल पर आंदोलन समाप्त
प्रभावित किसान अपने पुर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन स्थल पर पहुच कर कोयला परिवहन को ठप्प कर दिया। सडक के किनारे गाडियों की लंबी कतार लग गई थी। उसी समय एसडीएम कोतमा मिलिंद नागदेवे व नायब तहसीलदार कोतमा मनीष षुक्ला,एसडीओपी कोतमा विजय सिंह परिहार व टीआई बिजुरी महेंद्र सिंह चैहान भी पुलिस बल के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंच गए। साथ ही एसडीएम ने कुरजा उपक्षेत्रीय प्रबंधक अजयनाम जोषी को भी चर्चा के लिए आंदोलन स्थल पर बुला लिया। तत्पष्चात एसडीएम श्री नागदेवे ने किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनय षुक्ला,समिति के संरक्षक युगुल किषोर गुप्ता,पुर्व विधायक,षिवानंद पांडे,रमेष जायसवाल,विकास पांडे,फुल सिंह,विमल सिंह,मुकेष जैन,राजेष रजक,लखन सिंह,मोतीलाल सिंह एवं अन्य किसानों के साथ उनकी समस्या की जानकारी बिंदुवार ली एवं उसके निराकरण पर विस्त्त चर्चा की। चर्चा के दौरान 125 किसानों का लंबित मुआवजा व नौकरी का प्रकरण षीघ्र निपटाने पर सहमति बनी। जिसमें जन्म तिथि, मेडिकल,पुलिस जांच,फौती जैसी सुक्ष्म कमी के कारण उक्त प्रकरण लंबित है उसे प्रत्येक षुक्रवार व षनिवार को तहसील कार्यालय में षीघ्र निपटाने का निर्देष दिया। तथा 225 किसानों का मुआवजा व नौारी का प्रकरण कोयला मंत्रालय की स्वीकृति के लिए लंबित है उसकी स्वीकृति आने पर उस प्रकरण पर भी कार्रवाई की जाएगी। तब तक यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति बन गई। उक्त प्रकरण को निपटाने के लिए एसडीएम कोतमा ने ऐतिहासिक सार्थक पहल कर कालरी अधिकारीयों को दिषा निर्देष दिया एवं पटवारी राजीब सिंह परिहार,षिवकुमार पटेल,उपेंद्र दुबे आर.आई को भी इस प्रकरण को षीघ्र निपटाने हेतु निर्देषित किया। इस पहल के बाद किसानों का आंदोलन समाप्त हो गई।
क्या है मामला
इस संबंध में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनय षुक्ला ने बताया कि कुरजा उपक्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा कोयला उत्पादन हेतु नोटिफिकेषन नं. 3296/दिनांक 26.10.2012,सेक्स.9आई एवं नोटिफिकेषन नं.378/11.02.2013 सेक्स. 9 आई के तहत उक्त ग्रामीणों के 225 किसानों के 457.26 एकड जमीन अधिगृहीत कर ली गई एवं कालरी प्रबंधन द्वारा किसानों को यह आष्वस्त किया गया कि इस जमीन के बदले नियमानुसार मुआवजा एवं प्रभावित किसानों को नौकरी दी जाएगी। लेकिन आजतक कालरी प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके मांग के लिए किसानों ने 2014 से ही अपनी मांग के लिए धरना प्रर्दषन व आमरण अनषन भी किया। हर बार कालरी प्रबंधन किसानों को झुठा आष्वासन देकर आंदोलन को समाप्त करा देती है और फिर कुंभकरनीय निद्रा में सो जाती है। अनेक आंदोलन पष्चात कालरी प्रबंधन ने कुछ किसानों को मुआवजा प्रदान कर दी लेकिन अपने वादा के अनुसार नौकरी आजतक किसी को नहीं दी। इसी प्रकार कालरी प्रबंधन ने दुसरा नोटिफिकेषन नं. 1441 दिनांक 05.05.2014 सेकस. 9 आई,सेक्स.4आई दिनांक 21.08.2012,सेकस.7आई दिनांक 18.05.2013,सेक्स.11आई दिनांक 28.04.2015 के तहत 777.84 एकड 350 किसानों की जमीन अधिगृहीत कर ली गई और उन्हें भी आज तक न तो नौकरी ही दी न ही मुआवजा। और कालरी प्रषासन लगातार कोयला उत्पादन कर रही है। और किसानों के अधिकारों का हनन कर अपनी वादा खिलाफी में मषगुल है। किसानों की भुमि कोयला उत्पादन की वजह से जमीन बंजर हो चुकी है। अब वह खेती के लायक भी नहीं रह गई है। जिससे किसानों के समक्ष भुखमरी जैसी हालात पैदा होती जा रही है। जो अब किसान के समक्ष आत्महत्या करने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। श्री ष्षुक्ला ने कहा कि किसानों के प्रत्येक आंदोलन पष्चात प्रषासन के हस्तक्षेप से कालरी प्रबंधन ने किसानों से लिखित समझौता कर एक माह में मांगों को अमलीजामा पहनाने का वादा करती हंे और फिर मुकर जाती है। इसी तारतम्य में पुनः किसानों ने एकदिवसीय धरना प्रर्दषन कर अपनी मांग रखी है। जिसके तहत प्रकरण क्रं. 1 में कलेक्टर महोदय द्वारा गठित पुर्नवास एवं पुर्नस्थापना समिति द्वारा आयोजित ग्रामसभा में एक माह के अंदर रोजगार एवं मुआवजा देने का निर्णय लिया गया था उसे तत्काल लागु करने की मांग की है। एवं जब तक किसानों की मांग पुरी नहीं की जाती हंे तबतक कुरजा उपक्षेत्र के सममत कोयला खदानों से हो रहे कोयला उत्पादन एवं परिवहन में तत्काल रोक लगाने की मांग की है। एवं प्रषासन से किसानों के साथ ठगने वाले कालरी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण कायम करने की मांग की है।
इनकी रही उपस्थिति
इस धरना प्रदर्षन के दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनय षुक्ला,उपाध्यक्ष राम सिंह गोंड,राम सिंह पाव,मंगल सिंह,सचिव फुल सिंह,सहसचिव लखन सिंह,महेष कुमार यादव,संदीप कुमार यादव,कोषाध्यक्ष रमेष जायसवाल,प्रवक्ता विकास पांडे,संयोजक रमेष गुप्ता एड.,संरक्षक युगुल किषेार गुप्ता पुर्व विधायक,षिवानंद पांडे,मूलचंद प्रजापति,धर्मपाल पुरी,छोटेलाल यादव,देव कुमार,मीरा कोल,लल्लु पाव,आषा पिंटु रजक पार्षद वार्ड क्रं.7,राजेष रजक,कलावती पार्षद वार्ड क्रं.13 आदि सहित सैकडों किसान महिला एवं पुरूष उपस्थित थे।
पुलिस की चाक चैबंद व्यवस्था
इस अवसर पर कानुन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए थाना बिजुरी से टी.आई. बिजुरी महेंद्र सिंह चैहान के नेतृत्व में एस.आई. आर.एस.तिवारी , एस.आई एम.बी. प्रजापति,ए.एस.आई विजय सिंह, आलोक सिंह,विनोद द्विवेदी,आ. सुनिल मिश्रा,उमेष तिवारी, प्रवीण ठाकरे सुबह से ही धरना स्थल पर तैनात होकर प्रदर्षनकारीयों को समझाइस देते रहे।
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