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कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में उठाया प्रोटोकॉल का मुद्दा, पक्ष-विपक्ष में तीखी नोकझोंक



भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दो दिवसीय अवकाश के बाद पुन: सत्र सोमवार को शुरू हुआ। 6वे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ने ग्वालियर जिले में कृषि विभाग की आयोजित कृषक संगोष्ठी में भाजपा किसान मोर्चा के नेताओं को मुख्य अतिथि बनाए जाने का सवाल उठाया था। सवाल के उठाए जाते ही कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने भितरवार में कृषक संगोष्ठी में बीजेपी नेताओं को आमंत्रण पत्र भेजकर बुलाने का मामला प्रश्काल में उठाया। भाजपा मंडल अध्यक्ष से लेकर किसान मोर्चा के नेताओं को किस प्रोटोकॉल के तहत सरकारी कार्यक्रम में बुलाया गया। उन्होंने पूछा कि आमंत्रण पत्र में किस प्रोटोकाल के तहत बीजेपी नेताओं के नाम छापे गए। प्रोटोकॉल का उलंघन करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही हो। इस प्रश्न के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक ने प्रश्न पूछते वक्त आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। सवाल के दौरान मंत्री उमाशंकर गुप्ता भी विवाद में कूद गए, जिसके चलते करीब 25 मिनट हंगामा चला और पूरा प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा हर कांग्रेस विधायक के क्षेत्र में ऐसी घटना हो रही है। भाजपा नेताओ को सरकारी कार्यक्रम में बुलाया जाता है। उनके नाम आमंत्रण पत्र में छपते है। यह स्वस्थ परंपरा नही है, जिसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोक हुई। कुल मिलाकर पूरा प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान खंडवा में विवादित पोस्टर के मामले पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि माहौल बिगड़ने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। वहीं वे बलात्कार पर भी आज पास होने वाले विधेयक पर भी बोले। वहीं इस अवसर पर बाबूलाल गौर ने विधानसभा में प्याज के मुद्दे पर प्रश्न उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

निर्दलीय विधायक ने किया हंगामा, गर्भगृह में पहुंचे विधायक

वहीं दूसरी ओर पेच परियोजना सिंचाईं को लेकर सदन में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष में विवाद हुआ। जिसके बाद निर्दलीय विधायक दिनेश राय मुनमुन गर्भगृह में जा पहुंचे। राय का आरोप था कि प्रभावशाली व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए एक क्षेत्र को पानी दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री सदन में गलत जानकारी दे रहे हैं। साथ ही कहा कि यदि उनकी बात गलत साबित हो तो वे सदन से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद निर्दलीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सदन में जमकर हंगामा किया। पेंच परियोजना से सिवनी के लाल माटी क्षेत्र में पानी न मिलने से वे नाराज़ थे। इससे पहले भी 5 बार वह यह सवाल सदन में उठा चुके हैं। सदन में रेप के मामले में फांसी तक की सजा के प्रावधान का विधेयक पर चर्चा हुई। गोविन्द सिंह बोले कि कानून का दुरूपयोग होगा। उन्होंने यहां भिंड में दुरुपयोग का उदहारण दिया। साथ ही अरुणा शर्मा के लेख का हवाला भी दिया।

गौर ने प्याज और दाल खरीदी का मामला उठाया

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने एक बार फिर राज्य सरकार को घेरा है। इस बार गौर ने प्याज और दाल खरीदी में हुई अनियमितता के मामले में अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्याज खरीदी के मामले में प्रदेश के सात जिलों में अनियमितता होने की बात कहते हुए गौर ने कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। नरसिंहपुर की दाल खरीदी के मामले में गौर ने दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों के बारे में भी सरकार से जानकारी मांगी।

नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15 से 2016-17 के बीच तुअर, मूंग, उड़द एवं अन्य किस्म की दालों की खरीदी की वर्षवार जानकारी मांगी जिस पर किसान कल्याण मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने बताया कि इन वर्षों में दालें नहीं बल्कि दलहन उपज की खरीदी प्राथमिक सहकारी संस्थाओं एवं विपणन संस्थाओं के माध्यम से की गई थी। अनियमितता की शिकायत पर खाद्य आयुक्त विवेक पोरवाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर जांच कराई गई जिसमें सहकारिता निरीक्षक अमित ठाकुर व चंद्रशेखर पटेल द्वारा जिला विपणन अधिकारी नरसिंहपुर व विपणन सहकारी संस्था चावरपाठा (खुलरी) धनंजय पटेल और अभिषेक पटेल को दोषी पाया गया। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में नरसिंहपुर के सहायक आपूर्ति अधिकारी अशोक कुमार सत्यार्थी के विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

जवाब से नहीं हुए संतुष्ट

प्याज खरीदी के मामले में गौर ने अफसरों द्वारा की गई अनियमितता की जानकारी विधानसभा के माध्यम से सरकार से मांगी। इस पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि चालू साल में 23 जिलों में 800 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 87.33 क्विंटल प्याज की खरीदी 698.62 करोड़ रुपए में की गई।  प्याज खरीदी पर सरकार के जवाब से गौर असंतुष्ट नजर आए।

शून्यकाल में उठा पुलिस पिटाई का मामला

विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कटनी में पत्रकार पिटाई का मामला विधायक सौरभ सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि टीआई शैलेष मिश्रा पर कार्रवाई करने के बजाय एसपी व अन्य अधिकारी उसे बचा रहे हैं और आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है। इसी तरह विधायक सुखेंद्र सिंह बना ने रीवा में मनीष पटेल नाम के युवक की पुलिस द्वारा की गई पिटाई का मामला उठाया और कहा कि पुलिस मामले में पर्दा डाल रही है। विधायक केपी सिंह ने प्रभारी मंत्री के साथ असामाजिक तत्वों के घूमने का मामला उठाया जिन पर केस दर्ज हैं। विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने कालेज के प्रदर्शन का मामला उठाया वहीं पूर्व सीएम बाबूलाल गौर ने कहा कि बीएचईएल में सरकारी कालेज जर्जर है।

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