बेखौफ चल रहा अवैध शराब का धन्धा पुलिस व आबकारी प्रशासन मूक
बेखौफ चल रहा अवैध शराब का धन्धा
पुलिस व आबकारी प्रशासन मूक
👉अनूपपुर /प्रदीप मिश्रा-8770089979👈
म0प्र0 सरकार जहां एक तरफ प्रदेष को शराब के नषे से मुक्त बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रही हैं वहीं दूसरी ओर जिले का आबकारी अमला सब कुछ जानते हुए भी अंजान बना हुआ हैं। अवैध शराब माफियाओं का साम्राज्य जिले के कोने कोने व गांव के गलियों तक फैला पसरा हुआ है जो बिना भय व बिना रोक टोक के शराब बेचवाने का काम कर रहे हंै माफियां हर जगह पर अपने गुर्गांे को बैठाकर अवैध कारोबार क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा हैं। शराब माफिया द्वारा पडोसी राज्य में ष्षराब प्रतिबंधित होने का लाभ भी ले रहा है वह मध्यप्रदेष के ष्षराब को एक बडी खेप में ले जाकर छत्तीसगढ राज्य में धडल्ल्ेा से बेंच रहा है। नगर से लेकर गाॅव के गलियों तक चारो तरॅफ अवैध ष्शराब बिक्री के चलन ने जोर पकडा है नगर का युवा शराब के लत में मदहोस होकर अपराध की दुनिया में जा रहा बावजूद इसके स्थानीय पुलिस का अमला व आबकारी पुलिस का मौन रहना इनके कत्र्तब्यपरायण कार्यषैली पर प्रष्न चिन्ह खडा करता । 👇गांव गांव बिक रही शराब👇
थाना क्षेत्र बिजुरी जो आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ साथ कोयलांचल नगरी भी है जहां भिन्न भिन्न राज्यों के षिक्षित अषिक्षित व आदिवासी मजदूर वर्ग निवास करते है नषे के माफियां इसी का फायदा उठाकर उन मजदूरों व उनके बच्चों को शराब आसानी से मुहैया करा नषे के दलदल में धकेल रहे हंै। जिसमे बिजुरी नगर व उससे लगे सभी पंचायतो में मुख्य जगहों पर बकायदा एक दुकान संचालित है जॅहा से परोसने का काम धड़ल्ले से किया जाता है। इस थाना क्षेत्र में सरकारी तंत्र के अनुरूप तीन लायसेंसी देसी विदेषी दुकाने होने हैं बावजूद नगर के प्रमुख चैराहों कालोनियों व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी पंचायतों में स्थानीय पुलिस व आबकारी के मिलीभगत से दुकाने संचालित है। जिससे लोगो केा शराब आसानी से मिल जाती है जिसका षिकार नये चेहरे ज्यादातर हो रहे हैं। नगर में तीन दुकानें संचालित होने के बावजूद भी ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में ठेकेदार द्वारा जगह जगह नई दुकानों का संचालन किया जा रहा है जो सरकार के आदेष का खुला उल्लंघन है जिस पर प्रषासन के नुमाइंदों को कार्यवाही करनी चाहिए बावजूद वे खुला तमाषा निजी लाभ के लिए देख रहे हैं जिसका गंभीर परिणाम नषे की लत ने लोगों जकडन में ले लिया है।
👇पुलिस की नाक के नीचे दर्जन भर ठीहे👇
बिजुरी नगर थाना के आसपास दर्जन भर अवैध ठीहे है जहां शराब के साथ साथ पीने खाने की भी ब्यवस्था दी जाती है। इन ठीहों में देर रात तक जाम छलकता है। नगर में संचालित दर्जन भर ठीहे आखिर देर रात तक खुले आम किसके दम संचालित हो रहे हैं। लगभग 12 बजे देर रात्रि तक नगर का दुकान संचालित रहता है।साम होते ही नगर में शौकीनांे का मजमा आसानी से शोरगुल गाली गलौज करते दर्जन भर ठीहों में देखा जा सकता है। बिजुरी नगर के शासकीस कन्या हायर सेकेन्डरी स्कूल के बगल से एक बार फिर से अवैध दुकान जो पिछले एक दषक से चल रही हैं जिसे बंद कराने कई बार पुलिस व आबकारी विभाग को पत्र लिखा गया किन्तु उसका संचालन अब तक बंद नही किया जा सका है। प्रष्न यह है कि आबकारी व पुलिस अमला की ऐसी कौन सी मजबूरी है कि षिकायतो के बाद भी आज तक इस दुकान को बंद नही करा सकी।
👇प्रषासन करती है खाना पूर्ती 👇
आबकारी विभाग के नुमाइंदे शराब माफियाओं के आगे घुटने टेक दिये हैं। जिससे वह बिजुरी में छापामार कार्यवाही करने आते तो जरूर हैं लेकिन आने से पहले शराब माफिया जाने कैसे सर्तक हो जाते हैं उन्हे न जाने कैसे जानकारी मिल जाती हैं कि यहां आबकारी अमला आने वाला हैं। देखा जाता है कि आबकारी का अमला नगर के शराब दुकान के आगे गाडी लगाकर दुकान के अॅदर बैठ कर चाय नास्ता करते हैं इस बीच स्टेषन माग पूरी तरह घॅटों जाम हो जाता है। जब कभी मार्ग बाधा हटाने की बात कोई आम शहरी करता है तो उसे वर्दी का धौंस बताया जाता है ऐसे में यह प्रष्न खडा होता है कि ये कैसी दादागिरी है वर्दी का। प्रष्न यह है कि समूचे क्षेत्र में अॅग्रेजी शराब की भरमार है गली गली दुकान है फिर कार्यवाही क्यों नही। देष भक्ति जन सेवा का नारा लगाने वाली स्थानीय पुलिस व आबकारी विभाग मौन क्यों है तथा अवैध कारोबार पर अंकुष लगाने में फिसडडी होने का तमगा क्यों लगाए खडी है।
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