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अगले 2-3 वर्षो में वाणसागर से 2 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र मे होगी सिंचाई : जयंत मलैया

सतना  | प्रदेश के जल संसाधन, पर्यावरण, वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कहा कि अगले दो-तीन वर्षो में वाणसागर परियोजना से 2 लाख 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराई जायेगी। उन्होने कहा कि खेती को लाभदायी धंधा बनाने और सिंचाई सुविधाओ के विस्तार के राज्य सरकार के कार्यो से विगत नौ वर्षो में प्रदेश की सिंचाई क्षमता 7 लाख हेक्टेयर से बढकर 25 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है। जल संसाधन मंत्री श्री मलैया शुक्रवार को सतना जिले के पहाडी और दुर्गम विकासखण्ड मझगवां क्षेत्र में 201 करोड लागत की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओ के शिलान्यास अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, सतना विधायक शंकरलाल तिवारी, जनपद अध्यक्ष मेवालाल भारती, जनपद उपाध्यक्ष सरला त्रिपाठी, पार्षद राजेश सिंह गहरवार, राजू अग्रवाल, रामऔतार दद्दा, जीवनलाल अग्रवाल, रूद्रदत्त पाण्डेय, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री शिल्पकार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
    जल संसाधन मंत्री श्री मलैया ने कहा कि वाणसागर परियोजना विन्ध्य क्षेत्र की जीवन रेखा है वाणसागर की परियोजना को पूर्ण करने के साथ ही प्रदेश की अन्य बडी सिंचाई परियोजनाओ को पूरा कर नहरो के माध्यम से किसानो के खेतो तक पानी पहुँचाने के सरकार के प्रयासो ने खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। उन्होने कहा कि पहले गेंहू का उत्पादन 49 लाख मैट्रिक टन होता था जो अब बढकर लगभग तीन गुना 162 लाख मैट्रिक टन हो गया है। उन्होने कहा कि सिंचाई सुविधाओ के विस्तार से अब प्रदेश के किसान तीन फसले भी लेने लगे है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा कृषि सड़क बिजली पानी सभी क्षेत्रो में उल्लेखनीय कार्य किये है। वाणसागर परियोजना से सिंचित होने वाले क्षेत्र का रकबा लगातार बढ रहा है। आने वाले दो-तीन वर्षो में इसे 2 लाख हेक्टेयर से भी ऊंपर करने जा रहे है।
    वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि राज्य सरकार के वित्तीय अनुशासन और कुशल वित्तीय प्रबंधन से सरकार के पास पैसे की कमी नही है। अधोसंरचना विकास के कार्य तथा सामाजिक सरोकार के काम अनवरत जारी रखते हुये आज भी 5400 करोड रूपये राज्य सरकार के पास संचित निधि के रूप मे उपलब्ध है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओ को स्व-रोजगार के माध्यम से स्थापित करने के कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय स्तर पर कुशल ब्यक्ति मिल सके इसके लिये ब्लाक स्तर पर कौशल उन्नयन केन्द्र एवं आई.टी.आई. के माध्यम से प्रशिक्षण की ब्यवस्था भी की गई है। जल संसाधन मंत्री ने राज्य सरकार के सिंचाई सुविधा विस्तार के कार्यो में कर्मठता से सहयोग करने पर विभाग के अधिकारियो का आभार भी ब्यक्त किया।
    विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने कहा कि मझगवां क्षेत्र के वन प्रांतर इलाके में 201 करोड की सिंचाई सुविधाओ के मिलने से आज खुशी का माहौल है। उन्होने बताया कि लम्बे समय से सिंचाई सुविधा के लिये इन बांधो के बनने और वाणसागर ही नहरो से मझगवां अंचल की भूमि को भी सिंचित करने का सपना साकार हो रहा है। विधायक श्री गहरवार ने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी सड़के रोटी कपडा और मकान के बाद महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकताए होती है। आजादी के 65 सालो के बाद भी इस क्षेत्र में ढाई लाख एकड़ खेती योग्य भूमि मे मात्र 2 हजार 583 हेक्टेयर क्षेत्र ही सिंचित रहा है। इन सिंचाई सुविधाओ के कार्यो से मझगवां क्षेत्र का सिंचाई रकबे का प्रतिशत एक फीसदी से बढकर 40 फीसदी तक किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। मझगवां क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विकास से लोगो के रहन-सहन और आर्थिक स्थिति में ब्यापक सुधार आयेगा। मझगवां क्षेत्र में वाणसागर की नहरो को लाने तथा सिंचाई सुविधा के कार्यो को स्वीकृत करने के लिये उन्होने मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा जल संसाधन मंत्री श्री मलैया को धन्यवाद ज्ञापित किया।
    विधायक सतना शंकरलाल तिवारी ने कहा कि जल संसाधन मंत्री श्री मलैया मझगवां क्षेत्र के लिये जल की धार पहुँचाने आये भागीरथ की तरह है। उन्होने कहा कि जब तक किसान मजदूरो की आर्थिक उन्नति नही होगी और किसानी को फायदे को धंधा नही बनायेगे तब तक सही मायने मे स्वर्णिम मध्यप्रदेश नही बन सकता। हर हाथ को काम और हर खेत को पानी के मूलमंत्र को सामने रखते हुये राज्य सरकार ने सिंचाई के सुविधा के विस्तार एवं बेरोजगारी दूर करने के प्रयास किये है।

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