रेवाड़ी में मोदी की रणभेरी, कहा, यह दिल्ली की सल्तनत को 'ललकार'
रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी जिले में नरेंद्र मोदी की रैली शुरू हो
गई है। प्रधानमंत्री पद के लिए बीजेपी उम्मीदवार चुने जाने के बाद नरेंद्र
मोदी की यह पहली रैली है। मोदी यहां पूर्व सैन्यकर्मियों की एक रैली को
संबोधित कर रहे हैं, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह भी मौजूद
हैं। उनके साथ कई सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी भी रैली में हिस्सा ले रहे
हैं। जैसे ही मोदी मंच से भाषण देने के लिए उठे वहां मौजूद करीब डेढ़ लाख
लोगों की तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट के बीच स्पीकर पर शेर की आवाज सुनाई
गई।
सेना के पूर्व अफसरों और जवानों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि रिझांग्ला, त्रिशूर या करगिल की लड़ाई हो भारतीय सेना ने शाहदत का शतक लगाया। सैनिक का जीवन किसी ऋषि-मुनि से कम नहीं है।कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा एक दशक होने को आया, कोई अच्छी खबर सुनने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मैं भारत के वैज्ञानिकों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
मोदी ने कहा कि पीएम प्रत्याशी घोषित होने पर इतनी खुशी नहीं हुई, जितनी इस कार्यक्रम में शरीक होकर हो रही है। मैं चौथी कक्षा का छात्र था, गरीब था, दो रुपये एक साथ नहीं देखे थे, अखबार में इश्तहार था, सैनिक स्कूल में दाखिले का। दो रुपये जमाकर मैंने पोस्ट ऑफिस के पोस्टमास्टर की मदद से स्कूल का प्रोस्पैक्टस मंगवाया। मैं मानता था कि देश की सेवा करना यानि सेना में जाना। मैंने फार्म जमा किया। पिता जी से टिकट के पैसे मांगें की परीक्षा देनी है, लेकिन पिता जी पैसे का इंतजाम नहीं कर पाए और मैं दाखिला नहीं ले पाया।
मोदी ने आगे कहा, मैं छठी कक्षा का छात्र था, जब चीन युद्ध हुआ, तब मैंने सैनिकों की सेवा की। बाद में भारतीय जनता पार्टी में रहकर सेना के करीब आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ईश्वर का संकेत है कि पीएम उम्मीदवारी की घोषणा के बाद मैं पहले से तय इस रैली में आया हूं।
उन्होंने कहा, हरियाणा में स्वामी दयानंद सरस्वती का प्रभाव रहा है। इमरजेंसी के दौरान मोराजी देसाई को हरियाणा की जेल में रखा गया था। चौधरी देवीलाल, चौधरी बंशीलाल के साथ काम करने का मौका मिला। रेवाड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ रैली की थी।
रैली की अपार भीड़ को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह परिवर्तन की पुकार है, दिल्ली की सल्तनत को ललकार है। इस भूमि पर गीता का संदेश भगवान श्रीकृष्ण ने दिया था। देश में भी संकट के समय सैनिक काम आते हैं। गुजरात का विनाशकारी भूकंप हो या उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा, सेना ने हर मुश्किल घड़ी में देश की सेवा की है।
सेना के पूर्व अफसरों और जवानों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि रिझांग्ला, त्रिशूर या करगिल की लड़ाई हो भारतीय सेना ने शाहदत का शतक लगाया। सैनिक का जीवन किसी ऋषि-मुनि से कम नहीं है।कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा एक दशक होने को आया, कोई अच्छी खबर सुनने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मैं भारत के वैज्ञानिकों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
मोदी ने कहा कि पीएम प्रत्याशी घोषित होने पर इतनी खुशी नहीं हुई, जितनी इस कार्यक्रम में शरीक होकर हो रही है। मैं चौथी कक्षा का छात्र था, गरीब था, दो रुपये एक साथ नहीं देखे थे, अखबार में इश्तहार था, सैनिक स्कूल में दाखिले का। दो रुपये जमाकर मैंने पोस्ट ऑफिस के पोस्टमास्टर की मदद से स्कूल का प्रोस्पैक्टस मंगवाया। मैं मानता था कि देश की सेवा करना यानि सेना में जाना। मैंने फार्म जमा किया। पिता जी से टिकट के पैसे मांगें की परीक्षा देनी है, लेकिन पिता जी पैसे का इंतजाम नहीं कर पाए और मैं दाखिला नहीं ले पाया।
मोदी ने आगे कहा, मैं छठी कक्षा का छात्र था, जब चीन युद्ध हुआ, तब मैंने सैनिकों की सेवा की। बाद में भारतीय जनता पार्टी में रहकर सेना के करीब आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ईश्वर का संकेत है कि पीएम उम्मीदवारी की घोषणा के बाद मैं पहले से तय इस रैली में आया हूं।
उन्होंने कहा, हरियाणा में स्वामी दयानंद सरस्वती का प्रभाव रहा है। इमरजेंसी के दौरान मोराजी देसाई को हरियाणा की जेल में रखा गया था। चौधरी देवीलाल, चौधरी बंशीलाल के साथ काम करने का मौका मिला। रेवाड़ी में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ रैली की थी।
रैली की अपार भीड़ को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह परिवर्तन की पुकार है, दिल्ली की सल्तनत को ललकार है। इस भूमि पर गीता का संदेश भगवान श्रीकृष्ण ने दिया था। देश में भी संकट के समय सैनिक काम आते हैं। गुजरात का विनाशकारी भूकंप हो या उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा, सेना ने हर मुश्किल घड़ी में देश की सेवा की है।

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