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फाड़कर फेंक दो दागियों को बचाने वाला अध्यादेशः राहुल

नई दिल्ली। सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों की सदस्यता बरकरार रखने के लिए लाए गए विवादित अध्यादेश का अब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी विरोध कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने दागियों को बचाने के लिए अध्यादेश लाकर ठीक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उनकी राय में अध्यादेश पूरी तरह से बकवास है और इसकी कॉपी को फाड़कर फेंक देना चाहिए।
गौरतलब है कि मुख्य विपक्षी दल बीजेपी पहले से ही इस अध्यादेश का विरोध कर रहा है। विरोध के मद्देनजर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इस अध्यादेश पर काफी विचार-विमर्श करके आगे बढ़ना चाह रहे थे। उन्होंने मशविरा करने के लिए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और कानून मंत्री कपिल सिब्बल को भी बुलाया था। बीजेपी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर पहले ही अध्यादेश को अनैतिक, असंवैधानिक और गैरकानूनी करार दिया था।
अध्यादेश के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जा चुका है। यही नहीं, अध्यादेश को लेकर कांग्रेस में भी विरोध के सुर सामने आने लगे थे। लेकिन अब खुद पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बिल को बकवास बताकर फाड़ डालने की बात कही है। राहुल के बयान के बाद सरकार दबाव में नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार अध्यादेश को वापस लेने की तैयारी में है।
जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकर राहुल गांधी ने ये बात कही, उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन सरकार का बचाव कर रहे थे और बीजेपी पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगा रहे थे। लेकिन इसी दौरान अचानक पौने दो बजे राहुल प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और अध्यादेश पर अपना विरोध जाहिर किया। राहुल ने कहा कि कांग्रेस समेत सभी पार्टियां इस अध्यादेश को लेकर राजनीति कर रही हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इस बिल को लेकर दूसरी पार्टियों की जो भी राय हो लेकिन वो अपनी पार्टी के बारे में अपना रुख साफ कर रहे हैं।
ध्यान देने वाली बात ये कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल के बोलने से पहले अजय माकन कह रहे थे कि बीजेपी सर्वदलीय बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए कानून बदलने के पक्ष में थी और अब बाहर कुछ और बोल रही है। इसी दौरान अजय माकन के पास रखा फोन बजा। माकन ने फोन की तरफ देखा। माना जा रहा है कि ये फोन राहुल गांधी का था। राहुल का फोन देखकर माकन कुर्सी से खड़े हुए और कहा कि उन्हें फोन पर किसी से जरूरी बात करनी है और वो प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले गए। इसके थोड़ी देर बाद ही राहुल प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे और कहा कि अध्यादेश फाड़कर फेंक देना चाहिए।
राहुल के बयान के बाद पार्टी के मीडिया प्रभारी अजय माकन ने कहा कि राहुल के विचार पार्टी के विचार हैं। माकन के मुताबिक आज पार्टी ने अपने विचार रख दिए हैं। अब देखना होगा कि इस पर कैसी कार्रवाई होती है। राहुल के बयान के बाद अध्यादेश पर सरकार और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। राहुल के बयान के बाद सरकार सकते में है। सूत्रों के मुताबिक सरकार अध्यादेश को वापस ले सकती है।
बीजेपी ने साधा निशाना
उधर, राहुल के इस बयान से बीजेपी को सवाल उठाने का मौका मिल गया है। बीजेपी नेता अरुण जेटली ने कहा कि देश भर में जब इसके प्रति घृणा हुई तो वो ऐसा बोल रहे हैं। दो बार देश के सामने जब इसे पेश करने की कोशिश की तब क्यों नहीं बोले। क्या अब वो दागियों को बाहर करेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रधानमंत्री जी को अपने और अपने मंत्रिमंडल के सम्मान के बारे में सोचना चाहिए।

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