दिग्विजय सिंह द्वारा पेश बुर्के के बिल पर उठे सवाल
इंदौर। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भोपाल में 25
सितंबर को होने जा रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महाकुंभ के लिए 10
हजार बुर्के खरीदे गए हैं। दिग्विजय ने इस आरोप के पक्ष में खरीदारी का बिल
भी पेश किया है। लेकिन अब इस बिल पर ही सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि
दुकानदार ने उसे बिल के बजाय कुटेशन बताया है। सिंह ने मंगलवार सुबह इंदौर
में संवाददाताओं से कहा कि भोपाल में 25 सितंबर को होने जा रहे भाजपा के
महाकुंभ में मुस्लिम महिलाओं को वितरित करने के लिए 10 हजार बुर्के इंदौर
से खरीदे गए हैं। इसके लिए 42 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। सिंह
ने अपने आरोप के पक्ष में एक बिल भी दिखाया, जिसमें बुर्के खरीदी का जिक्र
है।
बिल के मुताबिक शीतला माता बाजार में जीनत नामक बुर्के की एक दुकान है। यह दुकान करीब 10 वर्ष पहले बंद हो चुकी है। उसकी नई दुकान इस समय बांम्बे बाजार में है। दुकान के संचालक सलीम का कहना है कि उनके पास बीते रोज 23 सितंबर को अंकुर नामक एक व्यक्ति आया था, उसने बुर्के खरीदने की बात कहते हुए कुटेशन लिया था। यह बिल नहीं है।
सलीम ने कहा कि बुर्के खरीदने के लिए आए व्यक्ति को कुटेशन दिया गया था। इस कुटेशन से छेड़छाड़ कर उसे बिल बताया जा रहा है। वहीं सरकार के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ने सफेद झूठ बोला है। वह वोट की राजनीति न करें। वह अपने बयान से राज्य का साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री से कहा भी है कि दिग्विजय की गतिविधियों पर नजर रखी जाए।
बिल के मुताबिक शीतला माता बाजार में जीनत नामक बुर्के की एक दुकान है। यह दुकान करीब 10 वर्ष पहले बंद हो चुकी है। उसकी नई दुकान इस समय बांम्बे बाजार में है। दुकान के संचालक सलीम का कहना है कि उनके पास बीते रोज 23 सितंबर को अंकुर नामक एक व्यक्ति आया था, उसने बुर्के खरीदने की बात कहते हुए कुटेशन लिया था। यह बिल नहीं है।
सलीम ने कहा कि बुर्के खरीदने के लिए आए व्यक्ति को कुटेशन दिया गया था। इस कुटेशन से छेड़छाड़ कर उसे बिल बताया जा रहा है। वहीं सरकार के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ने सफेद झूठ बोला है। वह वोट की राजनीति न करें। वह अपने बयान से राज्य का साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री से कहा भी है कि दिग्विजय की गतिविधियों पर नजर रखी जाए।

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