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मोदी की ताजपोशी की राह में आडवाणी ने डाला अड़ंगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम के ऐलान को लेकर बीजेपी में महाभारत जारी है। इस मुद्दे पर लालकृष्ण आडवाणी को मनाने की पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की कोशिश बेकार गई। बीजेपी जल्द संसदीय बोर्ड की बैठक कर सर्वसम्मति से मोदी के नाम का ऐलान करना चाहती है, लेकिन संघ के दबाव के बावजूद आडवाणी खेमा इसके लिए राजी नहीं दिखता।

आडवाणी के मूड को देखते हुए शुक्रवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक को लेकर भी संशय बना हुआ है। इसी बैठक में मोदी के नाम का ऐलान किया जाना था। मोदी के मुद्दे पर ही पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भी मंगलवार रात आडवाणी से मुलाकात की थी। लेकिन वो भी आडवाणी की रजामंदी लेने में नाकाम रहे। दरअसल पार्टी चाहती है कि आडवाणी ही नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव कर दें। लेकिन आडवाणी अगले विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा के खिलाफ हैं।

मसला सिर्फ आडवाणी तक ही नहीं सिमटा है। उनके खेमे में सुषमा स्वराज और मुरली मनोहर जोशी का भी सोचना यही है। लेकिन संघ ने मोदी के नाम के ऐलान का दबाव बढ़ा दिया है। बीजेपी में मची इस सिरफुटव्वल पर हमले का कोई मौका कांग्रेस छोड़ नहीं रही। पार्टी नेता मनीष तिवारी ने कहा कि सारे निर्णय तो नागपुर में संघ द्वारा किए जाते हैं। क्या संघ कोई लोकतांत्रिक संस्था है। जो रिमोट कंट्रोल की बात करते हैं वो अपने गिरेबां में झांककर देख लें।

ऐसे माहौल में अब सारा दारोमदार पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह पर है। सबकी नजर है कि संघ की मर्जी के मुताबिक मोदी के नाम के ऐलान के लिए वो आडवाणी खेमे को कैसे राजी करते हैं। सूत्रों के मुताबिक संसदीय दल की बैठक में अपने नाम के ऐलान के बाद मोदी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद ये पद सुषमा स्वराज को दिया जा सकता है। सुषमा के इनकार पर अरुण जेटली या नितिन गडकरी को भी ये जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

फिलहाल आम सहमति न बनते देख शुक्रवार की प्रस्तावित संसदीय दल की बैठक अधर में लटक गई है और मोदी की ताजपोशी भी। 20 तारीख से दो हफ्ते के लिए पितृपक्ष की शुरुआत हो जाएगी। हिंदू परंपरा में इस पखवाड़े को शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में राजनाथ सिंह को मोदी के नाम का ऐलान करना है और जल्द करना है। सवाल यही है कि ये ऐलान सर्वसम्मति से होगा या गोवा की तर्ज पर आडवाणी इस बार भी दरकिनार कर दिए जाएंगे।

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