-->

Breaking News

‘‘खर्चीली भीड़’’ के पीछे भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने में

भोपाल। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्य सरकार की साझेदारी में 25 सितम्बर को भोपाल में आयोजित रैली को भाजपा सरकार की विफलता के कारण जन्मे जन असंतोष और आक्रोश की तरफ से मुंह फेरने की कोशिश बताते हुए कहा है कि पिछले साल का यह अनुभव रहा है कि जब  भी प्रदेश की जनता भाजपा की सरकार से कामकाज का हिसाब मांगती है, तो भाजपा हिसाब देने की बजाय किसी ने किसी बहाने से करोड़ों रूपये खर्च कर भोपाल में या संभाग स्तर पर भीड़ जुटा लेती है और जनता के सवालों को पीछे धकेल देती है। आपने कहा है कि 25 सितम्बर को जम्बूरी मैदान पर पार्टी जो शाही जल्सा करने जा रही है-उसमें जमा होने वाली खर्चीली भीड़ के पीछे शिवराजसिंह चौहान अपनी सरकार की विफलताओं को छिपाने की चेष्टा कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता अब बहुत समझदार हो चुकी है और वह 150 करोड़ के खर्च से हो रहे ऐसे मेले के पीछे के सच को भी ठीक से समझ रही है। प्रदेश में जो हालात बन रहे हैं और सत्ता परिवर्तन की जो आंधी प्रदेश में चलने लगी है, वह ऐसे जमावड़ों को आगामी नवम्बर महीने मं निरर्थक साबित कर देगी।
श्री भूरिया ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के जो आला नेतागण डेढ़-दो साल पहले टहलते हुए पुनः सरकार बना लेने का दावा किया करते थे, वे कांगे्रस की मैदानी तैयारियों और उनको जनता की ओर से मिल रहे प्रतिसाद से भाजपा में इतनी अधिक घबराहट फैल गई है कि जम्बूरी मैदान पर पूरी ताकत झोंक कर महंगा जमावड़ा करना पड़ रहा है। आपने कहा है कि चुनाव के इन दिनों में मुख्य मंत्री, मंत्रियों और पार्टी के विधायकों एवं पदाधिकारियों को जनता का सामना करके इन सवालों का जवाब देना चाहिए कि विभिन्न क्षेत्रों में राज्य सरकार ने पिछले दस वर्षों में जनहित और प्रदेश हित में कितना काम किया है ? सत्तारूढ़ पार्टी ने वर्ष 2003 और 2008 में मतदाताओं से जो वादे किये थे, वे कितने पूरे हुए हैं ? मुख्य मंत्री और मंत्रियों ने जो हजारों घोषणाएं की हैं, क्या वे पूरी हो चुकी हैं ? सरकार को खुलासा करना चाहिए कि ऐन चुनाव के पूर्व लाखों की संख्या में प्रदेश भर में बिना बजट के शिलान्यास का दौर क्यों चलाया जा रहा है ?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि राज्य के जिलों से जो सूचनाएं मिल रही हैं, उनसे जाहिर हो रहा है कि सत्तारूढ़ भाजपा के अधिकतर विधायक इन दिनों अपने विधान सभा क्षेत्र के मतदाताओं से आंखें नहीं मिला पा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने क्षेत्र और क्षेत्र के लोगों की भलाई के लिए कोई खास काम नहीं किया। भाजपा सरकार के मंत्रियों की हालत तो यह हो गई है कि जब भी वे अपने जिले में जाते हैं, तो उन्हं मतदाताओं के आक्रोश भरे सवालों की बौछार का सामना करना पड़ता है। इसी जन आक्रोश का ही नतीजा है कि अनूप मिश्रा जैसे धाकड़ मंत्रियों को भी अन्य चुनाव क्षेत्र की तलाश करना पड़ रही है। इसके अलावा ऐन-केन-प्रकारेण चुनाव जीतने में माहिर उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का आत्मविश्वास भी जवाब दे गया है और वे बेटे को आगे करने की आड़ लेकर प्रत्याशी बनने से कतराने लगे हैं। ऐसी दशा में विधायकों की हालत कैसी हो रही होगी, सहज कल्पना की जा सकती है।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com