ईरान नहीं बनाएगा परमाणु हथियार: हसन रुहानी
ईरान | ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनका देश कभी भी क्लिक
करें परमाणु हथियारों का निर्माण नहीं करेगा.रूहानी ने अमरीका के टीवी चैनल
एनबीसी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम
पर पश्चिमी देशों से बातचीत करने के लिए उनके पास संपूर्ण अधिकार हैं. साथ
ही हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा उन्हें भेजे गए ख़त को
रूहानी ने ''सकारात्मक और रचनात्मक'' बताया.
हसन रुहानी ने कहा, "क्लिक करें परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में सरकार पूरी शक्ति और अधिकार के साथ उतरेगी. मैंने विदेश मंत्रालय को परमाणु मुद्दे पर बाचतीत करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है. हमारी तरफ़ से कोई समस्या नहीं आएगी. हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए उपयुक्त राजनीतिक आज़ादी है."
राष्ट्रपति रुहानी से जब पूछा गया कि क्या ईरान परमाणु हथियार बनाएगा तो उन्होंने कहा कि ईरान का ऐसा कोई इरादा नहीं है.रुहानी ने कहा, "इस सवाल का जवाब काफ़ी स्पष्ट है और हम ये बात बार-बार कह चुके हैं कि हम किसी भी हालात में परमाणु हथियारों सहित किसी भी विनाशकारी हथियार को हासिल करने की ओर क़दम नहीं बढाएंगे."
राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई
इससे पहले ईरान ने 11 राजनीतिक क़ैदियों को रिहा कर दिया था. रिहा किए गए लोगों में जानी मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नसरीन सोतूदाह और राजनीतिज्ञ मोहसिन अमीनज़ादेह शामिल थे.अपने चुनावी कार्यक्रमों में हसन रुहानी ने वादा किया था कि वो राजनीतिक क़ैदियों को रिहा कर देंगे और अंतरराष्ट्रीय मामलों में खुला रुख़ अपनाएँगे.ईरानी राष्ट्रपति ने सीरिया पर हमला नहीं करने के अमरीका के फ़ैसले को एक सकारात्मक क़दम बताया.
उन्होंने कहा, "हम युद्ध को एक कमज़ोरी की तरह देखते हैं. अगर कोई सरकार युद्ध का फ़ैसला करती है तो हमें लगता है कि वो उसकी कमज़ोरी है. अगर कोई सरकार शांति स्थापित करने का फ़ैसला करती है तो हम उसकी ओर इज़्ज़त से देखेंगे."
हसन रुहानी अगले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क जाने वाले हैं.
अमरीका के साथ संबंधएक मुख्य अमरीकी समाचार संगठन से रूहानी के बातचीत करने का फ़ैसला दिखाता है कि उनकी सरकार के लिए क्लिक करें अमरीका के साथ फिर से बातचीत करना कितना अहम है.
ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रमों के कारण संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं.ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यक्रमों के लिए है लेकिन अमरीका और उसके सहयोगी देशों का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है.
अमरीका की ओर से बुधवार को कहा गया था कि राष्ट्रपति ओबामा और राष्ट्रपति रुहानी ने एक दूसरे को पत्र लिखे हैं.अमरीका की ओर से लिखे गए पत्र में ओबामा ने इशारा किया था कि अमरीका, ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं ताकि ईरान दुनिया को दिखा सके कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मक़सद के लिए है.
राष्ट्रपति रुहानी ने ओबामा के पत्र को सकारात्मक और रचनात्मक बताया.हसन रुहानी के टीवी इंटरव्यू के एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामनेई ने कहा था कि वो कूटनीति के विरुद्ध नहीं हैं.ईरान की परमाणु संस्था के प्रमुख ने बुधवार को तेहरान में पत्रकारों को बताया था कि पश्चिम के साथ इस मुद्दे को सुलझाने में इस साल उन्हें ''महत्वपूर्ण क़दम'' की उम्मीद है.अली अकबर सालेही ने कहा, "परमाणु मुद्दे को सुलझाने के लिए शुरु हुई प्रक्रिया के बारे में हम बहुत आशावादी हैं.
हसन रुहानी ने कहा, "क्लिक करें परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में सरकार पूरी शक्ति और अधिकार के साथ उतरेगी. मैंने विदेश मंत्रालय को परमाणु मुद्दे पर बाचतीत करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है. हमारी तरफ़ से कोई समस्या नहीं आएगी. हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए उपयुक्त राजनीतिक आज़ादी है."
राष्ट्रपति रुहानी से जब पूछा गया कि क्या ईरान परमाणु हथियार बनाएगा तो उन्होंने कहा कि ईरान का ऐसा कोई इरादा नहीं है.रुहानी ने कहा, "इस सवाल का जवाब काफ़ी स्पष्ट है और हम ये बात बार-बार कह चुके हैं कि हम किसी भी हालात में परमाणु हथियारों सहित किसी भी विनाशकारी हथियार को हासिल करने की ओर क़दम नहीं बढाएंगे."
राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई
इससे पहले ईरान ने 11 राजनीतिक क़ैदियों को रिहा कर दिया था. रिहा किए गए लोगों में जानी मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नसरीन सोतूदाह और राजनीतिज्ञ मोहसिन अमीनज़ादेह शामिल थे.अपने चुनावी कार्यक्रमों में हसन रुहानी ने वादा किया था कि वो राजनीतिक क़ैदियों को रिहा कर देंगे और अंतरराष्ट्रीय मामलों में खुला रुख़ अपनाएँगे.ईरानी राष्ट्रपति ने सीरिया पर हमला नहीं करने के अमरीका के फ़ैसले को एक सकारात्मक क़दम बताया.
उन्होंने कहा, "हम युद्ध को एक कमज़ोरी की तरह देखते हैं. अगर कोई सरकार युद्ध का फ़ैसला करती है तो हमें लगता है कि वो उसकी कमज़ोरी है. अगर कोई सरकार शांति स्थापित करने का फ़ैसला करती है तो हम उसकी ओर इज़्ज़त से देखेंगे."
हसन रुहानी अगले हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बैठक में भाग लेने न्यूयॉर्क जाने वाले हैं.
अमरीका के साथ संबंधएक मुख्य अमरीकी समाचार संगठन से रूहानी के बातचीत करने का फ़ैसला दिखाता है कि उनकी सरकार के लिए क्लिक करें अमरीका के साथ फिर से बातचीत करना कितना अहम है.
ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रमों के कारण संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं.ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यक्रमों के लिए है लेकिन अमरीका और उसके सहयोगी देशों का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है.
अमरीका की ओर से बुधवार को कहा गया था कि राष्ट्रपति ओबामा और राष्ट्रपति रुहानी ने एक दूसरे को पत्र लिखे हैं.अमरीका की ओर से लिखे गए पत्र में ओबामा ने इशारा किया था कि अमरीका, ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं ताकि ईरान दुनिया को दिखा सके कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मक़सद के लिए है.
राष्ट्रपति रुहानी ने ओबामा के पत्र को सकारात्मक और रचनात्मक बताया.हसन रुहानी के टीवी इंटरव्यू के एक दिन पहले ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामनेई ने कहा था कि वो कूटनीति के विरुद्ध नहीं हैं.ईरान की परमाणु संस्था के प्रमुख ने बुधवार को तेहरान में पत्रकारों को बताया था कि पश्चिम के साथ इस मुद्दे को सुलझाने में इस साल उन्हें ''महत्वपूर्ण क़दम'' की उम्मीद है.अली अकबर सालेही ने कहा, "परमाणु मुद्दे को सुलझाने के लिए शुरु हुई प्रक्रिया के बारे में हम बहुत आशावादी हैं.

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