अमेरिकी रेगुलेटर ने रैनबैक्सी को दिया बिग शॉक
नई दिल्ली | रैनबैक्सी लैबोरेटरीज को एक और झटका लगा
है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) ने कंपनी के
मोहाली प्लांट को लेकर इंपोर्ट अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी रेगुलेटर ने
कहा है कि इस प्लांट में मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस ठीक नहीं थी। इसलिए यह
कदम उठाया गया है।यूएसएफडी की वेबसाइट के मुताबिक, इंपोर्ट अलर्ट 13 सितंबर
को जारी किया गया है। इसके दायरे में मोहाली प्लांट में बनने वाले ड्रग और
ड्रग प्रोडक्ट्स शामिल हैं। अमेरिकी रेगुलेटर ने अलर्ट की डिटेल नहीं दी
है, लेकिन जांच से पता चला है कि कंपनी गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस का
पालन नहीं कर रही है।
इस पर रैनबैक्सी के प्रवक्ता ने कहा, 'हमें अभी इस बारे में यूएसएफडीए से कोई इंफॉर्मेशन नहीं मिली है। हम अमेरिकी रेगुलेटर से इसकी जानकारी मांग रहे हैं।' कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, मोहाली प्लांट में ओरल सॉलिड बनाए जाते हैं। इस साल मई में रैनबैक्सी भारत के दो प्लांट में बनने वाली दवाओं में गड़बडि़यों को लेकर अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर के साथ सेटलमेंट किया था। वह अमेरिकी अथॉरिटीज को इसके लिए 50 करोड़ डॉलर देने पर सहमत हुई थी। इससे पहले यूएसएफडीए ने 2008 में रैनबैक्सी के देवास प्लांट में बनने वाली 30 दवाओं पर पाबंदी लगाई थी। यह प्लांट मध्य प्रदेश में है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब प्लांट पर भी तब ऐसा ही एक्शन लिया गया था।
भारतीय कंपनी ने पहले की गलतियां मानी थीं, लेकिन उसने यह भी कहा था कि उन्हें दूर कर लिया गया है। रैनबैक्सी ने कहा था कि उसकी दवाएं सेफ हैं। कंपनी ने यह भी कहा था कि वह दुनिया के किसी देश के रेगुलेटर के साथ अपने प्लांट्स की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। रैनबैक्सी के शेयर सोमवार को दोपहर में 27.21 फीसदी गिरकर 332.85 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे। बाद में इसमें और ज्यादा गिरावट आई। कंपनी के शेयर आखिर में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 318.85 रुपए पर बंद हुए।
इस पर रैनबैक्सी के प्रवक्ता ने कहा, 'हमें अभी इस बारे में यूएसएफडीए से कोई इंफॉर्मेशन नहीं मिली है। हम अमेरिकी रेगुलेटर से इसकी जानकारी मांग रहे हैं।' कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, मोहाली प्लांट में ओरल सॉलिड बनाए जाते हैं। इस साल मई में रैनबैक्सी भारत के दो प्लांट में बनने वाली दवाओं में गड़बडि़यों को लेकर अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर के साथ सेटलमेंट किया था। वह अमेरिकी अथॉरिटीज को इसके लिए 50 करोड़ डॉलर देने पर सहमत हुई थी। इससे पहले यूएसएफडीए ने 2008 में रैनबैक्सी के देवास प्लांट में बनने वाली 30 दवाओं पर पाबंदी लगाई थी। यह प्लांट मध्य प्रदेश में है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब प्लांट पर भी तब ऐसा ही एक्शन लिया गया था।
भारतीय कंपनी ने पहले की गलतियां मानी थीं, लेकिन उसने यह भी कहा था कि उन्हें दूर कर लिया गया है। रैनबैक्सी ने कहा था कि उसकी दवाएं सेफ हैं। कंपनी ने यह भी कहा था कि वह दुनिया के किसी देश के रेगुलेटर के साथ अपने प्लांट्स की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है। रैनबैक्सी के शेयर सोमवार को दोपहर में 27.21 फीसदी गिरकर 332.85 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे। बाद में इसमें और ज्यादा गिरावट आई। कंपनी के शेयर आखिर में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट के साथ 318.85 रुपए पर बंद हुए।

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