अपने करीबी दोस्त के घर में भी बेगाने हुए आडवाणी
लखनऊ।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लौहपुरुष कहे जाने वाले वरिष्ठ नेता
लालकृष्ण आडवाणी अपने करीबी साथी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
के घर में ही बेगाने हो गए हैं। ऐसा उनके अपनों ने ही किया है। आडवाणी का
शहर में आगमन हो रहा है, लेकिन पूरे शहर में लगी होर्डिगों, बैनरों एवं
पोस्टरों से आडवाणी गायब। भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी को शुक्रवार को देश
के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ शाहमीना रोड पर बने
साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होना था। वह
कार्यक्रम में शामिल भी हुए। लेकिन कार्यक्रम को लेकर पूरे शहर में जो
होर्डिग, बैनर और पोस्टर लगाए गए थे, उसमें आडवाणी का कही अता-पता नहीं।
भाजपा
सूत्रों के मुताबिक लखनऊ से सांसद लालजी टंडन के इशारे पर ही भाजपा से
जुड़े लोगों ने बड़े-बड़े बैनर, पोस्टर जगह-जगह लगाए थे। लेकिन पोस्टर एवं
होर्डिग्स में अटल की तस्वीर तो थी, लेकिन भाजपा के लौहपुरुष की तस्वीर
गायब। भाजपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि ऐसा मोदी के चाहने वाले ही कर सकते
हैं। वरना अटल के साथ आडवाणी की तस्वीर न हो यह तो बड़े ही दुख की बात है।
मोदी खेमे की ओर से यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया है। लखनऊ में
कन्वेंशन सेंटर, प्रदेश कार्यालय, कैसरबाग, नूर मंजिल और निशातगंज स्थित
गोमती पुल के पास लगी बड़ी-बड़ी होर्डिगों से आडवाणी नदारद। आयोजनकर्ताओं
से इसकी वजह पूछे जाने पर कोई भी शख्स मुंह खोलने को तैयार नहीं। इस बात की
भी चर्चा रही कि इस कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को शामिल
होने का न्योता जानबूझकर नहीं भेजा गया।
राजनाथ
के अलावा नरेंद्र मोदी को भी न्योता नहीं भेजा गया, जबकि मोदी के करीबी
अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ आने वाले थे लेकिन कतिपय कारणों से देर रात उनका
दौरा टल गया। कार्यक्रम को लेकर हालांकि स्थानीय सांसद लालजी टंडन का केवल
इतना कहना है कि इस कार्यक्रम को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता चंद्रमोहन सिंह से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने इस मसले
पर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में
लखनऊ में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई थी। तब भी बैनरों एवं
पोस्टरों से आडवाणी को गायब कर दिया गया था, लेकिन मामले ने जब तूल पकड़ा
तो एक बड़े नेता के इशारे पर रातों रात बैनर, होर्डिग्स बदल दिए गए थे।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com