-->

Breaking News

राहुल के बयान से UPA की किरकिरी, PM नहीं देंगे इस्तीफा

नई दिल्ली । दागियों पर लाए गए अध्यादेश को जिस तरह से राहुल गांधी ने खारिज किया है उसने विपक्ष को प्रधानमंत्री पर हमला करने का मौका दे दिया है.खासतौर पर बीजेपी ने प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के अस्तित्व पर सवाल खड़े करते हुए उनसे इसतीफे की मांग कर डाली हे. लेकिन कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे से साफ इंकार किया है.

दोषी सांसदों विधायकों को तत्काल अयोग्यता से बचाने वाले अध्यादेश पर राहुल गांधी के हमले पर मचा राजनीतिक घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने विवेक की आवाज सुनकर पद छोड़ देना चाहिए और कांग्रेस का कहना है कि राहुल की टिप्पणियां ‘लोकतंत्र के लिए स्वास्थ्यकर’ हैं.

अध्यादेश को लेकर राहुल के सरकार पर निशाना साधने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने एकजुट दिखने का प्रयास किया लेकिन संप्रग के अहम घटक दल राकांपा ने कहा कि राहुल की टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मिंदगीपूर्ण है. उधर, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विवादित अध्यादेश पर चर्चा के लिए संप्रग समन्वय समिति की बैठक बुलाने की मांग की.

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री अपने विवेक की आवाज सुनने का मेरा अनुरोध स्वीकार करते हैं, दिल्ली में आते ही उन्हें सीधे राष्ट्रपति भवन जाकर अपना इस्तीफा देना चाहिए.प्रसाद ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि डाक्टर मनमोहन सिंह, क्या आपमें विवेक बचा है. क्योंकि मुद्दा डाक्टर मनमोहन सिंह नहीं हैं, मुददा देश के प्रधानमंत्री के कार्यालय की अखंडता है.

उधर, भाजपा नेताओं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अरूण जेटली ने कहा कि राहुल द्वारा अध्यादेश की कड़ी आलोचना करने से प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा को ‘नुकसान’ पहुंचा.चौहान ने भोपाल में एक बयान में कहा कि अध्यादेश पर राहुल गांधी की टिप्पणियां प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद का अपमान हैं.

भाजपा के नेता अरूण जेटली ने कहा कि राहुल द्वारा अध्यादेश की आलोचना से प्रधानमंत्री कार्यालय की गरिमा को ‘नुकसान’ हुआ है.केन्द्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कांगेस उपाध्यक्ष की विवादित अध्यादेश की आलोचना को ‘लोकतंत्र के लिए स्वास्थ्यकर’ बताया और कहा कि गलती को स्वीकार करके इसे ठीक करने में कुछ भी गलत नहीं है.

देवड़ा ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस में लोकतंत्र के लिए यह स्वास्थ्यकर दिन है, संप्रग सरकार में लोकतंत्र के लिए यह स्वास्थ्यकर दिन है और भारत में लोकतंत्र के लिए यह स्वास्थ्यकर दिन है.देवड़ा इन सवालों पर प्रतिक्रिया कर रहे थे कि कांग्रेस और संप्रग सरकार की इस अध्यादेश को लेकर एक राय नहीं थी.

राहुल द्वारा अध्यादेश की आलोचना करने से पूर्व इसका सार्वजनिक रूप से विरोध करने वाले एकमात्र केन्द्रीय मंत्री देवड़ा ने हालांकि कहा कि सरकार या पार्टी में किसी भी व्यक्ति ने प्रधानमंत्री के अधिकार को कमतर करने का प्रयास नहीं किया और सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं.

उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार इस पर एक हैं. हम मजबूत से प्रधानमंत्री के पीछे हैं और सरकार तथा पार्टी अध्यादेश पर एक हैं.देवड़ा ने अध्यादेश को पार्टी बनाम सरकार का मुद्दा बनाने का प्रयास करने और प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगने पर भाजपा पर भी निशाना साधा.

केन्द्रीय मंत्री और राकांपा नेता प्रफुल पटेल ने कोलकाता में कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह का घटनाक्रम हुआ, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे बेहतर तरीके से निबटा जा सकता है. यह शर्मिंदगीपूर्ण है. 

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि संप्रग के सभी घटकों को विश्वास में लेने और इस अध्यादेश को लेकर पैदा गलतफहमियों को दूर करने के लिए समन्वय समिति की बैठक बुलाई जानी चाहिए और सार्वजनिक रूप से जो स्थिति पैदा हुई है उसे बंद कमरे में ठीक करने की जरूरत है.वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्यसभा सदस्य कर्ण सिंह ने भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का अध्यादेश मामले में समर्थन किया.

एक सिख संगठन ‘सिख पंजाबी हेल्पलाइन’ ने दिल्ली में अध्यादेश को लेकर अपने बयानों से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कथित रूप से ‘अपमान’ करने पर राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया.बड़ी संख्या में सिखों ने कंस्टीटयूशन क्लब से जंतर मंतर तक मार्च किया और कुछ को पुलिस द्वारा क्लब के परिसर में हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया.

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com