PM ने सीपत सुपर थर्मल पावर को किया देश को समर्पित
बिलासपुर । प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने गुवार को छत्तीसगढ़
के बिलासपुर जिले के सीपत में राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम द्वारा लगभग 13
हजार करोड़ रुपए की लागत से निर्मित दो हजार 980 मेगावाट क्षमता वाले सुपर
थर्मल पावर प्लांट को देश को समर्पित किया। इस विशाल वित संयंत्र से
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश समेत महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, जम्मू-कश्मीर
राज्यों के साथ ही दमन-दिव तथा दादरा नगर हवेली के इलाके भी लाभांवित
होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बिना बिजली देश की अर्थव्यवस्था
मजबूत नहीं हो सकती। देश के तेज आर्थिक विकास के लिए बिजली की उपलब्धता
बहुत जरूरी है। चाहे खेती-किसानी हो या उद्योग और व्यवसाय, पावर की जरूरत
हर एक को है। उन्होंने कहा कि सीपत की सुपर थर्मल ताप बिजली परियोजना से
कई राज्यों को बिजली मिलेगी, लेकिन इसका खास फायदा छत्तीसगढ़ को होगा। इससे
राज्य सरकार को आमदनी होगी, जिसे वह प्रदेश के विकास में लगा सकेगी।
उन्होंने कहा कि सीपत और लारा की बिजली परियोजनाओं से बिलासपुर और
रायगढ़ जिले में रोजगार के नए-नए अवसर पैदा होंगे। राष्ट्रीय ताप विद्युत
निगम [एनटीपीसी] देश की महानतम कंपनियों में से हैं। राष्ट्र के विकास में
इस कंपनी का महत्वपूर्ण योगदान है और छत्तीसगढ़ के साथ एनटीपीसी का पुराना
संबंध है। प्रधानमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों
से मालामाल राज्य है। इस राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं। मुझे
विश्वास है कि छत्तीसग़ढ अपने विकास में इन क्षमताओं का पूरा उपयोग करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कोरबा को छत्तीसग़ढ की विद्युत राजधानी के
रूप में पहचाना जाता है। एनटीपीसी ने कोरबा समेत छत्तीसग़़ढ में अपने कार्य
क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत कई
महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। युवाओं के कौशल विकास के लिए कोरबा के पास पाली
के आईटीआई और रायग़ढ के पास पुसौर की आईटीआई को अपनी देखरेख में लिया है।
बलौदा, सीपत और कोरबा में भी नए आईटीआई स्थापित करने की योजना है। इसके
अलावा एनटीपीसी द्वारा रायपुर में भारतीय सूचना तकनीकी संस्थान, रायग़ढ
मेडिकल कॉलेज के निर्माण और कोरबा में इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण में
सहायता की जाएगी। इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और खेलकूद
को ब़ढावा देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इन तमाम कार्यों के लिए
उन्होंने एनटीपीसी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसग़ढ के मुख्यमंत्री
डॉ. रमन सिंह उस समय प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली
केंद्र सरकार में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री थे।
सीएम डॉ. सिंह ने गुरुवार को इस परियोजना के लोकार्पण समारोह में इस
प्रसंग का उल्लेख करते हुए परियोजना के निर्माण में श्री बाजपेयी के योगदान
को विशेष रूप से याद किया। मुख्यमंत्री ने उन किसानों को भी धन्यवाद दिया,
जिन्होंने देश हित में इस परियोजना के निर्माण के लिए अपनी लगभग चार हजार
300 एक़़ड जमीन सरकार को दी है। डॉ. सिंह ने परियोजना को युद्ध स्तर पर
पूर्ण करने में इंजीनियरों, अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों की भी
प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसग़़ढ देश का पहला ऐसा राज्य है,
जिसे अब बिजली कटौती की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के 13 वर्षों में छत्तीसग़ढ ने विकास
की नई ऊंचाइयों को छुआ है। छत्तीसग़़ढ अब तेजी से आगे ब़़ढ रहा है। यह देश
का पहला बिजली कटौती मुक्त राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़
संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य है और यह देश का पावर हब बन चुका है।
प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए सीएम डॉ. सिंह ने बताया कि केंद्र
सरकार ने बारहवीं पंचवर्षीय योजना में देश में एक लाख मेगावाट बिजली
उत्पादन का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसमें छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 30
प्रतिशत होगा, यानी कि बारहवीं योजना के अंत तक छत्तीसगढ़ 30 हजार मेगावाट
बिजली उत्पादन की क्षमता हासिल कर लेगा। कार्यक्रम में राज्यपाल शेखर
दत्त, केंद्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री व पीसीसी अध्यक्ष डॉ.
चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, केंद्रीय ऊर्जा सचिव पीके
सिन्हा, एनटीपीसी के सीएमडी डॉ. अप राय चौधरी, बेलतरा विधायक बद्रीधर
दीवान, मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी,
लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह, बिलासपुर मेयर श्रीमती वाणी राव आदि दिग्गज
उपस्थित थे।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर नामकरण
प्रधानमंत्री डॉ. सिंह ने सीपत के सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का
नामकरण पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के नाम पर करने की घोषषणा की।
प्रधानमंत्री ने जैसे ही सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का नामकरण किया, दर्शक
दीर्घा में बैठे ग्रामीणों के साथ ही कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने
अपनी खुशी का इजहार करते हुए तालियों की ग़़डग़़डाहट से उनकी इस घोषणा का
स्वागत किया।
लारा परियोजना का भूमिपूजन
सीपत में परियोजना का लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री डॉ. सिंह ने
कार्यक्रम स्थल से ही रिमोट सिस्टम द्वारा छत्तीसग़ढ के रायग़ढ जिले में
राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम के ग्राम लारा में चार हजार करो़ड पए की लागत
वाले सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के 1600 मेगावाट के प्रथम चरण का
शिलान्यास किया। लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीपत थर्मल पावर प्रोजेक्ट राष्ट्र को समर्पित करना
मेरे लिए खुशी की बात है। इसके द्वारा उत्पादित की जा रही दो हजार 980
मेगावाट बिजली न केवल छत्तीसग़़ढ बल्कि दक्षिण भारत और जम्मू कश्मीर को भी
जा रही है। लारा में चार हजार मेगावाट क्षमता की ताप विद्युत परियोजना की
50 प्रतिशत बिजली छत्तीसग़ढ को मिलेगी। प्रथम चरण में इसमें लगभग 12 हजार
करोड़ रुपए का निवेश होगा।
पीएम के भरोसे पर खरे उतरे
केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री [स्वतंत्र प्रभार] ज्योतिरादित्य सिंधिया
ने कहा कि सीपत सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट को देश को समर्पित करने
प्रधानमंत्री मौजूद हैं। इस मौके पर मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि
देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री ने जो
संकल्प लिया था, उसमें हमे शत-प्रतिशत कामयाबी मिली है। हम लक्ष्य को
प्राप्त कर चुके हैं। अतीत में जो हो गया सो हो गया। अब हमें पूछे मु़़डकर
नहीं देखना है। अब हमें हमारी नई पी़़ढी की बेहतरी का ध्यान रखते हुए
उज्जवल भविष्य बनाना होगा। देश के कुल उत्पादन की 42 हजार मेगावट बिजली
उत्पादन करने वाली एनटीपीसी को देश की महारत्न कंपनियों में शामिल करते हुए
श्री सिंधिया ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि प्रधानमंत्री द्वारा तय
किए गए लक्ष्य की प्राप्ति में अन्य कंपनियों के साथ ही एनटीपीसी का अपना
बहुमूल्य योगदान रहा है।
उनका कहना था कि देश की प्रगति और विकास तभी संभव है, जब देश में
ऊर्जा का सही उपयोग हो। किसान से लेकर जवान सभी को बिजली की जरूरत होती है।
जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पावर के क्षेत्र में गंभीरता के साथ काम
करने की आवश्यकता है।

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