-->

Breaking News

कंगारुओँ पर रिकॉर्ड जीत के बाद भी धोनी नाखुश!

नई दिल्ली। वनडे क्रिकेट इतिहास में बड़े स्कोर का पीछा कर हासिल की गई तीन सबसे बड़ी जीतों में से दो भारत के नाम हो गई हैं लेकिन भारत के इस रिकॉर्ड के लिए वनडे के नए नियमों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। क्रिकेट के जानकार इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नए बदलाव से वनडे में बैट और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी सीरीज में दो बार टीम इंडिया ने 350 से ज्यादा के आंकड़े को पार कर रिकॉर्ड जीत हासिल की है। दर्शक भारत की इस जीत का पूरा आनंद ले रहे थे। ड्रेसिंग रूम सीरीज बराबरी की खुशी मनाने में व्यस्त था लेकिन भारतीय कप्तान धोनी के चेहरे पर वो खुशी नहीं दिख रही थी।

टीम इंडिया के कप्तान धोनी साल की शुरुआत में लाए गए वनडे क्रिकेट में नए नियमों की खुलकर आलोचना करते आए हैं। उनके पास इसके लिए अब वजह भी हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में उनकी गेंदबाजी लगातार फ्लॉप रही है। ऐसे में नए नियम आने के बाद गेंदबाजों के लिए और मुश्किल हो जाएगी।

नए नियम के मुताबिक जरूरी पावरप्ले 20 से घटाकर 15 कर दिए गए हैं लेकिन बल्लेबाजों के लिए बाउंड्री लगाना और भी आसान हो गया है क्योंकि 30 गज के बाहर अब 4 ही फील्डर रहते हैं। इसके अलावा 2 नई गेंद के इस्तेमाल के बाद गेंदबाजों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। तेज गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग पाने में मुश्किलें आ रही हैं जबकि स्पिनर्स को गेंद टर्न कराने में। घेरे के बाहर फील्डिंग कमजोर हो जाती है।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से पुराने नियम को ही लागू करने की सिफारिश की थी जिसमें 50 ओवर तक एक ही गेंद का इस्तेमाल होता था लेकिन आईसीसी ने इस मांग को अनसुना कर दिया। धोनी को लगता है कि अगर ये नियम रहा तो आने वाले दिनों में एक अच्छा वनडे स्कोर क्या हो, इसकी परिभाषा बदल जाएगी।

सपाटा पिच, बेहतर बल्लेबाजी, छोटे होते मैदान और तेज आउटफील्ड। वनडे क्रिकेट में ये सभी बदलाव गेंदबाजों के लिए काफी खतरनाक साबित होंगे। खासतौर पर भारतीय उप-महाद्वीप में तो और भी ज्यादा। सवाल ये है कि क्या आईसीसी अपने फैसले पर दोबारा विचार कर वनडे क्रिकेट को जीवनदान देगा।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com