हिंदी भाषा के विस्तार के लिए काम करने के निर्देश
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को यहां राजभाषा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने हिंदी भाषा के विस्तार के लिए काम करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभाग द्वारा अपने कार्यों व चुनौतियों पर प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री द्वारा प्रस्तुतीकरण के पश्चात ये निर्देश दिए गए-
1. केंद्रीय हिंदी समिति जिसकी वार्षिक बैठक पिछले तीन वर्षों से नहीं हुई है, उसकी बैठक तत्काल करवाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
2. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से आम जनता से जुडऩे के लिए वेबसाइट को रोचक बनाने एवं हिन्दी के व्यावहारिक प्रयोग के लिए उपयोगी बनाने के उपाय किए जाएं।
3. हिंदी भाषी तथा देवनागरी लिपि को प्रयोग करने वाले राज्यों से भी मिलकर काम करने के लिए नई योजना बनाई जाए ताकि सभी को साथ लेकर हिंदी के प्रयोग को सफलतापूर्वक देशभर में विस्तार दिया जा सके।
4. हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए केंद्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग एवं केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग के सभी अधिकारियों को हिंदी में काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए।
प्रस्तुतीकरण के दौरान यह अवगत कराया गया कि राजभाषा विभाग केवल केंद्रीय सरकार के विभागों, उपक्रमों तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ राजभाषा हिंदी को व्यापक करने हेतु कार्य करता है।
हिंदी के प्रयोग को और व्यापक करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अनुवाद कार्य को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। हिंदी के प्रयोग के लिए आई.टी टूल्स के अभाव और विभागों द्वारा प्रयोग में आ रही कंप्यूटरीकृत प्रणालियों में हिंदी का प्रावधान न होने पर भी चर्चा हुई।
विभाग द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए देश भर में 342 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां (नराकास) गठित की गई हैं और राज्य सरकारों के दफ्तरों को भी इनमें शामिल करने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि देश के हर जिले में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां गठित की जाएगी।
राजभाषा-विभाग की सचिव नीता चौधरी ने बताया कि हिंदीतर भाषी क्षेत्र चेन्नई में भी हिन्दी के क्षेत्र में उत्साहवर्धक संकेत देखने को मिले हैं जब हाल ही में हिन्दी सम्मेलन में 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि शोध संस्थानों में भी हिन्दी के विस्तार के लिए कार्य जारी है और सी.एस.आई.आर., एच.ए.एल. जैसे संस्थानों में कई तकनीकी दस्तावेजों को हिन्दी में अनुवाद किए गए हैं।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री द्वारा प्रस्तुतीकरण के पश्चात ये निर्देश दिए गए-
1. केंद्रीय हिंदी समिति जिसकी वार्षिक बैठक पिछले तीन वर्षों से नहीं हुई है, उसकी बैठक तत्काल करवाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए।
2. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से आम जनता से जुडऩे के लिए वेबसाइट को रोचक बनाने एवं हिन्दी के व्यावहारिक प्रयोग के लिए उपयोगी बनाने के उपाय किए जाएं।
3. हिंदी भाषी तथा देवनागरी लिपि को प्रयोग करने वाले राज्यों से भी मिलकर काम करने के लिए नई योजना बनाई जाए ताकि सभी को साथ लेकर हिंदी के प्रयोग को सफलतापूर्वक देशभर में विस्तार दिया जा सके।
4. हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए केंद्रीय सचिवालय सेवा संवर्ग एवं केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा संवर्ग के सभी अधिकारियों को हिंदी में काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए।
प्रस्तुतीकरण के दौरान यह अवगत कराया गया कि राजभाषा विभाग केवल केंद्रीय सरकार के विभागों, उपक्रमों तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ राजभाषा हिंदी को व्यापक करने हेतु कार्य करता है।
हिंदी के प्रयोग को और व्यापक करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अनुवाद कार्य को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। हिंदी के प्रयोग के लिए आई.टी टूल्स के अभाव और विभागों द्वारा प्रयोग में आ रही कंप्यूटरीकृत प्रणालियों में हिंदी का प्रावधान न होने पर भी चर्चा हुई।
विभाग द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए देश भर में 342 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां (नराकास) गठित की गई हैं और राज्य सरकारों के दफ्तरों को भी इनमें शामिल करने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि देश के हर जिले में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां गठित की जाएगी।
राजभाषा-विभाग की सचिव नीता चौधरी ने बताया कि हिंदीतर भाषी क्षेत्र चेन्नई में भी हिन्दी के क्षेत्र में उत्साहवर्धक संकेत देखने को मिले हैं जब हाल ही में हिन्दी सम्मेलन में 500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि शोध संस्थानों में भी हिन्दी के विस्तार के लिए कार्य जारी है और सी.एस.आई.आर., एच.ए.एल. जैसे संस्थानों में कई तकनीकी दस्तावेजों को हिन्दी में अनुवाद किए गए हैं।

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