महाराष्ट्र में सीएम को लेकर सरगर्मी तेज
नई दिल्ली : महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्र बताते हैं कि सूबे के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार देर रात सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल से मुलाकात की। अहमद पटेल के घर पर चव्हाण की यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। माना जा रहा है कि बैठक में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नेतृत्व परिवर्तन की बात हुई है। चव्हाण संभवत: आज कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
उधर, महाराष्ट्र में सीएम बदलने को लेकर कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि अगर कांग्रेस मुख्यमंत्री बदलती है तो उनकी पार्टी को इसमें कोई ऐतराज नहीं है। सूत्रों का यह भी कहना है कि शरद पवार के इशारे पर ही पृथ्वीराज चव्हाण को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से हटाने की बात चल रही है। पवार ने यहां तक चेतावनी दे दी है कि अगर कांग्रेस चव्हाण को नहीं हटाती है तो एनसीपी महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला कर सकती है।
पवार ने दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ए.के. एंटनी और अहमद पटेल के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया था। पवार पहले भी 7 मुद्दों वाली एक चिट्ठी कांग्रेस को लिख चुके हैं। जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी से चव्हाण के कामकाज के तरीकों की शिकायत की थी। पवार ने चिट्ठी में लिखा था कि चव्हाण महाराष्ट्र में एनसीपी विरोधी एजेंडा पर काम कर रहे हैं। पवार ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में हार के लिए भी दोनों पार्टियों के बीच तालमेल की कमी को वजह बताया था।
पवार ने गुरुवार की बैठक में एंटनी और पटेल से कहा कि कांग्रेस को पृथ्वीराज चव्हाण की जगह अशोक चव्हाण या सुशील कुमार शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। हालांकि इस मामले में कांग्रेस के नेताओं ने कोई वादा नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि वह इस बात को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचा देंगे। लेकिन शिंदे के करीबियों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में हार के बाद शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के मूड में नहीं हैं।
शिंदे के करीब सहयोगी ने बताया, '2004 में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को जीत दिलाने के बाद भी शिंदे की जगह विलासराव देशमुख को आगे कर दिया गया था। वह इससे इतने आहत हुए थे कि उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में कभी न लौटने की प्रतिज्ञा कर ली थी। हालांकि हाईकमान के आदेश को वह स्वीकार कर सकते हैं।'
उधर, महाराष्ट्र में सीएम बदलने को लेकर कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि अगर कांग्रेस मुख्यमंत्री बदलती है तो उनकी पार्टी को इसमें कोई ऐतराज नहीं है। सूत्रों का यह भी कहना है कि शरद पवार के इशारे पर ही पृथ्वीराज चव्हाण को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से हटाने की बात चल रही है। पवार ने यहां तक चेतावनी दे दी है कि अगर कांग्रेस चव्हाण को नहीं हटाती है तो एनसीपी महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला कर सकती है।
पवार ने दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ए.के. एंटनी और अहमद पटेल के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया था। पवार पहले भी 7 मुद्दों वाली एक चिट्ठी कांग्रेस को लिख चुके हैं। जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी से चव्हाण के कामकाज के तरीकों की शिकायत की थी। पवार ने चिट्ठी में लिखा था कि चव्हाण महाराष्ट्र में एनसीपी विरोधी एजेंडा पर काम कर रहे हैं। पवार ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में हार के लिए भी दोनों पार्टियों के बीच तालमेल की कमी को वजह बताया था।
पवार ने गुरुवार की बैठक में एंटनी और पटेल से कहा कि कांग्रेस को पृथ्वीराज चव्हाण की जगह अशोक चव्हाण या सुशील कुमार शिंदे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। हालांकि इस मामले में कांग्रेस के नेताओं ने कोई वादा नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि वह इस बात को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचा देंगे। लेकिन शिंदे के करीबियों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में हार के बाद शिंदे महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के मूड में नहीं हैं।
शिंदे के करीब सहयोगी ने बताया, '2004 में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को जीत दिलाने के बाद भी शिंदे की जगह विलासराव देशमुख को आगे कर दिया गया था। वह इससे इतने आहत हुए थे कि उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में कभी न लौटने की प्रतिज्ञा कर ली थी। हालांकि हाईकमान के आदेश को वह स्वीकार कर सकते हैं।'

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