उमा मंत्री हैं, धार्मिक व्यवस्थाओं में दखल न दें: शंकराचार्य
नई दिल्ली :
शिरडी के साईं बाबा की पूजा को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले
रहा है। साईं बाबा की पूजा को सही बताने पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद
केंद्रीय मंत्री उमा भारती पर जमकर बरसे। शंकराचार्य ने कहा कि उमा भारती
साईं की पूजा का समर्थन कर दबाब की राजनीति कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उमा मंत्री हैं, भगवान नहीं, उन्हें जनता ने शासन करने के लिए चुना है और वो धार्मिक व्यवस्थाओं में दखल न दें। गौरतलब है कि उमा भारती ने हरिद्वार में साईं पूजा का समर्थन करते हुए कहा था कि वो खुद साईं भक्त हैं और यदि उनके भक्त साईं को भगवान मानते हैं तो क्या गलत है।
शंकराचार्य केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के इस बयान पर बिफर गए हैं। उन्होंने उमा भारती की गुरु भक्ति को ही सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिन गुरु स्वामी विश्वेश तीर्थ से संन्यास की दीक्षा ली हैं, वह साईं पूजा का विरोध कर रहें हैं। उन्होंने हमारी बात का सर्मथन किया है।
सनातन पंरपरा में संन्यासी गुरु भक्त होता है तो उमा कैसी संन्यासिनी हैं जो अपने गुरु के विरूद्ध जा रही हैं। शंकराचार्य ने कहा कि हिन्दू धर्म में सनातन धर्म में आचार्य धार्मिक व्यवस्थाओं को देखते हैं और उमा बताएं कि कौन सा आचार्य कह रहा है कि साईं की पूजा करना उचित है।
उन्होंने कहा कि उमा मंत्री हैं, भगवान नहीं, उन्हें जनता ने शासन करने के लिए चुना है और वो धार्मिक व्यवस्थाओं में दखल न दें। गौरतलब है कि उमा भारती ने हरिद्वार में साईं पूजा का समर्थन करते हुए कहा था कि वो खुद साईं भक्त हैं और यदि उनके भक्त साईं को भगवान मानते हैं तो क्या गलत है।
शंकराचार्य केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के इस बयान पर बिफर गए हैं। उन्होंने उमा भारती की गुरु भक्ति को ही सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए कहा कि जिन गुरु स्वामी विश्वेश तीर्थ से संन्यास की दीक्षा ली हैं, वह साईं पूजा का विरोध कर रहें हैं। उन्होंने हमारी बात का सर्मथन किया है।
सनातन पंरपरा में संन्यासी गुरु भक्त होता है तो उमा कैसी संन्यासिनी हैं जो अपने गुरु के विरूद्ध जा रही हैं। शंकराचार्य ने कहा कि हिन्दू धर्म में सनातन धर्म में आचार्य धार्मिक व्यवस्थाओं को देखते हैं और उमा बताएं कि कौन सा आचार्य कह रहा है कि साईं की पूजा करना उचित है।

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